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Ghazipur News: ई-रिक्शा...शहर में कलर कोडिंग का रंग उतरा, जाम फिर बढ़ गया
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शहर के लंका में बेतरतीब ढंग से खड़े ई-रिक्शो से लगा जाम। संवाद
गाजीपुर। शहर में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए एक साल पहले ई-रिक्शा संचालन के लिए चार ब्लॉकों में रूट तय करने के साथ ही नंबर व कलर कोडिंग की व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। स्थिति यह है कि 80 प्रतिशत ई- रिक्शा से कोडिंग गायब हो चुकी है। रौजा, विशेश्वरगंज, लंका, कचहरी और गोराबाजार में जाम से आए दिन लोग जाम से परेशान हो रहे हैं। वहीं जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
यातायात विभाग की ओर एक अप्रैल 2025 को अभियान चलाकर 1618 ई-रिक्शा का सत्यापन किया था। इसके बाद कोडिंग (नंबरिंग) पूरी की गई थी। नगर क्षेत्र को चार रंगीन ब्लॉकों लाल, नीला, हरा, पीला में बांटकर रूट निर्धारित किया गया था। इसका पालन नहीं किया गया। वहीं रौजा तिराहे के दोनों तरफ सड़क की पटरियों पर सुबह आठ बजे से लेकर शाम 6 बजे तक ई-रिक्शा खड़े रहते हैं।
इन स्थानों पर पुलिस पिकेट होने के साथ ही यातायात कर्मियों की तैनाती रहती है, लेकिन वह बिना हेलमेट और तीन सवारियों का चालान ही काटने में परेशान रहते हैं। यहीं हाल लंका बस स्टैंड के पास है। सुबह छह बजे से लेकर रात के आठ बजे तक यहां जाम की स्थिति बनी रहती है, यहां तैनात यातायात कर्मी, होमगार्ड और पीआरडी के जवान सिर्फ कोरमपूर्ति करते दिखाई पड़ते हैं।
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गाजीपुर का ई-रिक्शा नंबरिंग और रूट योजना
ऐसे ई- रिक्शा को चिह्नित करने के साथ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ऐसे ई- रिक्शा के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। इसको लेकर जल्द ही दिशा- निर्देश जारी किया जाएगा। - डाॅ. राकेश मिश्र, एएसपी सिटी
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यातायात विभाग की ओर एक अप्रैल 2025 को अभियान चलाकर 1618 ई-रिक्शा का सत्यापन किया था। इसके बाद कोडिंग (नंबरिंग) पूरी की गई थी। नगर क्षेत्र को चार रंगीन ब्लॉकों लाल, नीला, हरा, पीला में बांटकर रूट निर्धारित किया गया था। इसका पालन नहीं किया गया। वहीं रौजा तिराहे के दोनों तरफ सड़क की पटरियों पर सुबह आठ बजे से लेकर शाम 6 बजे तक ई-रिक्शा खड़े रहते हैं।
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इन स्थानों पर पुलिस पिकेट होने के साथ ही यातायात कर्मियों की तैनाती रहती है, लेकिन वह बिना हेलमेट और तीन सवारियों का चालान ही काटने में परेशान रहते हैं। यहीं हाल लंका बस स्टैंड के पास है। सुबह छह बजे से लेकर रात के आठ बजे तक यहां जाम की स्थिति बनी रहती है, यहां तैनात यातायात कर्मी, होमगार्ड और पीआरडी के जवान सिर्फ कोरमपूर्ति करते दिखाई पड़ते हैं।
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गाजीपुर का ई-रिक्शा नंबरिंग और रूट योजना
ऐसे ई- रिक्शा को चिह्नित करने के साथ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ऐसे ई- रिक्शा के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। इसको लेकर जल्द ही दिशा- निर्देश जारी किया जाएगा। - डाॅ. राकेश मिश्र, एएसपी सिटी