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पांच दिनों से सुलग रही थी गुस्से की चिंगारी
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Thu, 23 Apr 2015 11:10 PM IST
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रेवतीपुर गांव निवासी राजेश यादव हत्याकांड के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर पिछले पांच दिनों से लोगों के बीच गुस्से की चिंगारी सुलग रही थी। पुलिस की उदासीनता लोगों का नागवार गुजरी, जिसके चलते गुरुवार को सिंह लाइफ केयर हास्पिटल पर इतना बड़ा बवाल हुआ। इसमें पुलिसकर्मियों को भी भीड़ का निशाना बनना पड़ा।
बता दें पोस्टमार्टम रिपोर्ट में राजेश यादव के शरीर पर चोट के 24 निशान मिले। फिर भी पुलिस प्रथम दृष्टया मौत का कारण सड़क दुर्घटना ही मानती रही। इसको लेकर मृतक के घरवालों सहित तमाम लोग पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल खड़े करने लगे। उनका कहना था कि राजनीतिक दबाव में आरोपी चिकित्सक दंपती को बचाया जा रहा है। फिर भी पुलिस मौत के कारणों की वैज्ञानिक जांच कराने की बात कह कर कार्रवाई से अपने हाथ खींच लिए। इसको लेकर छात्र नेताओं ने दो दिन पूर्व पुलिस कप्तान का पुतला फूंका था।
यही नहीं आरोपी चिकित्सक दंपती की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बीते बुधवार को पकड़ी और गौरा गांव के सैकड़ों लोगों ने सुहवल तिराहे पर चक्काजाम कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की थी लेकिन पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए कोई कदम नहीं उठाए। इसको लेकर लोग आक्रोशित हो गए और हास्पिटल में अगजनी और तोड़फोड़ करने की अंदरखाने योजना तैयार कर ली। सूत्रों की मानें तो इसके लिए कई गांव के लोगों से संपर्क भी साधा गया था। इसमें महिलाएं भी शामिल रहीं। इसके बाद लोगों का गुस्सा इस कदर भड़का कि हास्पिटल पर पथराव, आगजनी की गई। आक्रोशित लोग पुलिस को पूरी तरह से कोस रहे थे।
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बता दें पोस्टमार्टम रिपोर्ट में राजेश यादव के शरीर पर चोट के 24 निशान मिले। फिर भी पुलिस प्रथम दृष्टया मौत का कारण सड़क दुर्घटना ही मानती रही। इसको लेकर मृतक के घरवालों सहित तमाम लोग पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल खड़े करने लगे। उनका कहना था कि राजनीतिक दबाव में आरोपी चिकित्सक दंपती को बचाया जा रहा है। फिर भी पुलिस मौत के कारणों की वैज्ञानिक जांच कराने की बात कह कर कार्रवाई से अपने हाथ खींच लिए। इसको लेकर छात्र नेताओं ने दो दिन पूर्व पुलिस कप्तान का पुतला फूंका था।
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यही नहीं आरोपी चिकित्सक दंपती की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बीते बुधवार को पकड़ी और गौरा गांव के सैकड़ों लोगों ने सुहवल तिराहे पर चक्काजाम कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की थी लेकिन पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए कोई कदम नहीं उठाए। इसको लेकर लोग आक्रोशित हो गए और हास्पिटल में अगजनी और तोड़फोड़ करने की अंदरखाने योजना तैयार कर ली। सूत्रों की मानें तो इसके लिए कई गांव के लोगों से संपर्क भी साधा गया था। इसमें महिलाएं भी शामिल रहीं। इसके बाद लोगों का गुस्सा इस कदर भड़का कि हास्पिटल पर पथराव, आगजनी की गई। आक्रोशित लोग पुलिस को पूरी तरह से कोस रहे थे।
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