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Ghazipur News: बारिश से खेतों में लोटने लगे फसल, बूंदा-बांदी का संभावना बरकरार

Sun, 02 Apr 2023 12:19 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 02 Apr 2023 12:19 AM IST
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Farmers' hopes dashed due to crops falling in the fields
बारिश से खेतों में लोटने लगे फसल, बूंदा-बांदी का संभावना बरकरार
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- सातों तहसील के 15 बीमित किसानों ने फसल की बर्बादी को लेकर छतिपूर्ति का आवेदन किया
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। गेहूं, जौ, चना समेत अन्य लहलहाती फसलों को बेमौसम बारिश ने काफी नुकसान पहुंचाया है। फसलें खेतों में गिर गई हैं और बालियां भी टूटकर बिखरने लगी है। कृषि विभाग की माने तो जनपद में करीब 15 फीसदी खेती प्रभावित हुई है। हालांकि, अभी इसको लेकर सर्वे होना बाकी है। जनपद में पिछले तीन दिनों से बारिश का क्रम जारी है। शनिवार को भी शहर सहित ग्रामीण इलाकों में छिटपुट बारिश हुई। लगातार बूंदाबांदी और बारिश के बीच मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि अगले कुछ दिन मौसम ऐसे ही रहेगा। बादल छाए रहेंगे और बूंदाबांदी होने की संभावना है। ऐसे में किसानों के सामने खेत-खलिहान में पड़े फसलों की थ्रेसिंग को लेकर चिंता की लकीर गहरा गई है और उन्हें अपने सभी अरमानों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
15 बीमित किसानों ने क्षतिपूर्ति के लिए किया आवेदन
गाजीपुर। सातों तहसील के 15 बीमित किसानों ने फसल की बर्बादी को लेकर क्षतिपूर्ति का आवेदन किया है। जनपद में फिलहाल, साढ़े सोलह हजार किसानों ने बीमा कराया है। इन्हें 72 घंटे में फसल के नुकसान को लेकर शिकायत दर्ज करानी होती है। इधर, शासन के निर्देश के बाद राजस्व और कृषि विभाग की ओर से फसल के बर्बादी को लेकर सर्वे कराने की तैयारी है।
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नम हुए खेतों में कटाई होगी मुश्किल
बारा । मौसम के बदलने से फिर से हल्की सर्दी का अहसास होने लगा। अभी हफ्ते भर पहले मौसम में परिवर्तन आया था। बारिश के साथ ही ओले भी पड़े थे। इससे किसानों की गेहूं, सरसों और चने की फसल को काफी नुकसान हुआ था, जैसे-तैसे किसान फिर सरसों एवं चने की कटाई में जुट गए थे। मगर, बृहस्पतिवार शाम से मौसम ने एक बार फिर करवट ली। शाम पांच बजे एकदम से मौसम बदल गया और आसमान में बादल छा गए। पहले तेज हवा चली जिससे खेतों में कटी सरसों और चने की फसल बिखर गई। उसके बाद रही सही कसर बारिश ने पूरी कर दी। शनिवार सुबह से सेवराई तहसील क्षेत्र में बारिश शुरू हुई और देर रात तक हल्की हल्की बूंदें टपकती रही। इससे खेतों में नमी आ जाएगी और खेतों में गिरी गेहूं की बाली खराब होने की संभावना बढ़ जाएगी। साथ ही गेहूं की कटाई में भी दिक्कत आएगी। उधर बारिश होने से एक बार फिर मौसम में नमी आ गई है और तापमान में हल्की गिरावट महसूस की गई है।
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गेहूं के बोझ पानी में भींगकर हुए लथपथ
मौधा/ दुल्लहपुर। संवाददाता के अनुसार, सैदपुर क्षेत्र में बीते दस दिनों में करीब सौ हेक्टेयर क्षेत्र में लगी गेहूं की फसल बारिश एवं तेज हवाओं के चलते खेतों में गिर गई है। ऐसे मेें दाने काले पड़ने की पूरी आशंका है। हालांकि किसानों को आस थी कि धूप पड़ने के बाद फसल दोबारा खड़ी हो जाएगी। लेकिन शुक्रवार और शनिवार को हुई बारिश से फसल खेतों में पूरी तरह बिछ गई है। किसानों ने बताया कि सबसे अधिक दुश्वारियां उन्हें झेलनी पड़ रही हैं, जिन्होंने गेहूं का बोझ बनाकर खेतों में रख छोड़ा था, और बारिश के पानी में वे पूरी तरह से लथपथ हो गए हैँ।
दुल्लहपुर संवाददाता के अनुसार, जखनिया तहसील क्षेत्र में शनिवार को जोरदार बारिश के साथ तेज हवा चलने की वजह से जहां बाजारों में जलजमाव की स्थिति बन गई। वहीं किसानों पर सबसे बड़ी आफत आ गई। किसानों ने अपने गेहूं की फसल काटकर खेतों में छोड़ दिए थे। कुछ किसान अपनी फसल काटने का इंतजार में लगे थे लेकिन आंधी और बारिश ने किसानों के पैदावार में काफी कमी बताई जा रही है। ऐसे में सैकड़ों किसान काफी प्रभावित हुए हैं।

