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Ghazipur News: समझौते को लागू कराने को अड़े विद्युत कर्मचारी, प्रदर्शन
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रात में जनपद के सभी उपकेंद्र परिचालक अपना कार्यभार प्रशासनिक अमले को हैंडओवर करके हड़ताल में हुए शामिल
रात से 72 घंटे के हड़ताल के मद्देनजर जिला और पुलिस प्रशासन ने कसी कमर, उपकेंद्रों पर पुलिस और लेखपाल तैनात
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी विद्युत कर्मियों का कार्य बहिष्कार जारी रहा। इधर रात दस बजे से 72 घंटे के हड़ताल के मद्देनजर जिला और पुलिस प्रशासन के निर्देश पर विद्युत उपकेंद्रों पर पुलिस कर्मी और क्षेत्रवार लेखपाल की तैनाती सुबह दस बजे से कर दी गई हैं।
कार्य बहिष्कार के दौरान जिला संयोजक निर्भय नारायण सिंह ने कहा कि कर्मचारी पिछले वर्ष तीन दिसंबर के समझौते को लागू कराने पर अड़े हुए हैं। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर रात 10 बजे के बाद जनपद के सभी अधिकारी और कर्मचारी 72 घंटे के हड़ताल पर चले जाएंगे। सहसंयोजक अभिषेक राय ने कहा कि जायज मांगों को लेकर पूर्व में हुए समझौते को लागू करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन फिर भी प्रबंधन जानबूझकर अपनी जिद पर अड़ा हुआ है।
अधिशासी अभियंता सुजीत कुमार ने कहा कि प्रबंधन और समिति के नेताओं के बीच पहले चरण की वार्ता विफल हो चुकी है । जनपद के कर्मचारी -अधिकारी अपनी पूरी तैयारी के साथ हैं। रात 10 बजे से जनपद के सभी उपकेंद्र परिचालक अपना कार्यभार प्रशासनिक अमले को हैंडओवर करके पूर्ण रूप से हड़ताल में शामिल हो जाएंगे। इस दौरान पूरे जनपद में कोई भी विद्युतकर्मी कार्य नहीं करेगा और विद्युत सप्लाई बाधित होने पर फाॅल्ट भी अटेंड नहीं किया जाएगा।
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अधिशासी अभियंता हेमंत सिंह ने कहा कि हमारी मांग है कि पुरानी पेंशन बहाल किया जाए, विभाग में वर्षों से कार्यरत निविदा कर्मियों को नियमित किया जाए, इनके ईपीएफ घोटाले की जांच हो, जानबूझ कर अधिकारियों का शोषण बंद हो और जनता को सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध कराई जाए।
उपखंड अधिकारी शेखर सिंह ने कहा कि किसी भी प्रकार का प्रबंधन से टकराव नहीं चाहते हैं। यह हड़ताल विद्युत कर्मियों के ऊपर जानबूझकर थोपा जा रहा है। अगर प्रबंधन अपनी हठधर्मिता पर अड़ा रहा तो करीब 20 वर्षों के बाद फिर हड़ताल होगी। और किसी भी कीमत पर हम विद्युत कर्मी पीछे नहीं हटेंगे। जरूरत पड़ी तो जेल भरो आंदोलन भी किया जाएगा। इस मौके पर राहुल सिंह, प्रमोद कुमार, रोहित कुमार, चित्रसेन प्रसाद, मिठाई लाल, कैलाश यादव, गोविंद कुशवाहा, मनीष राय आदि मौजूद रहे।
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बिल न जमा होने से निराश हुए उपभोक्ता
औड़िहार। विद्युत कर्मियों के बीते 72 घंटे की हड़ताल के चलते कार्यालय में कामकाज ठप रहा, लेकिन आपूर्ति में कोई बाधा नहीं उत्पन्न हुई। विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति के आह्वान पर चल रही हड़ताल का असर उन उपभोक्ताओं पर पड़ा, जहां अचानक विद्युत लाइन में फाल्ट आया। उसे देखने वाला कोई नहीं था। सैदपुर विद्युत कार्यालय में बिल जमा करने गए लोगों को भी निराश होना पड़ा। दूसरी ओर विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति के नेताओं ने कहा कि समझौते का पालन न होने के कारण विद्युत कर्मचारी संघ के लोग आंदोलन पर उतरने को विवश हुए हैं। मांगों की अनदेखी की गई तो आगे से बिजली से जुड़ी सभी सेवाएं ठप कर देने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। कर्मचारी नेता ब्रह्मदेव सिंह, जयंती लाल, राजकुमार आदि ने बताया कि अगर मांगों को नहीं माना गया तो आंदोलन तेज होगा।
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उपकेंद्र पर तैनात दिखी पुलिस और लेखपाल
दुल्लहपुर। विद्युत कर्मचारियों के हड़ताल से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। विद्युत विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा प्रस्तावित हड़ताल के दृष्टिगत विद्युत उपकेंद्र एवं सयत्रों पर सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिया था। दुल्लहपुर विद्युत उपकेन्द्र पर शासन के निर्देश पर में राजस्व विभाग और पुलिस कर्मी तैनात थे, जिससे ब्रेकडाउन की स्थिति न होने पाए। पुलिस के जवान और लेखपाल विजय बहादुर राम पावर हाउस पर सुबह 10 बजे पहुंचकर जिम्मेदारी संभाल ली।
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रात से 72 घंटे के हड़ताल के मद्देनजर जिला और पुलिस प्रशासन ने कसी कमर, उपकेंद्रों पर पुलिस और लेखपाल तैनात
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी विद्युत कर्मियों का कार्य बहिष्कार जारी रहा। इधर रात दस बजे से 72 घंटे के हड़ताल के मद्देनजर जिला और पुलिस प्रशासन के निर्देश पर विद्युत उपकेंद्रों पर पुलिस कर्मी और क्षेत्रवार लेखपाल की तैनाती सुबह दस बजे से कर दी गई हैं।
कार्य बहिष्कार के दौरान जिला संयोजक निर्भय नारायण सिंह ने कहा कि कर्मचारी पिछले वर्ष तीन दिसंबर के समझौते को लागू कराने पर अड़े हुए हैं। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर रात 10 बजे के बाद जनपद के सभी अधिकारी और कर्मचारी 72 घंटे के हड़ताल पर चले जाएंगे। सहसंयोजक अभिषेक राय ने कहा कि जायज मांगों को लेकर पूर्व में हुए समझौते को लागू करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन फिर भी प्रबंधन जानबूझकर अपनी जिद पर अड़ा हुआ है।
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अधिशासी अभियंता सुजीत कुमार ने कहा कि प्रबंधन और समिति के नेताओं के बीच पहले चरण की वार्ता विफल हो चुकी है । जनपद के कर्मचारी -अधिकारी अपनी पूरी तैयारी के साथ हैं। रात 10 बजे से जनपद के सभी उपकेंद्र परिचालक अपना कार्यभार प्रशासनिक अमले को हैंडओवर करके पूर्ण रूप से हड़ताल में शामिल हो जाएंगे। इस दौरान पूरे जनपद में कोई भी विद्युतकर्मी कार्य नहीं करेगा और विद्युत सप्लाई बाधित होने पर फाॅल्ट भी अटेंड नहीं किया जाएगा।
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अधिशासी अभियंता हेमंत सिंह ने कहा कि हमारी मांग है कि पुरानी पेंशन बहाल किया जाए, विभाग में वर्षों से कार्यरत निविदा कर्मियों को नियमित किया जाए, इनके ईपीएफ घोटाले की जांच हो, जानबूझ कर अधिकारियों का शोषण बंद हो और जनता को सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध कराई जाए।
उपखंड अधिकारी शेखर सिंह ने कहा कि किसी भी प्रकार का प्रबंधन से टकराव नहीं चाहते हैं। यह हड़ताल विद्युत कर्मियों के ऊपर जानबूझकर थोपा जा रहा है। अगर प्रबंधन अपनी हठधर्मिता पर अड़ा रहा तो करीब 20 वर्षों के बाद फिर हड़ताल होगी। और किसी भी कीमत पर हम विद्युत कर्मी पीछे नहीं हटेंगे। जरूरत पड़ी तो जेल भरो आंदोलन भी किया जाएगा। इस मौके पर राहुल सिंह, प्रमोद कुमार, रोहित कुमार, चित्रसेन प्रसाद, मिठाई लाल, कैलाश यादव, गोविंद कुशवाहा, मनीष राय आदि मौजूद रहे।
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बिल न जमा होने से निराश हुए उपभोक्ता
औड़िहार। विद्युत कर्मियों के बीते 72 घंटे की हड़ताल के चलते कार्यालय में कामकाज ठप रहा, लेकिन आपूर्ति में कोई बाधा नहीं उत्पन्न हुई। विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति के आह्वान पर चल रही हड़ताल का असर उन उपभोक्ताओं पर पड़ा, जहां अचानक विद्युत लाइन में फाल्ट आया। उसे देखने वाला कोई नहीं था। सैदपुर विद्युत कार्यालय में बिल जमा करने गए लोगों को भी निराश होना पड़ा। दूसरी ओर विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति के नेताओं ने कहा कि समझौते का पालन न होने के कारण विद्युत कर्मचारी संघ के लोग आंदोलन पर उतरने को विवश हुए हैं। मांगों की अनदेखी की गई तो आगे से बिजली से जुड़ी सभी सेवाएं ठप कर देने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। कर्मचारी नेता ब्रह्मदेव सिंह, जयंती लाल, राजकुमार आदि ने बताया कि अगर मांगों को नहीं माना गया तो आंदोलन तेज होगा।
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उपकेंद्र पर तैनात दिखी पुलिस और लेखपाल
दुल्लहपुर। विद्युत कर्मचारियों के हड़ताल से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। विद्युत विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा प्रस्तावित हड़ताल के दृष्टिगत विद्युत उपकेंद्र एवं सयत्रों पर सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिया था। दुल्लहपुर विद्युत उपकेन्द्र पर शासन के निर्देश पर में राजस्व विभाग और पुलिस कर्मी तैनात थे, जिससे ब्रेकडाउन की स्थिति न होने पाए। पुलिस के जवान और लेखपाल विजय बहादुर राम पावर हाउस पर सुबह 10 बजे पहुंचकर जिम्मेदारी संभाल ली।