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शिष्यों ने किया गुरु की महिमा का बखान
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Fri, 31 Jul 2015 11:28 PM IST
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शहर सहित जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में गुरु पूर्णिमा का पर्व शुक्रवार को समारोहपूर्वक मनाया गया। इस मौके पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। गुरु पूजन के बाद शिष्यों ने आशीर्वचन लेते हुए उनकी महिमा का बखान किया। कहा कि गुरु का स्थान सर्वोपरि है।
सरस्वती शिशु मंदिर रायगंज में गुरु पूर्णिमा उल्लास के मनाया गया। इस दौरान वरिष्ठ आचार्य हृदयनारायण मिश्र ने कहा कि गुरु ही ईश्वर के अस्तित्व को समाज में स्थापित करता है। विरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि गुरु की महिमा
अपरंपार है। इस मौके पर धीरेंद्र श्रीवास्तव, सुग्रीव, नंदू तिवारी, नागेंद्र पांडेय, नरेंद्र सिंह, रामसुख चौहान, ओमप्रकाश मिश्र, घनश्याम दुबे, बिंदुमति पांडेय आदि मौजूद थीं। मानव धर्म प्रसार समाजसेवी संस्था में आयोजित कार्यक्रम में
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धर्मदेव सिंह यादव ने कहा कि गुरुपूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। केदार ने कहा कि गुरु के उपदेशों को जीवन में उतारकर ही अपने को धन्य किया जा सकता है। रामजी ने कहा कि गुरु का स्थान सर्वोपरि
है। प्रीति यादव, शीला यादव, रीना, प्रज्ञा, ममता, सुशीला, गुड़िया, श्वेता और सुधा ने गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में सदानंद, विजय कुमार मधुरेश, अजय, विरेंद्र, लीलावती यादव, आफताब, सुरेंद्र, इंद्रदेव सिंह आदि ने विचार व्यक्त
किया। कठवामोड़ पर आयोजित कार्यक्रम में गौरीशंकर पांडेय ने कहा कि बिना गुरु के ज्ञान नहीं होता है। पतंजलि योग समिति और भारत स्वाभिमान के प्रधान कार्यालय पर गुरु पूर्णिमा पर हवन-पूजन हुआ। इस मौके पर
जिलाध्यक्ष समरप्रताप सिंह, वेदप्रकाश, शिशुपाल सिंह, सुभाष सिंह, शिवानंद, अखिलेश सिंह, अंबिका तिवारी आदि थे। करंडा संवाददाता के अनुसार लकेश्वर ब्रह्म आयुर्वेद आश्रम के तत्वावधान में संत युश जी महाराज की पूजा-अर्चना
तथा वंदना कर शिष्यों ने आशीर्वाद प्राप्त किया। रौजा के गुरुबाग अखाड़े पर गुरु शिवचंद पहलवान और रामजी पहलवान को शिष्यों ने साफा बांधकर एवं माल्यार्पण कर आशीर्वाद लिया। इस मौके पर दीपक पहलवान, डब्लू,
ओमकार, शेरअली, पारस, दीपू, रवि, विनोद, चंदन, विरेंद्र, राकेश पहलवान, गोलू आदि मौजूद थे। लंका मैदान स्थित श्रीराम जानकी मंदिर में गुरुपूर्णिमा के मौके पर भंडारा हुआ। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण कर गुरु
पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। दिलदारनगर संवाददाता के अनुसार गिरनार आश्रम में गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया गया। ध्वज पूजन, प्रार्थना, समाधि पूजन के बाद प्रसाद वितरण किया गया। कीनाराम स्थल वाराणसी और
गिरनार आश्रम के पीठाधीश्वर एवं अध्यक्ष अघोराचार्य सिद्धार्थ गौतम राम ने गुरु पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर भक्तों को दर्शन दिया। इस मौके पर वेदप्रकाश श्रीवास्तव, सुरेश कश्यप, हरिशंकर मौजूद थे। सादात संवादताता के अनुसार
डा. अंबेडकर दलित अधिकार मंच कार्यालय पर गुरु पूर्णिमा मनाया गया। बिरहा सम्राट रामप्यार ने गुरु की महिमा को लोकगीत के माध्यम से प्रस्तुत किया। मौके पर रामवचन यादव, रामधारी यादव, सुरेंद्र, प्रमोद, संजय,
रामदरश मणि, राजेश रंग आदि मौजूद थे। संचालन सूबेदार सनेही ने किया। इसके अलावा विभिन्न विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने गुरु की महिमा का बखान किया। सैदपुर संवाददाता के अनुसार अघोर आश्रम
मुड़ियार, परमहंस आश्रम रंग महल, उदासीन आश्रम, संगत घाट पर श्रद्धालुओं ने गुरु पूजा की। बस स्टैंड स्थित काली मंदिर पर वृहद भंडारा आयोजित किया गया।
गुरुपूर्णिमा के मौके पर सिद्धपीठ भुड़कुड़ा मठ पर शिष्यों ने श्रद्धापूर्वक महंत शत्रुघ्न दास महाराज का दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद ग्रहण किया।
शिष्यों को संबोधित करते हुए शत्रुघ्न दास जी महाराज ने कहा कि जिस प्रकार बगैर सूर्य की रौशनी के चंद्रमा में प्रकाश नहीं हो सकता। उसी प्रकार बिना गुरु के व्यक्ति के जीवन में ज्ञान का प्रकाश नहीं हो सकता। गुरु के
बिना ज्ञान संभव नहीं है। इसके पूर्व शत्रुघ्न दास जी महाराज ने पीठ स्थित सिद्ध संतों की समाधि पर दर्शन पूजन के बाद आरती कर चादर चढ़ाई और पूर्व संत महंतों को नमन किया। इस मौके पर शंभूनाथ त्रिपाठी, विजयबहादुर सिंह,
पूर्णेन्दु त्रिपाठी, मधुबाला सिंह, सुरेन्द्र सिंह आदि मौजूद थे।
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सरस्वती शिशु मंदिर रायगंज में गुरु पूर्णिमा उल्लास के मनाया गया। इस दौरान वरिष्ठ आचार्य हृदयनारायण मिश्र ने कहा कि गुरु ही ईश्वर के अस्तित्व को समाज में स्थापित करता है। विरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि गुरु की महिमा
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अपरंपार है। इस मौके पर धीरेंद्र श्रीवास्तव, सुग्रीव, नंदू तिवारी, नागेंद्र पांडेय, नरेंद्र सिंह, रामसुख चौहान, ओमप्रकाश मिश्र, घनश्याम दुबे, बिंदुमति पांडेय आदि मौजूद थीं। मानव धर्म प्रसार समाजसेवी संस्था में आयोजित कार्यक्रम में
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धर्मदेव सिंह यादव ने कहा कि गुरुपूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। केदार ने कहा कि गुरु के उपदेशों को जीवन में उतारकर ही अपने को धन्य किया जा सकता है। रामजी ने कहा कि गुरु का स्थान सर्वोपरि
है। प्रीति यादव, शीला यादव, रीना, प्रज्ञा, ममता, सुशीला, गुड़िया, श्वेता और सुधा ने गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में सदानंद, विजय कुमार मधुरेश, अजय, विरेंद्र, लीलावती यादव, आफताब, सुरेंद्र, इंद्रदेव सिंह आदि ने विचार व्यक्त
किया। कठवामोड़ पर आयोजित कार्यक्रम में गौरीशंकर पांडेय ने कहा कि बिना गुरु के ज्ञान नहीं होता है। पतंजलि योग समिति और भारत स्वाभिमान के प्रधान कार्यालय पर गुरु पूर्णिमा पर हवन-पूजन हुआ। इस मौके पर
जिलाध्यक्ष समरप्रताप सिंह, वेदप्रकाश, शिशुपाल सिंह, सुभाष सिंह, शिवानंद, अखिलेश सिंह, अंबिका तिवारी आदि थे। करंडा संवाददाता के अनुसार लकेश्वर ब्रह्म आयुर्वेद आश्रम के तत्वावधान में संत युश जी महाराज की पूजा-अर्चना
तथा वंदना कर शिष्यों ने आशीर्वाद प्राप्त किया। रौजा के गुरुबाग अखाड़े पर गुरु शिवचंद पहलवान और रामजी पहलवान को शिष्यों ने साफा बांधकर एवं माल्यार्पण कर आशीर्वाद लिया। इस मौके पर दीपक पहलवान, डब्लू,
ओमकार, शेरअली, पारस, दीपू, रवि, विनोद, चंदन, विरेंद्र, राकेश पहलवान, गोलू आदि मौजूद थे। लंका मैदान स्थित श्रीराम जानकी मंदिर में गुरुपूर्णिमा के मौके पर भंडारा हुआ। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण कर गुरु
पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। दिलदारनगर संवाददाता के अनुसार गिरनार आश्रम में गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया गया। ध्वज पूजन, प्रार्थना, समाधि पूजन के बाद प्रसाद वितरण किया गया। कीनाराम स्थल वाराणसी और
गिरनार आश्रम के पीठाधीश्वर एवं अध्यक्ष अघोराचार्य सिद्धार्थ गौतम राम ने गुरु पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर भक्तों को दर्शन दिया। इस मौके पर वेदप्रकाश श्रीवास्तव, सुरेश कश्यप, हरिशंकर मौजूद थे। सादात संवादताता के अनुसार
डा. अंबेडकर दलित अधिकार मंच कार्यालय पर गुरु पूर्णिमा मनाया गया। बिरहा सम्राट रामप्यार ने गुरु की महिमा को लोकगीत के माध्यम से प्रस्तुत किया। मौके पर रामवचन यादव, रामधारी यादव, सुरेंद्र, प्रमोद, संजय,
रामदरश मणि, राजेश रंग आदि मौजूद थे। संचालन सूबेदार सनेही ने किया। इसके अलावा विभिन्न विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने गुरु की महिमा का बखान किया। सैदपुर संवाददाता के अनुसार अघोर आश्रम
मुड़ियार, परमहंस आश्रम रंग महल, उदासीन आश्रम, संगत घाट पर श्रद्धालुओं ने गुरु पूजा की। बस स्टैंड स्थित काली मंदिर पर वृहद भंडारा आयोजित किया गया।
गुरुपूर्णिमा के मौके पर सिद्धपीठ भुड़कुड़ा मठ पर शिष्यों ने श्रद्धापूर्वक महंत शत्रुघ्न दास महाराज का दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद ग्रहण किया।
शिष्यों को संबोधित करते हुए शत्रुघ्न दास जी महाराज ने कहा कि जिस प्रकार बगैर सूर्य की रौशनी के चंद्रमा में प्रकाश नहीं हो सकता। उसी प्रकार बिना गुरु के व्यक्ति के जीवन में ज्ञान का प्रकाश नहीं हो सकता। गुरु के
बिना ज्ञान संभव नहीं है। इसके पूर्व शत्रुघ्न दास जी महाराज ने पीठ स्थित सिद्ध संतों की समाधि पर दर्शन पूजन के बाद आरती कर चादर चढ़ाई और पूर्व संत महंतों को नमन किया। इस मौके पर शंभूनाथ त्रिपाठी, विजयबहादुर सिंह,
पूर्णेन्दु त्रिपाठी, मधुबाला सिंह, सुरेन्द्र सिंह आदि मौजूद थे।