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Ghazipur News: घरवालों को मिली धमकी, अस्पताल में घायल की सुरक्षा बढ़ाई
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फोटो-
-आरोपियों के घर पर लटका ताला, दिन-रात दबिश दे रही पुलिस
-जान से मारने की कोशिश करने की धारा बढ़ाई, बदले गए विवेचक
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। शहर कोतवाली के तुलसी सागर वार्ड नंबर दो निवासी आलोक बलवंत (19) की जिला अस्पताल में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यह सुरक्षा परिजनों को धमकी के फोन के बाद के बाद बढ़ाई गई है। वहीं, मामले में पुलिस ने हत्या करने कोशिश की धारा भी बढ़ा दी गई है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है। वहीं कार्रवाई की डर से आरोपी के परिवार के लोग घर का ताला बंद कर पलायन कर गए हैं।
आलोक बलवंत की तहरीर के मुताबिक 11 सितंबर को प्रीतम नगर कॉलोनी में अपनेे दोस्त विकास यादव के साथ बैठकर गेम खेल रहा था। इसी दौरान पीछे से प्रकाश नगर निवासी निखिल, सकरा आदर्श गांव अमित यादव के साथ पहुंचा और पुरानी रंजिश में गोली चला दी। गाेली आलोक बलवंत के बाएं हाथ के कंधे पर लगी। मामले में पुलिस ने लीपापोती करते हुए मारपीट का मुकदमा दर्ज कर लिया था।
पीड़ित जिला अस्पताल में एक्स-रे कराने गया तो उसे पांच दिन बाद रिपोर्ट देने की बात कही गई थी। जिसपर उसने प्राइवेट में एक्स-रे कराया, जिसमें गोली दिखाई पड़ी, जिसे सिद्ध करने के लिए वह कोतवाली का चक्कर काट रहा था। आरोप है कि थाने के मुंशी से लेकर कोतवाल तक ने पीड़ित और उसके परिवार के लोगों को डांट फटकारकर भगा दिया गया। इसके बाद वह एमएलसी विशाल सिंह चंचल के जनता दरबार में अपनी पीड़ा लेकर पहुंचा।
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मामले के एक सप्ताह बाद पीड़ित की हालत देख एमएलसी भी हैरान हो गए। एमएलसी के हस्तक्षेप से पीड़ित का सोमवार को ऑपरेशन कराया गया तो गोली निकली। वहीं, मामले में पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने कोतवाल तेज बहादुर सिंह और विवेचक प्रभारी गोराबाजार चौकी प्रभारी अभिषेक सिंह को निलंबित कर दिया। साथ ही विवेचना की चौकी इंचार्ज जेल राम कुमार ओझा को जिम्मेदारी दी।
पूरे प्रकरण की जांच के लिए एसपी सिटी ज्ञानेंद्र को को जांच अधिकारी नामित किया है। पुलिस से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक मामला अब हाई प्रोफाइल हो जाने के बाद हड़कंप मच गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कोतवाली की पूरी टीम लगा दी गई है। वहीं,आरोपी के परिवार के परिवार के लोग घर का ताला बंद कर कहीं चले गए हैं। जिनकी खोजबीन में दबिश दे रही है। उधर, रात में पीड़ित के परिवार ने एमएलसी के प्रतिनिधि से शिकायत किया कि उन्हें विपक्षी से फोन पर धमकी मिल रही है, जिसकी जानकारी पुलिस के उच्चाधिकारियों को दी गई तो अस्पताल में दो सिपाहियों को तैनात कर दिया गया है।
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-आरोपियों के घर पर लटका ताला, दिन-रात दबिश दे रही पुलिस
-जान से मारने की कोशिश करने की धारा बढ़ाई, बदले गए विवेचक
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। शहर कोतवाली के तुलसी सागर वार्ड नंबर दो निवासी आलोक बलवंत (19) की जिला अस्पताल में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यह सुरक्षा परिजनों को धमकी के फोन के बाद के बाद बढ़ाई गई है। वहीं, मामले में पुलिस ने हत्या करने कोशिश की धारा भी बढ़ा दी गई है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है। वहीं कार्रवाई की डर से आरोपी के परिवार के लोग घर का ताला बंद कर पलायन कर गए हैं।
आलोक बलवंत की तहरीर के मुताबिक 11 सितंबर को प्रीतम नगर कॉलोनी में अपनेे दोस्त विकास यादव के साथ बैठकर गेम खेल रहा था। इसी दौरान पीछे से प्रकाश नगर निवासी निखिल, सकरा आदर्श गांव अमित यादव के साथ पहुंचा और पुरानी रंजिश में गोली चला दी। गाेली आलोक बलवंत के बाएं हाथ के कंधे पर लगी। मामले में पुलिस ने लीपापोती करते हुए मारपीट का मुकदमा दर्ज कर लिया था।
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पीड़ित जिला अस्पताल में एक्स-रे कराने गया तो उसे पांच दिन बाद रिपोर्ट देने की बात कही गई थी। जिसपर उसने प्राइवेट में एक्स-रे कराया, जिसमें गोली दिखाई पड़ी, जिसे सिद्ध करने के लिए वह कोतवाली का चक्कर काट रहा था। आरोप है कि थाने के मुंशी से लेकर कोतवाल तक ने पीड़ित और उसके परिवार के लोगों को डांट फटकारकर भगा दिया गया। इसके बाद वह एमएलसी विशाल सिंह चंचल के जनता दरबार में अपनी पीड़ा लेकर पहुंचा।
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मामले के एक सप्ताह बाद पीड़ित की हालत देख एमएलसी भी हैरान हो गए। एमएलसी के हस्तक्षेप से पीड़ित का सोमवार को ऑपरेशन कराया गया तो गोली निकली। वहीं, मामले में पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने कोतवाल तेज बहादुर सिंह और विवेचक प्रभारी गोराबाजार चौकी प्रभारी अभिषेक सिंह को निलंबित कर दिया। साथ ही विवेचना की चौकी इंचार्ज जेल राम कुमार ओझा को जिम्मेदारी दी।
पूरे प्रकरण की जांच के लिए एसपी सिटी ज्ञानेंद्र को को जांच अधिकारी नामित किया है। पुलिस से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक मामला अब हाई प्रोफाइल हो जाने के बाद हड़कंप मच गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कोतवाली की पूरी टीम लगा दी गई है। वहीं,आरोपी के परिवार के परिवार के लोग घर का ताला बंद कर कहीं चले गए हैं। जिनकी खोजबीन में दबिश दे रही है। उधर, रात में पीड़ित के परिवार ने एमएलसी के प्रतिनिधि से शिकायत किया कि उन्हें विपक्षी से फोन पर धमकी मिल रही है, जिसकी जानकारी पुलिस के उच्चाधिकारियों को दी गई तो अस्पताल में दो सिपाहियों को तैनात कर दिया गया है।