{"_id":"6a91de9337d2a424d009f88b","slug":"kanshiram-colonies-mean-garbage-dumps-disrupted-drinking-water-supply-mud-and-waterlogging-ghazipur-news-c-313-1-gzp1001-159084-2026-08-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghazipur News: कांशीराम कॉलोनियाें का मतलब... कूड़ा डंप पेयजल आपूर्ति ठप, कीचड़ और जलभराव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghazipur News: कांशीराम कॉलोनियाें का मतलब... कूड़ा डंप पेयजल आपूर्ति ठप, कीचड़ और जलभराव
विज्ञापन
पड़ताल की खबर में....आदर्श बाजार स्थित कांशीराम कॉलोनी शहर के अन्य हिस्सों का डंप किया गया कूड
गाजीपुर। शहर में दो जगहों बड़ीबाग व आदर्श बाजार में कांशीराम कॉलोनी है। कभी शासन की आंख का तारा रही कॉलोनियों की वर्तमान पहचान पेयजलापूर्ति ठप, कीचड़, जलभराव और कूड़ा डंप रह गया है।
इनमें एक कॉलोनी में चार महीने से शहर का कूड़ा ट्रैक्टर पर लेकर वहां डंप किया जा रहा है तो दूसरे कॉलोनी में तीन महीने से पेयजलापूर्ति ठप है। नगर पालिका के जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण दोनों कॉलोनियों के 12 हजार 500 लोगों की दुश्वारी बढ़ गई है।
नगर पालिका प्रशासन की ओर से शहर अन्य हिस्सों का कूड़ा कांशीराम कॉलोनी आदर्श बाजार में डंप किया जा रहा है। यह आरोप वहां के रहने वाले लोगों ने लगाया है। साथ ही साक्ष्य के तौर पर कूड़े के ढेर को भी दिखाया।
विज्ञापन
शहर के कूड़े के लगे ढेर के कारण उठने वाले बदबू से कॉलोनी के लोगों का दम घुट रहा है। प्रदेश में 2007 से 2012 तक बसपा की सरकार रही। तत्कालीन सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत शहर में दो जगहों पर कांशीराम कॉलोनी बसाया गया। शहर के बड़ीबाग व आदर्श बाजार में गरीबों को आशियाना देने के लिए बाकायदा फ्लैट का निर्माण हुआ।
सड़क, नाली, प्रकाश, पेयजल आदि की व्यवस्था करके लाभार्थियों को फ्लैट आवंटित कर दिया गया। उस दौर में कांशीराम कॉलोनी की गिनती वीआईपी कॉलोनी के तौर पर होती थी। व्यवस्था में एक छोटी सी खामी होने पर भी अफसरशाही सक्रिय हो जाती थी। समय के साथ प्रदेश में सरकार बदली। इसी के साथ कांशीराम कॉलोनी की बदहाली की कहानी शुरू हो गई।
विज्ञापन
इनमें एक कॉलोनी में चार महीने से शहर का कूड़ा ट्रैक्टर पर लेकर वहां डंप किया जा रहा है तो दूसरे कॉलोनी में तीन महीने से पेयजलापूर्ति ठप है। नगर पालिका के जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण दोनों कॉलोनियों के 12 हजार 500 लोगों की दुश्वारी बढ़ गई है।
विज्ञापन
नगर पालिका प्रशासन की ओर से शहर अन्य हिस्सों का कूड़ा कांशीराम कॉलोनी आदर्श बाजार में डंप किया जा रहा है। यह आरोप वहां के रहने वाले लोगों ने लगाया है। साथ ही साक्ष्य के तौर पर कूड़े के ढेर को भी दिखाया।
विज्ञापन
शहर के कूड़े के लगे ढेर के कारण उठने वाले बदबू से कॉलोनी के लोगों का दम घुट रहा है। प्रदेश में 2007 से 2012 तक बसपा की सरकार रही। तत्कालीन सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत शहर में दो जगहों पर कांशीराम कॉलोनी बसाया गया। शहर के बड़ीबाग व आदर्श बाजार में गरीबों को आशियाना देने के लिए बाकायदा फ्लैट का निर्माण हुआ।
सड़क, नाली, प्रकाश, पेयजल आदि की व्यवस्था करके लाभार्थियों को फ्लैट आवंटित कर दिया गया। उस दौर में कांशीराम कॉलोनी की गिनती वीआईपी कॉलोनी के तौर पर होती थी। व्यवस्था में एक छोटी सी खामी होने पर भी अफसरशाही सक्रिय हो जाती थी। समय के साथ प्रदेश में सरकार बदली। इसी के साथ कांशीराम कॉलोनी की बदहाली की कहानी शुरू हो गई।

पड़ताल की खबर में....आदर्श बाजार स्थित कांशीराम कॉलोनी शहर के अन्य हिस्सों का डंप किया गया कूड

पड़ताल की खबर में....आदर्श बाजार स्थित कांशीराम कॉलोनी शहर के अन्य हिस्सों का डंप किया गया कूड