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Ghazipur News: दहेज लोभी पति को दस वर्ष की हुई सजा
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सास और ससुर को सात-सात साल की सजा
12- 12 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। जिलाजज संजय कुमार की अदालत ने मंगलवार को दहेज लोभी पति को दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही सास और ससुर को भी 7-7 साल की सजा सुनाई है। सभी अभियुक्तों को न्यायालय ने 12-12 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन के अनुसार थाना क्षेत्र शादियाबाद थाना के मदनही गांव के गणेश चौहान ने पुत्री सुमन की शादी 28 मई 2014 को इसी थाना क्षेत्र के मुबारकपुर गांव के श्रीराम चौहान के साथ की थी। शादी के दो वर्ष बाद ही ससुराल वाले ब वाले व्यापार के लिए तीन लाख रुपये और बाइक की मांग कर रहे थे।
पति श्रीराम चौहान, सास मुराही देवी, ससुर शंकर चौहान और ननद सुनीता देवी विवाहिता को प्रताड़ित किया करते थे। 10 जनवरी 2016 को गणेश चौहान पुत्री के घर खिचड़ी लेकर गए तो उनकी पुत्री ने उनसे सारी बातें बताई। दो दिन बाद 12 जनवरी को गांव के लोगों द्वारा उन्हें अपनी पुत्री की मौत की सूचना मिली।
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इसकी सूचना मृतका के पिता ने शादियाबाद पुलिस को दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के साथ विवेचना के बाद सभी आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। दौरान विचारण के दौरान अभियोजन की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता कृपाशंकर राय ने कुल सात गवाहों को पेश किया।
सभी गवाहों ने अपना अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए ननद सुनीता देवी को दोषमुक्त करते हुए पति, सास और ससुर को सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया।
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12- 12 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। जिलाजज संजय कुमार की अदालत ने मंगलवार को दहेज लोभी पति को दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही सास और ससुर को भी 7-7 साल की सजा सुनाई है। सभी अभियुक्तों को न्यायालय ने 12-12 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन के अनुसार थाना क्षेत्र शादियाबाद थाना के मदनही गांव के गणेश चौहान ने पुत्री सुमन की शादी 28 मई 2014 को इसी थाना क्षेत्र के मुबारकपुर गांव के श्रीराम चौहान के साथ की थी। शादी के दो वर्ष बाद ही ससुराल वाले ब वाले व्यापार के लिए तीन लाख रुपये और बाइक की मांग कर रहे थे।
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पति श्रीराम चौहान, सास मुराही देवी, ससुर शंकर चौहान और ननद सुनीता देवी विवाहिता को प्रताड़ित किया करते थे। 10 जनवरी 2016 को गणेश चौहान पुत्री के घर खिचड़ी लेकर गए तो उनकी पुत्री ने उनसे सारी बातें बताई। दो दिन बाद 12 जनवरी को गांव के लोगों द्वारा उन्हें अपनी पुत्री की मौत की सूचना मिली।
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इसकी सूचना मृतका के पिता ने शादियाबाद पुलिस को दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के साथ विवेचना के बाद सभी आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। दौरान विचारण के दौरान अभियोजन की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता कृपाशंकर राय ने कुल सात गवाहों को पेश किया।
सभी गवाहों ने अपना अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए ननद सुनीता देवी को दोषमुक्त करते हुए पति, सास और ससुर को सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया।