{"_id":"6a46c0e97365e146ec0d34ad","slug":"demolition-begins-for-the-construction-of-an-approach-road-more-than-six-houses-vacated-ghazipur-news-c-313-1-svns1019-155252-2026-07-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghazipur News: एप्रोच मार्ग बनाने के लिए ध्वस्तीकरण शुरू, 6 से ज्यादा मकान कराए खाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghazipur News: एप्रोच मार्ग बनाने के लिए ध्वस्तीकरण शुरू, 6 से ज्यादा मकान कराए खाली
विज्ञापन
मेदनीपुर के पास रेल कम रोड ब्रिज के व्हीकल फ्लाईओवर के एप्रोच मार्ग के लिए ध्वस्त किये जा रहे भ
सुहवल। क्षेत्र के मेदिनीपुर के पास व्हीकल फ्लाई ओवर परियोजना ने गति पकड़ ली है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने बृहस्पतिवार से पी-1 साइड पर एप्रोच मार्ग के निर्माण के लिए बुलडोजर से ध्वस्तीकरण अभियान शुरू कर दिया है। इस कार्रवाई में अधिग्रहीत भूमि में आने वाले आधा दर्जन से अधिक पक्के और कच्चे मकानों को खाली कराया गया। ध्वस्तीकरण अभियान के साथ ही मेदिनीपुर की ओर बनने वाले तीन पिलरों के लिए पाइलिंग का काम भी शुरू हो गया है।
एप्रोच मार्ग के दायरे में आने वाले कई भवन मालिक स्वयं भी अपने मकान हटा रहे हैं, ताकि निर्माण कार्य में कोई बाधा न आए। अधिकारियों के अनुसार लगभग 80 प्रभावित काश्तकारों को मुआवजे की राशि देने की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है। परियोजना के तहत फ्लाई ओवर के दोनों ओर कुल 24 पिलरों का निर्माण किया जाना है। इनमें पी-1 साइड पर तीन और पी-2 साइड पर 21 पिलर बनेंगे। पी-2 साइड पर पिलरों का निर्माण पहले से चल रहा था, लेकिन पी-1 साइड पर अतिक्रमण के कारण एप्रोच मार्ग का काम रुका हुआ था। अब अतिक्रमण हटने के बाद इस हिस्से में भी निर्माण कार्य ने गति पकड़ ली है। लगभग 52 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का करीब 20 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। एप्रोच मार्ग के निर्माण का प्रस्ताव 2024 में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजा गया था। 2025 में स्वीकृति और बजट मिलने के बाद जनवरी से इसका निर्माण कार्य शुरू किया गया था।
पी-1 साइड से अतिक्रमण हटाने के साथ ही पाइलिंग का काम भी शुरू कर दिया गया है। प्रभावित काश्तकारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। निर्माण कार्य निर्धारित समय पर पूरा होने के बाद अगले वर्ष व्हीकल फ्लाई ओवर को आम जनता और वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा।-अजय सिंह, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
विज्ञापन
विज्ञापन
एप्रोच मार्ग के दायरे में आने वाले कई भवन मालिक स्वयं भी अपने मकान हटा रहे हैं, ताकि निर्माण कार्य में कोई बाधा न आए। अधिकारियों के अनुसार लगभग 80 प्रभावित काश्तकारों को मुआवजे की राशि देने की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है। परियोजना के तहत फ्लाई ओवर के दोनों ओर कुल 24 पिलरों का निर्माण किया जाना है। इनमें पी-1 साइड पर तीन और पी-2 साइड पर 21 पिलर बनेंगे। पी-2 साइड पर पिलरों का निर्माण पहले से चल रहा था, लेकिन पी-1 साइड पर अतिक्रमण के कारण एप्रोच मार्ग का काम रुका हुआ था। अब अतिक्रमण हटने के बाद इस हिस्से में भी निर्माण कार्य ने गति पकड़ ली है। लगभग 52 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का करीब 20 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। एप्रोच मार्ग के निर्माण का प्रस्ताव 2024 में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजा गया था। 2025 में स्वीकृति और बजट मिलने के बाद जनवरी से इसका निर्माण कार्य शुरू किया गया था।
विज्ञापन
पी-1 साइड से अतिक्रमण हटाने के साथ ही पाइलिंग का काम भी शुरू कर दिया गया है। प्रभावित काश्तकारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। निर्माण कार्य निर्धारित समय पर पूरा होने के बाद अगले वर्ष व्हीकल फ्लाई ओवर को आम जनता और वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा।-अजय सिंह, परियोजना निदेशक, एनएचएआई

मेदनीपुर के पास रेल कम रोड ब्रिज के व्हीकल फ्लाईओवर के एप्रोच मार्ग के लिए ध्वस्त किये जा रहे भ
विज्ञापन