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Ghazipur News: डीजल के बाद इलेक्ट्रिक इंजन ने भी पकड़ी रफ्तार, 13 मिनट में सिटी से सोनवल
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सिटी स्टेशन से सोनवल के बीच
- धड़धड़ाते हुए 75 किमी. की रफ्तार से गंगा के ऊपर से गुजरा शब्दभेदी का इंजन
- 11 मार्च को डीजल इंजन का सफल ट्रायल हुआ था, देखने जुटी लोगों की भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर/सुहवल। सिटी स्टेशन से सोनवल तक 9.600 किमी. लंबे नए रेल लाइन पर शुक्रवार की शाम इलेक्ट्रिक लोको का सफल स्पीड ट्रायल हुआ। 11 मार्च को डीजल इंजन के सफल ट्रायल होने के बाद अब इलेक्ट्रिक इंजन ने भी बेधड़क नए रेल लाइन पर सफर किया। इससे रेलवे के अधिकारियों सहित पूरे महकमे में खुशी की लहर दौड़ गई।
ट्रायल से पहले सिटी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर आरवीएनएल के परियोजना निदेशक (पीडी) जीवेश ठाकुर एवं जीपीटी इंफ्रा प्रोजेक्ट के वाइस प्रेसिडेंट अश्वनी कुमार अपनी पूरी टीम के साथ वैदिक मंत्रोचार के बीच नारियल फोड़ कर शब्दभेदी एक्सप्रेस के इलेक्ट्रिक इंजन को शाम 5 : 46 मिनट पर सिटी स्टेशन से ट्रायल के लिए रवाना किया। जो 13 मिनट में 5:59 पर सोनवल स्टेशन पहुंचा। सोनवल से 6: 08 मिनट पर चलकर 14 मिनट बाद 6 :22 मिनट पर इंजन सिटी स्टेशन पहुंचा।
इस दौरान इंजन ने 75 किमी. की रफ्तार से अप और डाउन में 27 मिनट में तय किया। इलेक्ट्रिक लोको के स्पीड ट्रायल को देखने के लिए जगह-जगह लोगों की भारी भीड़ लगी रही। लोग इसे मोबाइल में कैद करने में लगे रहे। कुछ ऐसा ही माहौल 11 मार्च को भी था। नए रेल लाइन पर डीजल इंजन का ट्रायल होने के दौरान भी जगह-जगह लोगों की भीड़ जुटी थी और लोग जयघोष लगा रहे थे। इस परियोजना को लेकर लोगों में खासा उत्साह है।
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महकमा की माने तो इस पहले चरण कि नए परियोजना का सीआरएस अगले महीने सुनिश्चित है। महकमे की माने तो जल्द ही प्रधानमंत्री इस परियोजना को लोगों को समर्पित करेंगे। जिसके बाद इस लाइन पर विभिन्न दूरस्थ ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा और गाजीपुर ट्रेन रूटों का हब बन जाएगा।
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2016 में शुरू हुई थी परियोजना
ताड़ीघाट-मऊ रेल परियोजना की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 नवंबर 2016 को रखी थी। तत्कालनी रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा के प्रयासों से जनपद में परियोजना को स्वीकृति मिलने के साथ काम शुरू कराया गया। करीब 1766 करोड़ की पहले चरण की परियोजना करीब पूरी होने की कगार पर है। बस छोटे-छोटे काम शेष रह गए हैं जो अब कुछ दिनों में पूरा कर लिए जाएंगे।
(फोटो भी)
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- धड़धड़ाते हुए 75 किमी. की रफ्तार से गंगा के ऊपर से गुजरा शब्दभेदी का इंजन
- 11 मार्च को डीजल इंजन का सफल ट्रायल हुआ था, देखने जुटी लोगों की भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर/सुहवल। सिटी स्टेशन से सोनवल तक 9.600 किमी. लंबे नए रेल लाइन पर शुक्रवार की शाम इलेक्ट्रिक लोको का सफल स्पीड ट्रायल हुआ। 11 मार्च को डीजल इंजन के सफल ट्रायल होने के बाद अब इलेक्ट्रिक इंजन ने भी बेधड़क नए रेल लाइन पर सफर किया। इससे रेलवे के अधिकारियों सहित पूरे महकमे में खुशी की लहर दौड़ गई।
ट्रायल से पहले सिटी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर आरवीएनएल के परियोजना निदेशक (पीडी) जीवेश ठाकुर एवं जीपीटी इंफ्रा प्रोजेक्ट के वाइस प्रेसिडेंट अश्वनी कुमार अपनी पूरी टीम के साथ वैदिक मंत्रोचार के बीच नारियल फोड़ कर शब्दभेदी एक्सप्रेस के इलेक्ट्रिक इंजन को शाम 5 : 46 मिनट पर सिटी स्टेशन से ट्रायल के लिए रवाना किया। जो 13 मिनट में 5:59 पर सोनवल स्टेशन पहुंचा। सोनवल से 6: 08 मिनट पर चलकर 14 मिनट बाद 6 :22 मिनट पर इंजन सिटी स्टेशन पहुंचा।
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इस दौरान इंजन ने 75 किमी. की रफ्तार से अप और डाउन में 27 मिनट में तय किया। इलेक्ट्रिक लोको के स्पीड ट्रायल को देखने के लिए जगह-जगह लोगों की भारी भीड़ लगी रही। लोग इसे मोबाइल में कैद करने में लगे रहे। कुछ ऐसा ही माहौल 11 मार्च को भी था। नए रेल लाइन पर डीजल इंजन का ट्रायल होने के दौरान भी जगह-जगह लोगों की भीड़ जुटी थी और लोग जयघोष लगा रहे थे। इस परियोजना को लेकर लोगों में खासा उत्साह है।
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महकमा की माने तो इस पहले चरण कि नए परियोजना का सीआरएस अगले महीने सुनिश्चित है। महकमे की माने तो जल्द ही प्रधानमंत्री इस परियोजना को लोगों को समर्पित करेंगे। जिसके बाद इस लाइन पर विभिन्न दूरस्थ ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा और गाजीपुर ट्रेन रूटों का हब बन जाएगा।
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2016 में शुरू हुई थी परियोजना
ताड़ीघाट-मऊ रेल परियोजना की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 नवंबर 2016 को रखी थी। तत्कालनी रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा के प्रयासों से जनपद में परियोजना को स्वीकृति मिलने के साथ काम शुरू कराया गया। करीब 1766 करोड़ की पहले चरण की परियोजना करीब पूरी होने की कगार पर है। बस छोटे-छोटे काम शेष रह गए हैं जो अब कुछ दिनों में पूरा कर लिए जाएंगे।
(फोटो भी)