जमीन की पैमाइश के लिए अपनाई जा रही नई पद्धति ग्लोबल नेवीगेशन सैटेलाइट सिस्टम (जीएनएसएस) रोवर तकनीक के माध्यम से बुधवार से खेतों की पैमाइश शुरू हो गई। इसकी शुरुआत क्षेत्र के राजापुर गांव से हुई, जहां नायब तहसीलदार की देखरेख में राजस्व टीम ने पहली बार इस नई तकनीक से भूमि का सीमांकन किया। राजापुर निवासी किसान अशोक यादव के आवेदन (क्रम संख्या-703/0.651 हेक्टेयर) पर राजस्व लेखपाल और राजस्व निरीक्षक की टीम ने जीएनएसएस रोवर मशीन के माध्यम से भूमि की पैमाइश की।
नायब तहसीलदार विपिन चौरसिया ने बताया कि इस तकनीक से भूमि का सीमांकन पहले की तुलना में अधिक सटीक, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से किया जा सकेगा। मुहम्मदाबाद तहसील को फिलहाल पैमाइश कार्य के लिए एक रोवर मशीन उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि नई रोवर तकनीक से किए गए मापन का पारंपरिक जरीब विधि से भी मिलान कराया जाएगा, ताकि आवेदक पूरी तरह संतुष्ट हो सके और किसी प्रकार की शंका न रहे। नायब तहसीलदार ने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा-24 तथा उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता नियमावली-2016 के नियम-22 के तहत रोवर तकनीक से सीमांकन का कार्य कराया जा रहा है। इस तकनीक के उपयोग से भूमि संबंधी विवादों का निस्तारण अधिक गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और कम समय में किया जा सकेगा। संवाद