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Ghazipur News: रामलीला आयोजन की अनुमति को लेकर विवाद
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ऐतिहासिक रामलीला के आयोजन की प्रशासनिक अनुमति को लेकर चल रहा विवाद गहराता जा रहा है। इसी क्रम में मामले की समीक्षा करने और वास्तविक स्थिति का जायजा लेने बुधवार को एडीएम वेद सिंह चौहान पहुंचे। उन्होंने ने दोनों पक्षों के साथ बैठक कर उनकी दलीलें सुनीं। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, पूरे प्रकरण की समीक्षा रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी, जिसके बाद ही अनुमति पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
बातचीत के दौरान रामलीला समिति के पक्षकार नारायण दास चौरसिया ने बताया कि वर्ष 2015 से पूर्व तक समिति के अध्यक्ष परमिशन संतोष जालान के नाम से होती थी। उनके निधन के उपरांत मुनादी कराकर जयप्रकाश गुप्ता को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। समिति पक्ष का आरोप है कि वर्ष 2015 से 2023 तक अनुमति श्री प्राचीन रामलीला समिति के नाम से ली जाती रही, लेकिन 2024-2025 में गुपचुप तरीके से ट्रस्ट के नाम पर अनुमति ले ली गई, जबकि ट्रस्ट का पंजीकरण वर्ष 2022 में हुआ। समिति सदस्यों ने सवाल उठाया कि जब 450 वर्षो की परंपरा श्री प्राचीन रामलीला समिति के बैनर तले चली आ रही है। उन्होंने दो टूक कहा कि रामलीला का मंचन परंपरा के अनुसार समिति के राम चबूतरे पर ही होगा। उन्होंने कहा कि परमिशन मिले या न मिले, रामलीला समिति ही कराएगी। वही ट्रस्ट पक्ष के संजीत का कहना है कि ट्रस्ट के अध्यक्ष जय प्रकाश गुप्ता द्वारा बीते कई वर्षो से रामलीला कराई जा रही है और उम्मीद जताई की इस बार भी जिम्मेदारी ट्रस्ट को ही मिलेगी। एसडीएम निधि का कहना है कि एडीएम द्वारा दोनों पक्षों को सूचना गया है। उनके द्वारा दोनों पक्षों कि जानकारी जिलाधिकारी को दी जाएगी‚ जिसके बाद जिलाधिकारी के आदेश के सापेक्ष आगे अनुमति दी जाएगी तहसीलदार जितेन्द्र कुमार‚ प्रभारी निरीक्षक याेगेन्द्र सिंह‚ चेयरमैन जयप्रकाश गुप्ता‚ अनिल गुप्ता‚ गोविन्द्र चौबे‚ मुन्ना गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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बातचीत के दौरान रामलीला समिति के पक्षकार नारायण दास चौरसिया ने बताया कि वर्ष 2015 से पूर्व तक समिति के अध्यक्ष परमिशन संतोष जालान के नाम से होती थी। उनके निधन के उपरांत मुनादी कराकर जयप्रकाश गुप्ता को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। समिति पक्ष का आरोप है कि वर्ष 2015 से 2023 तक अनुमति श्री प्राचीन रामलीला समिति के नाम से ली जाती रही, लेकिन 2024-2025 में गुपचुप तरीके से ट्रस्ट के नाम पर अनुमति ले ली गई, जबकि ट्रस्ट का पंजीकरण वर्ष 2022 में हुआ। समिति सदस्यों ने सवाल उठाया कि जब 450 वर्षो की परंपरा श्री प्राचीन रामलीला समिति के बैनर तले चली आ रही है। उन्होंने दो टूक कहा कि रामलीला का मंचन परंपरा के अनुसार समिति के राम चबूतरे पर ही होगा। उन्होंने कहा कि परमिशन मिले या न मिले, रामलीला समिति ही कराएगी। वही ट्रस्ट पक्ष के संजीत का कहना है कि ट्रस्ट के अध्यक्ष जय प्रकाश गुप्ता द्वारा बीते कई वर्षो से रामलीला कराई जा रही है और उम्मीद जताई की इस बार भी जिम्मेदारी ट्रस्ट को ही मिलेगी। एसडीएम निधि का कहना है कि एडीएम द्वारा दोनों पक्षों को सूचना गया है। उनके द्वारा दोनों पक्षों कि जानकारी जिलाधिकारी को दी जाएगी‚ जिसके बाद जिलाधिकारी के आदेश के सापेक्ष आगे अनुमति दी जाएगी तहसीलदार जितेन्द्र कुमार‚ प्रभारी निरीक्षक याेगेन्द्र सिंह‚ चेयरमैन जयप्रकाश गुप्ता‚ अनिल गुप्ता‚ गोविन्द्र चौबे‚ मुन्ना गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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