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Ghazipur News: अस्पतालों में बेड सुरक्षित पर फीवर हेल्पडेस्क निष्क्रिय
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वायरल बुखार के बढ़े मरीज, रोज 50 से 60 पहुंच रहे जिला अस्पताल
फिलहाल जिले में मलेरिया और डेंगू के मरीजों की संख्या है शून्य
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। बरसात के मौसम में संक्रामक बीमारियों ने पांव पसारना शुरू कर दिया हैं। मेडिकल कॉलेज के अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन उपचार कराने 50 से 60 मरीज पहुंच रहे हैं। हालांकि राहत की बात तो यह है कि मलेरिया और डेंगू के मरीजों की संख्या वर्तमान समय में संख्या शून्य है।
इधर कोविड संक्रमण काल के दौरान स्थापित फीवर डेस्क अभी तक सक्रिय नहीं किया गया है। ऐसे में मरीजों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। अस्पतालों में उपचार के लिए बेड सुरक्षित करने के साथ डाक्टरों को दिशा-निर्देश भी जारी किया गया है, जिससे मरीजों को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।
बरसात के मौसम में डेंगू, मलेरिया का प्रकोप बढ़ जाता है। ऐसे में शासन के निर्देश पर संचारी रोग नियंत्रण पखवाड़ा का संचालन हो रहा है। इस अभियान के तहत लोगों को जागरूक करने के साथ आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर पहुंच कर बुखार से पीड़ित मरीजों की सूची भी तैयार कर रही हैं।
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हालांकि डेंगू, मलेरिया के मामले तो सामने नहीं आए हैं, लेकिन अस्पतालों की ओपीडी में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। प्रतिदिन उपचार के लिए आए रहे मरीज में अभी तक एक भी मरीज वार्ड में भर्ती नहीं हुए हैं। हालांकि की वायरल बुखार के बढ़ रहे मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल प्रशासन ने डाक्टरों को निर्देश दिया है।
उधर ग्रामीण इलाकों में स्थापित सीएचसी-पीएचसी पर बेड तो सुरक्षित किया गया है। लेकिन फीवर हेल्प डेस्क स्थापित नहीं कराया गया है। जबकि जिला अस्पताल में स्थापित हेल्प डेस्क अब तक सक्रिय नहीं किया गया है। ऐसे मरीजों को बेहतर और परामर्श के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
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वायरल बुखार के मरीज उपचार कराने पहुंच रहे हैं, जबकि मलेरिया और डेंगू के मरीज नहीं मिले हैं। बेड सुरक्षित करने के साथ बेहतर उपचार का दिशा-निर्देश चिकित्सकों मेडिकल कालेज प्रशासन द्वारा दिया गया है।
-डा. राजेश सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल
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फिलहाल जिले में मलेरिया और डेंगू के मरीजों की संख्या है शून्य
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। बरसात के मौसम में संक्रामक बीमारियों ने पांव पसारना शुरू कर दिया हैं। मेडिकल कॉलेज के अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन उपचार कराने 50 से 60 मरीज पहुंच रहे हैं। हालांकि राहत की बात तो यह है कि मलेरिया और डेंगू के मरीजों की संख्या वर्तमान समय में संख्या शून्य है।
इधर कोविड संक्रमण काल के दौरान स्थापित फीवर डेस्क अभी तक सक्रिय नहीं किया गया है। ऐसे में मरीजों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। अस्पतालों में उपचार के लिए बेड सुरक्षित करने के साथ डाक्टरों को दिशा-निर्देश भी जारी किया गया है, जिससे मरीजों को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।
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बरसात के मौसम में डेंगू, मलेरिया का प्रकोप बढ़ जाता है। ऐसे में शासन के निर्देश पर संचारी रोग नियंत्रण पखवाड़ा का संचालन हो रहा है। इस अभियान के तहत लोगों को जागरूक करने के साथ आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर पहुंच कर बुखार से पीड़ित मरीजों की सूची भी तैयार कर रही हैं।
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हालांकि डेंगू, मलेरिया के मामले तो सामने नहीं आए हैं, लेकिन अस्पतालों की ओपीडी में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। प्रतिदिन उपचार के लिए आए रहे मरीज में अभी तक एक भी मरीज वार्ड में भर्ती नहीं हुए हैं। हालांकि की वायरल बुखार के बढ़ रहे मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल प्रशासन ने डाक्टरों को निर्देश दिया है।
उधर ग्रामीण इलाकों में स्थापित सीएचसी-पीएचसी पर बेड तो सुरक्षित किया गया है। लेकिन फीवर हेल्प डेस्क स्थापित नहीं कराया गया है। जबकि जिला अस्पताल में स्थापित हेल्प डेस्क अब तक सक्रिय नहीं किया गया है। ऐसे मरीजों को बेहतर और परामर्श के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
वायरल बुखार के मरीज उपचार कराने पहुंच रहे हैं, जबकि मलेरिया और डेंगू के मरीज नहीं मिले हैं। बेड सुरक्षित करने के साथ बेहतर उपचार का दिशा-निर्देश चिकित्सकों मेडिकल कालेज प्रशासन द्वारा दिया गया है।
-डा. राजेश सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल