गाजीपुर। विकास भवन के पास निर्माणाधीन प्रेक्षागृह पांच वर्ष बाद भी पूर्ण नहीं हो सका है। स्थित यह है कि अब तक मात्र 60 फीसद ही कार्य पूरा किया जा सका है। जबकि बीते सितंबर माह में कार्यदायी संस्था ने छह माह में इसे पूरा करने का दावा किया था। धीमी गति से हो रहे कार्य को देखते हुए इस वर्ष भी इसका निर्माण पूरा होना संभव नहीं दिख रहा है। जिला मुख्यालय पर सांस्कृतिक गतिविधियों के बढ़ावा देने के लिए शासन ने अगस्त 2016 को प्रेक्षागृह (आडिटोरियम) का निर्माण करने की स्वीकृति दी थी। निर्माण कार्य के लिए आठ करोड़ 41 लाख की लागत निर्धारित की गई थी। निर्माण की जिम्मेदारी यूपीपीसीएल को दी गई थी। प्रेक्षागृह में एक भव्य स्टेट, स्वागत कक्ष, ग्रीन रूम, बैठने की सुविधा, शौचालय सहित प्रोजेक्टर रूम का निर्माण कराना था। कार्यदायी संस्था को मार्च 2017 से मार्च 2019 तक कई किस्तों में धनराशि भी जारी की गई। दिसंबर 2020 में कार्यदायी संस्था को एक करोड़ 70 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए। अब तक करीब छह करोड़ 48 लाख रुपये से अधिक की धनराशि कार्यदायी संस्था को दी जा चुकी है। प्रेक्षागृह का निर्माण कार्य जुलाई 2021 में पूरा होना था, लेकिन कार्य की धीमी गति से इसका निर्माण पूरा नहीं हो सका है। अभी तक छत की ढलाई, शेड का निर्माण, प्रोजेक्टर रूम और शौचालय का निर्माण शेष है। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों की मानें तो प्रेक्षागृह को आठ करोड़ 41 लाख रुपये में पूर्ण कराना है। ऐसे में शासन की ओर से 2017 मार्च, 2018 मार्च, 2019 मार्च और 2020 तक छह करोड़ 48 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए। कार्यदायी संस्था जल्द से जल्द निर्माण पूरा करने के लिए कार्य की रफ्तार तेज करने का दावा कर रही है। प्रेक्षा गृह में एक साथ 600 लोगों के बैठने की सुविधा होगी। चेंज रूम का भी निर्माण कराया जाएगा। इसके तैयार होने के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए स्थान नहीं तलाशनी होगी। जिलाधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि अब तक प्रेक्षागृह को पूर्ण होना चाहिए था। कार्यदायी संस्था ने जो समय मांगा था, वह निर्धारित समय भी बीत गया है। जल्द ही कार्यदायी संस्था से देरी का जवाब मांगा जाएगा।