गाजीपुर। जिले के आयुष चिकित्सकों का प्रतिनिधि मंडल ने रविवार को एमएलसी विशाल सिंह चंचल से मुलाकात की। जिलाध्यक्ष डॉ. सहबाज अख्तर खान के नेतृत्व में आयुष चिकित्सकों ने उनको मुख्यमंत्री को संबोधित तीन सूत्री मांग पत्र सौंपकर मानदेय की विसंगति दूर करने की मांग की।
जिलाध्यक्ष डॉ. सहबाज अख्तर खान ने बताया कि वर्ष 2009-10 और 2010-11 में आयुष तथा एमबीबीएस चिकित्सकों का मासिक मानदेय 24,000 रुपये था। वर्तमान में एमबीबीएस चिकित्सकों का मूल मानदेय करीब एक लाख रुपये प्रतिमाह है। जबकि, आयुष चिकित्सकों को मानदेय के रूप में मात्र 32,000 रुपये ही प्रतिमाह मिल रहा हैं। यह अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत समान रूप से कार्यरत चिकित्सकों के बीच एक गंभीर विसंगति है। आयुष चिकित्सक वर्ष 2009-10 से पूर्ण निष्ठा के साथ जिले के ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों की जनता को स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। केंद्र सरकार ने 2016 में राज्यों को मानदेय संबंधी विसंगतियों को दूर करने के लिए दिशा-निर्देश दिए थे। पर अभी तक इसे प्रदेश की सरकार द्वारा दूर नहीं किया गया है। इस मौके पर उपाध्यक्ष डॉ. श्रेया त्रिपाठी, डॉ. प्रियंका यादव, सचिव डॉ. तारिक, संयुक्त सचिव डॉ. अमित चौबे व कृतिका चौबे आदि मौजूद रहे।