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बाढ़ के पानी से घिरे पांच गांव, सुरक्षित स्थान पर जा रहे पीड़ित

Fri, 06 Aug 2021 11:27 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 06 Aug 2021 11:27 PM IST
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Five villages surrounded by flood water, victims going to a safe place
रेवतीपुर थाना क्षेत्र के कामाख्या धाम बाईपास रोड पर लगे बाढ़ के पानी से गुजरता टैम्पू। - फोटो : GHAZIPUR
चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। गंगा में उफान से बाढ़ का पानी गांवों में पहुंच गया है। रेवतीपुर क्षेत्र के चार गांव बीरउपुर, अठहठा, हसनपुरा, नगदिलपुर और नसीरपुर चारों तरफ से पानी से घिर गए हैं। इन गांवों के लोग पशुओं और जरूरी सामान लेकर लेकर सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे हैं। मां कामाख्या धाम जाने वाली सड़क पर बाढ़ का पानी आने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। बाढ़ की स्थिति देख तटवर्ती क्षेत्र के लोग सहम गए हैं। प्रशासनिक अधिकारी एवं राजस्व कर्मी लगातार गंगा के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।
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सुहवल संवाददाता के अनुसार शुक्रवार की सुबह दस बजे गंगा का जलस्तर 62.460 दर्ज किया गया। इसके बाद 12 बजे 62.580, दो बजे 62.680 तथा तीन बजे तक जलस्तर 62.720 मीटर, शाम पांच बजे 62.79, शाम सात बजे 62.85 दर्ज किया गया। गंगा का जलस्तर अब खतरे के निशान से 24 सेंटीमीटर नीचे पहुंचा है। जिले में गंगा के खतरे का निशान 63.105 मीटर है। आशंका जताई जा रही है कि जलस्तर इसी गति से बढ़ा तो रात में कई गांव बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे। गंगा का पानी अब तटवर्ती गांव के कई निचले हिस्सों तक पहुंच गया है। नदी से सटे खेतों में पानी भरने से पशुओं का चारा डूब जाने से पशुपालक चारा काटकर सुरक्षित स्थान पर ले जा रहे हैं। अगर बाढ़ का पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो इन तटवर्ती गांव के लोगों की परेशानी बढ़ जाएगी।
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रेवतीपुर संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के बीरउपुर, अठहठा, हसनपुरा, नगदिलपुर, नसीरपुर गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। खेत डूब जाने से फसल को नुकसान पहुंचा है। सबसे अधिक संकट पशुओं के चारे का हो गया है। प्रभावित लोग अपने पशुओं को लेकर सुरक्षित स्थानों और राहत केंद्र की ओर जाने लगे हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से कोई भी व्यवस्था नहीं की गई है। रेवतीपुर से मां कामाख्या धाम जाने वाली सड़क पर बाढ़ का पानी आने से लोगों को आने-जाने में कठिनाई हो रही है। मां कामाख्या धाम जाने वाली रोड पर पानी आने से पुल का एप्रोच टूटने का खतरा बढ़ गया है। भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष सुजीत राय ने बताया कि लगातार पानी बढ़ रहा है लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई भी व्यवस्था नहीं की गई है।
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कोट
बाढ़ की चुनौती से निबटने के लिए हर संभव तैयारियां की गई हैं। राहत एवं बचाव दल सहित जिला प्रशासन पूरी तरह से चौकस है। बाढ़ से प्रभावित होने पर संबंधित गांव के लोगों को सुरक्षित बाढ़ शरणालयों में नाव आदि से पहुंचाया जाएगा।-राजेश कुमार सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व

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फसल डूबी, नुकसान को लेकर किसान चिंतित
गाजीपुर। बाढ़ के पानी से रेवतीपुर के तटवर्ती गांव में पानी घुसने से फसल डूब गए है। वहीं नुकसान को लेकर तटवर्ती क्षेत्र के लोग भयभीत हैं। सबसे ज्यादा किसान अपनी फसलों को लेकर चिंतित हैं। नदी के तटवर्ती क्षेत्र में किसानों ने परवल, खीरा आदि की खेती की गई है। रेवतीपुर, रामपुर, बीरउपुर, नसीरपुर, उतरौली, परमानंदपुर, तिलवा, गोपालपुर आदि गांवों के सिवान में बाढ़ का पानी पहुंचने से सैकड़ों बीघे बाजरा, ज्वार, उर्द, परवल आदि की फसल बर्बाद होने के कगार पर है। यह देखकर किसान चिंतित हैं।
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