खेतों में लगे लागत का 50 फीसदी भी गेहूं निकालना मुश्किल
अलीपुर मदरा रामायन यादव ने कहा कि छह बीघा गेहूं का फसल बोए थे। सारे दाने काले पड़ गए हैं। अब फसल काटने पर गेहूं अपने आप टूटकर गिरने लगेंगे। खेतों में लगे लागत का 50 फीसदी भी गेहूं निकालना मुश्किल हो जाएगा।
रविंद्र राजभर छ्तमा गांव निवासी ने बताया कि दस बिस्वा गेहूं का फसल बोए था सारे गेहूं का जो फसल तेज हवा के कारण खेतों में पसर गई है। अब उसको काटना अपने नुकसान करने के बराबर है। कुडिला गांव की राम अवतार चौहान ने बताया कि डेढ़ बीघा गेहूं का फसल बोए थे लेकिन सारे खड़ी फसल में झुलसा रोग लग जाने से पैदावार काफी कम होगा। रमापति राम तालभीतर गांव निवासी ने बताया कि 10 बिस्वा गेहूं का फसल काट के खेतों में छोड़ दिए थे जो पूरी तरह से बर्बाद के कगार पर है। मोहन यादव ताल भीतर गांव निवासी ने बताया कि तीन बीघा गेहूं का फसल बोए थे लेकिन बारिश में पूरी तरह से फसल चौपट हो गई है। 2014 में इसी तरह फसल नुकसान हुई थी। सरकार की तरफ से 12000 का मुआवजा मिला था।
रामदास राम ताल भीतर गांव निवासी ने बताया कि बेमौसम बारिश होने से फसल काफी नुकसान हुआ है सरकार को चाहिए कि किसानों को मुआवजा दें। इस सिलसिले में तहसीलदार राम जी से बात हुई तो उन्होंने कहा कि तहसील दिवस पर कोई आवेदन किसानों के नहीं आई है कि उनक फसल का नुकसान हुआ है। लेकिन सारे लेखपालों को निर्देशित किया गया है कि गांव में मूल्यांकन करें। अभी पांच फीसदी नुकसान होने का संभावना है लेकिन 33 फीसदी नुकसान होगा तो शासन के निर्देश पर मुआवजा दिया जाएगा।

सेवराई संवाददाता के अनुसार तहसील क्षेत्र में बीते दिनों से हो रही रुक-रुक कर बारिश के कारण किसानों की फसल बर्बाद हो गई है। पीड़ित किसानों ने बताया कि बारिश और ओलावृष्टि होने के कारण फसलों को खासा नुकसान पहुंचा है। इस बारिश की वजह से पैदावार पर भी इसका असर पड़ेगा। किसानों ने प्रधानमंत्री की फसल बीमा योजना अंतर्गत संबंधित साइट पर आवेदन कर फसल मुआवजे की मांग की है।

इस बाबत भदौरा ब्लाक के वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप बी उदय राज सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पंजीकृत किसान अपने फसलों के नुकसान को लेकर बीमा कंपनी को सीधे आवेदन कर सकते हैं। किसानों द्वारा किए गए आवेदन के तहत बीमा कंपनी के द्वारा जांच कर संबंधित किसानों के हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा और उन्हें मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है।
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राजस्व और कृषि विभाग की ओर से बारिश से नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। उसके आधार पर ही किसानों को नुकसान की क्षतिपूर्ति मुहैया कराई जाएगी।
मृत्युंजय सिंह, कृषि अधिकारी
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क्षतिपूर्ति के लिए इस नंबर पर दें सूचना
बीमा कंपनी का टोल फ्री नंबर-18008896868 और 18002660700
बीमा कंपनी का व्हाट्सएप नंबर- 7304524888
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(फोटो भी)
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