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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Due to non-construction of Pipa bridge, the detour was up to 40 km instead of 8.

Ghazipur News: पीपा पुल न बनने से 8 की जगह 40 किमी तक तक का चक्कर

Wed, 23 Oct 2024 12:58 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 23 Oct 2024 12:58 AM IST
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Due to non-construction of Pipa bridge, the detour was up to 40 km instead of 8.
रामपुर-बच्छलकापुरा पीपा पुल का संचालन अब तक शुरु नहीं हो सका है। जबकि इसे शुरु करने की निर्धारित तिथि बीते एक सप्ताह बीत चुका है। पीपा पुल शुरू न होने से 8 किमी की जगह लोगों को 30 से 40 किमी की दूरी तय करनी पड़ रही है7
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हैरानी की बात तो यह है कि मुहम्मदाबाद तहसील को सेवराई तहसील के गांवों से जोड़ने वाले इस पीपा पुल का अबतक निर्माण भी शुरु नहीं हुआ है। ऐसे में क्षेत्रीय लोगों को अधिक दूरी तय कर आना-जाना पड़ रहा है।
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दो दशक पहले तत्कालीन सरकार में कुसुम राय पीडब्ल्यूडी मंत्री थीं। कार्यकाल के अंतिम दिन बच्छलकापुरा रामपुर के बीच गंगा नदी पर पीपा पुल की स्वीकृति देकर उसी दिन सेमरा तट पर आकर उन्होंने पीपापुल का शिलान्यास भी कर दिया था।
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इस पुल के बन जाने पर मुहम्मदाबाद तहसील क्षेत्र के गंगातट पर बसे शेरपुर, सेमरा, तिवारीपुर, हरिहरपुर, सुल्तानपुर आदि गांवों के किसानों को गंगापार के खेतों में जाकर आसानी से कृषि कार्य करने की सुविधा मिली। मुहम्मदाबाद तहसील के लगभग तीन दर्जन गांवों और सेवराई तहसील के लगभग दो दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को आने-जाने की सुविधा मिल गई।

शासन के नियमों के तहत 15 जून से पीपा पुल पर आवागमन बंद कर उसे पीपों को खोल कर उन्हें सुरक्षित स्थान पर रख दिया जाता है। पिछले वर्ष इस पुल के निर्माण में 87 पीपा लगे थे। पुल को बंद करने का काम तो निर्धारित समय 15 जून को कर दिया जाता है। लेकिन इसका निर्माण किसी भी वर्ष समय पर नहीं हो पाता है। इस वर्ष गंगा में अब तक पानी ज्यादा है। जिससे इसका निर्माण शुरु नहीं हो सका है। इसके चलते मुहम्मदाबाद तहसील क्षेत्र के लोगों को गंगा पार के गांवों रेवतीपुर, नगदिलपुर, रामपुर, पकड़ी, गौरा आदि गांवों की महज 7 से 10 किमी की जगह अधिक दूरी तय कर चार पहिया वाहन से जिला मुख्यालय पर स्थित हमीद सेतु से होकर जाना पड़ रहा है। इससे 8 किमी की जगह उनको 30 से 40 किमी की दूरी तय करनी पड़ रही है। गंगा पार के खेतों में परवल, टमाटर आदि खेती करने वाले किसानों को जान जोखिम में डालकर छोटी-छोटी नावों का सहारा लेना पड़ता है। लोगों ने बच्छलकापुरा रामपुर पीपापुल का निर्माण शीघ्र चालू किए जाने की मांग की है।
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