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लखनऊ से डिजाइन की मंजूरी के इंतजार में लटका ट्रांसमिशन लाइन हटाने का काम

Fri, 12 Nov 2021 11:12 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 12 Nov 2021 11:12 PM IST
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Design not approved, hanging transmission line removal work
मुख्य अभियंता कार्यालय लखनऊ से डिजाइन मंजूर नहीं होने के कारण ताड़ीघाट-मऊ रेल परियोजना के दायरे में आने वाली ट्रांसमिशन लाइन के टावर और विद्युत लाइन को हटाने का काम अधर में लटका है। रेलवे ने अगस्त में ही इस कार्य के लिए 14 करोड़ का टेंडर जारी कर कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) को धन जारी कर दिया था। इस कार्य को दिसंबर तक पूरा कर लेना है लेकिन यूपीपीसीएल की मानें तो लखनऊ से डिजाइन की मंजूरी नहीं मिलने के कारण कार्य में देरी हो रही है।
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ट्रांसमिशन लाइन नहीं हटाए जाने के कारण ताड़ीघाट-मऊ रेल परियोजना का कार्य प्रभावित हो रहा है। जबतक यह कार्य नहीं होता है तबतक परियोजना पूरी होने के बाद भी अधूरी ही रहेगी क्योंकि तब ट्रेनों के परिचालन में समस्या पैदा होगी जिसको लेकर रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) चिंतित है। इस परियोजना क्षेत्र से एक लाख बत्तीस हजार क्षमता की पावर ग्रिड लाइन गुजरती है जो सोनवल-ताड़ीघाट रेलवे लाइन के ऊपर से होते हुए जाती है। साथ ही मेदिनीपुर त्रिमुहानी के पास हाईवे के ऊपर से हमीद सेतु के बगल से होते हुुए झिंगुरपट्टी देहात तक जाती है। इसके दायरे में रेलवे लाइन का एक बड़ा दायरा आने से काम को समय पर खत्म करना बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। सोनवल और झिंगुरपट्टी देहात के पास इस पावर ग्रिड के टावर व तार को सुरक्षित तरीके से ऊंचा भी किया जाना प्रस्तावित है। ताकि परियोजना के पूरा होने के बाद ट्रेनों के संचालन में किसी तरह का अवरोध पैदा न हो।
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आरवीएनएल की मानें तो अभी यहां इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन के लिए ओएचई वायर (ओवर हेड इक्विपमेंट वायर) लगाने का काम किया जाना है लेकिन जिस तरह से कार्यदायी संस्था (यूपीपीसीएल) की ओर से ट्रांसमिशन लाइन को हटाने को लेकर उदासीनता बरती जा रही है। कह काफी चिंतित करने वाला है। परियोजना के पूरा होने के बाद इस नए रूट पर ट्रेनों के संचालन से पहले रेलवे के तकनीकी इंजीनियरों, मुख्य संरक्षा आयुक्त की ओर से गहनता से निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद रेलवे बोर्ड की हरी झंडी मिलने पर ट्रायल किया जाएगा। इसके बाद ट्रेनों के संचालन को हरी झंडी मिल सकेगी।
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अगले वर्ष दिसंबर में पूरा होगा पहले चरण का कार्य
सोनवल से ताड़ीघाट समेत सिटी एवं घाट रेलवे स्टेशन तक एक हजार करोड़ की लागत वाली 14 किलोमीटर लंबी रेल परियोजना का काम चल रहा है। पहले चरण की इस परियोजना को आगामी 2022 दिसंबर तक पूरा करना है। इस लिहाज से तेजी से निर्माण कार्य किया जा रहा है।

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मुख्य अभियंता कार्यालय लखनऊ से डिजाइन को मंजूरी मिलते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद यह कार्य समय से पूरा कर लिया जाएगा।-डी तुलसी राम, अधिशासी अभियंता ट्रांसमिशन लाइन।
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