गाजीपुरः एशिया के सबसे बड़े गांव के पूर्व सैनिकों और ग्रामीणों ने रेलवे के खिलाफ खोला मोर्चा, ये है वजह
गहमर स्टेशन पर कोरोना काल के समय करीब 19 जोड़ी ट्रेनों का ठहराव खत्म कर दिया गया है। यहां ट्रेनों का ठहराव नहीं होने के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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उत्तर प्रदेश में गाजीपुर जिले के गहमर को एशिया के सबसे बड़े गांव के साथ ही सबसे ज्यादा सैनिकों वाले गांव का दर्जा हासिल है। गहमर और आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में भारतीय सेना में कार्यरत हैं। कोरोना काल के कारण यहां कई ट्रेनों का ठहराव बंद कर दिया गया। ट्रेनों के ठहराव को लेकर स्थानीय लोग बीते कई दिन से आंदोलन कर रहे हैं।
इसी क्रम में रविवार को गहमर स्टेशन पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन कर ट्रेनों के पुनः ठहराव की मांग की। इस प्रदर्शन में पूर्व सैनिकों, ग्रामीणों और महिलाओं ने भी हिस्सा लिया। व्यापार मंडल के सदस्यों ने भी मांग का समर्थन किया और आंदोलन में शामिल होने के साथ व्यापारिक गतिविधियों को बंद रखा। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने रेल विभाग को चेताया कि अगर ठहराव नहीं हुआ तो आर-पार की लड़ाई होगी।
बता दें कि गहमर स्टेशन पर कोरोना काल के समय करीब 19 जोड़ी ट्रेनों का ठहराव खत्म कर दिया गया है। यहां ट्रेनों का ठहराव नहीं होने के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रेल ठहराव आंदोलन समिति के सदस्यों के द्वारा पूर्व में कई बार रेल अधिकारियों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को इस बारे में अवगत कराते हुए रेल ठहराव की मांग की गई। लेकिन नतीजा सिफर रहा।
इधर, रविवार से शुरू अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन में उद्योग व्यापार मंडल गहमर, सेवराई और भदौरा के सभी व्यापारियों ने अपनी प्रतिष्ठानों को बंद रखते हुए धरने का समर्थन किया। भदौरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता ने कहा कि गहमर स्टेशन पर कम ट्रेनों के ठहराव से क्षेत्र के आम नागरिकों को तो असुविधा हो ही रही है।
साथ ही सैनिक बाहुल्य गांव गहमर के सीमा पर तैनात जवानों को भी आने-जाने में काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इस क्षेत्र की जनता की हित में ट्रेनों के पुनः ठहराव की मांग उचित है। इसमें व्यापारियों का भी हित जुड़ा है। हम इस उचित मांग के समर्थन में है।
लोगों को संबोधित करते हुए सैनिक संगठन के कोषाध्यक्ष शिवानंद सिंह ने कहा कि कोरोना काल का हवाला देकर यह सरकार गहमर के साथ भेदभाव कर रही है। कई बार लोगो द्वारा पत्रक देकर ट्रेन ठहराव को लेकर मांग की गई जो अनसुना कर दिया गया। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य विमला गुप्ता, पूर्व प्रधान मुरली कुशवाहा सहित क्षेत्र के अन्य लोग मौजूद रहे।
पूर्व पर्यटन मंत्री ने किया समर्थन, स्थानीय विधायक की खबर नहीं
रेल ठहराव के लिए धरना-प्रदर्शन को समर्थन करते हुए पूर्व पर्यटन मंत्री ओम प्रकाश सिंह के प्रतिनिधि मन्नू सिंह ने कहा कि इस लड़ाई में जो भी शामिल हो रहा है उसके लिए यह गर्व और सम्मान की बात होगी। गहमर जवानों का गांव है और रेल की सुविधा यहां जल्द बहाल होनी चाहिए।
गहमर में हो रहे रेल ठहराव आंदोलन के तहत जहां हर पार्टी कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि अपने उपस्थिति दर्ज करवा रहा है वहीं बगल में आवास होने के बावजूद क्षेत्रीय विधायक सुनीता सिंह का नहीं पहुंचना लोगों में चर्चा का विषय बना रहा। यह कार्यक्रम पहले से तय था।
रेल ठहराव संघर्ष समिति के सदस्यों के आवाहन पर स्टेशन परिसर में लोगों ने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया। जिसमें क्षेत्र के ग्राम प्रधान, पूर्व ग्राम प्रधान, जिला पंचायत सदस्य एवं अनेक क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि ने अपनी उपस्थिति की, लेकिन बगल में आवास होने के बावजूद क्षेत्रीय विधायक सुनीता सिंह का इस धरना प्रदर्शन को समर्थन नहीं मिलना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।