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चालक की आई झपकी, बेकाबू पिकअप ने कई को मारी टक्कर, महिला की मौत
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नंदगंज थाना क्षेत्र के देवकली बस स्टैंड पर रविवार की भोर तेज रफ्तार सब्जी लदा पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क किनारे दुकान के टीनशेड में जा घुसा। हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं पिकअप को कब्जे में लेकर चालक को हिरासत में लेकर थाने आई। मृतका के पुत्र की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। इधर तीन घायलों का उपचार स्थानीय डॉक्टरों द्वारा किया गया। जबकि गंभीर रूप से घायल एक महिला का उपचार वाराणसी के ट्रामा सेंटर में चल रहा है।
सुबह सैदपुर की ओर से चालक पिकअप पर सब्जी लादकर नंदगंज सब्जी मंडी जा रहा था। देवकली बस स्टैंड के पास चालक को झपकी आ गई और वाहन अनियंत्रित हो सड़क की पटरी से नीचे उतर गई। इधर खेत के तरफ से आ रही देवकली गांव निवासी शांति मौर्या (55) को टक्कर मारते हुए पिकअप कई दुकानों के बाहर लगे टीनशेड को तोड़ते हुए गड्ढे में जाकर रूक गई। हादसे में घर के बाहर सो रही आशा देवी (50), राखी (8), कोमल राम (55) और राजू (30) घायल हो गए। हादसे के बाद अफरातफरी मच गई। ग्रामीण घायलों को उपचार के लिए निजी अस्पताल लेकर गए। जहां शांति और आशा की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने वाराणसी ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। इधर वाराणसी पहुंचने से पूर्व ही रास्ते में शांति मौर्या की मौत हो गई। परिजन शव लेकर घर चले आए। जबकि आशा का इलाज ट्रामा सेंटर में चल रहा है। घायल महिला की कमर टूट जाने से हालत गंभीर बनी हुई है। इधर ग्रामीणों ने पिकअप सहित चालक को पकड़ लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस पिकअप को कब्जे में लेने के साथ चालक को हिरासत में लेकर थाने आई। मृतका शांति मौर्या के पुत्र राकेश कुशवाहा की तहरीर पर मुकदमा दर्जकर छानबीन शुरू कर दी गई। इस संबंध में नंदगंज थानाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्जकर चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। साथ ही पिकअप को कब्जे में ले लिया गया है।
विषम परिस्थितियों में भी पुत्र को बनाया डॉक्टर
देवकली। दुर्घटना में मृत शांति मौर्या के पति भरत मौर्या का करीब दो दशक पूर्व निधन हो गया था। पति की मौत के बाद परिवार का बोझ शांति मौर्या के कंधों पर आ गया। वे सब्जी की दुकान कर खर्च चलाती थी। खेती के बल उन्होंने अपने बड़े पुत्र लक्ष्मण मौर्या को विषम परिस्थितियों में मेडिकल क्षेत्र में एमबीबीएस कराया और छोटे बेटे पप्पू को पढ़ाने का बीड़ा उठाया। जीवन में काफी उतार- चढ़ाव के बाद भी हिम्मत नहीं हारी। गांव के लोग उनकी हिम्मत व जज्बे को सराहते नहीं थकते थे। हादसे ने आखिरकार दोनों बच्चों के सिर से उनका साया उठा दिया।
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सुबह सैदपुर की ओर से चालक पिकअप पर सब्जी लादकर नंदगंज सब्जी मंडी जा रहा था। देवकली बस स्टैंड के पास चालक को झपकी आ गई और वाहन अनियंत्रित हो सड़क की पटरी से नीचे उतर गई। इधर खेत के तरफ से आ रही देवकली गांव निवासी शांति मौर्या (55) को टक्कर मारते हुए पिकअप कई दुकानों के बाहर लगे टीनशेड को तोड़ते हुए गड्ढे में जाकर रूक गई। हादसे में घर के बाहर सो रही आशा देवी (50), राखी (8), कोमल राम (55) और राजू (30) घायल हो गए। हादसे के बाद अफरातफरी मच गई। ग्रामीण घायलों को उपचार के लिए निजी अस्पताल लेकर गए। जहां शांति और आशा की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने वाराणसी ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। इधर वाराणसी पहुंचने से पूर्व ही रास्ते में शांति मौर्या की मौत हो गई। परिजन शव लेकर घर चले आए। जबकि आशा का इलाज ट्रामा सेंटर में चल रहा है। घायल महिला की कमर टूट जाने से हालत गंभीर बनी हुई है। इधर ग्रामीणों ने पिकअप सहित चालक को पकड़ लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस पिकअप को कब्जे में लेने के साथ चालक को हिरासत में लेकर थाने आई। मृतका शांति मौर्या के पुत्र राकेश कुशवाहा की तहरीर पर मुकदमा दर्जकर छानबीन शुरू कर दी गई। इस संबंध में नंदगंज थानाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्जकर चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। साथ ही पिकअप को कब्जे में ले लिया गया है।
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विषम परिस्थितियों में भी पुत्र को बनाया डॉक्टर
देवकली। दुर्घटना में मृत शांति मौर्या के पति भरत मौर्या का करीब दो दशक पूर्व निधन हो गया था। पति की मौत के बाद परिवार का बोझ शांति मौर्या के कंधों पर आ गया। वे सब्जी की दुकान कर खर्च चलाती थी। खेती के बल उन्होंने अपने बड़े पुत्र लक्ष्मण मौर्या को विषम परिस्थितियों में मेडिकल क्षेत्र में एमबीबीएस कराया और छोटे बेटे पप्पू को पढ़ाने का बीड़ा उठाया। जीवन में काफी उतार- चढ़ाव के बाद भी हिम्मत नहीं हारी। गांव के लोग उनकी हिम्मत व जज्बे को सराहते नहीं थकते थे। हादसे ने आखिरकार दोनों बच्चों के सिर से उनका साया उठा दिया।
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