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Ghazipur: गंगा में डूबे किशोर और युवक के शव मिले, एक का नहीं चला पता, वॉलीबॉल खेलते समय हुआ था हादसा

Sun, 04 Jun 2023 07:44 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर Published by: उत्पल कांत Updated Sun, 04 Jun 2023 07:44 PM IST
सार

गाजीपुर के पत्थर घाट स्थित गंगा नदी में शनिवार शाम डूब तीन लोगों में से दो के शव रविवार को बरामद हुए। तीसरे युवक की तलाश में एनडीआरएफ की टीम जुटी है।  परिजनों के रोने-बिलखने से चीख-पुकार मची रही।

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Dead bodies of teenager and youth found drowned in Ganges in ghazipur
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गाजीपुर के पत्थर घाट स्थित गंगा नदी के बीच में रेत पर वॉलीबॉल खेलते समय पानी में गई गेंद को पकड़ने का प्रयास कर रहे एक किशोर के साथ तीन लोग डूब गए थे। घटना के दूसरे दिन रविवार को एनडीआरएफ की टीम ने किशोर सहित दो के शव बरामद कर लिए। जबकि एक युवक का देर शाम तक पता नहीं चला था। परिजनों के रोने-बिलखने से चीख-पुकार मची रही।

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महादेवा निवासी किशन यादव (23), मुकेश यादव (19) और बाराबंगला निवासी सरफराज (17) तीनों पत्थर घाट के सामने गंगा नदी के बीच में रेत पर वालीबॉल खेल रहे थे। इसी दौरान गेंद पानी में चली गई, जिसे पकड़ने के चक्कर में सरफराज गहरे पानी में डूबने लगा था। मित्र को डूबता देखकर उसे बचाने के लिए शोर मचाते हुए किशन और मुकेश ने भी पानी में छलांग लगा दी।

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घटनास्थल से कुछ दूरी पर मिले शव

पानी गहरा होने की वजह से तीनों गंगा में लापता हो गए थे। घटना के दूसरे दिन रविवार को एनडीआरएफ की टीम तीनों की तलाश में जुटी रही। सरफराज का शव सांई मंदिर और मुकेश यादव का शव रजागंज के पास से बरामद हुआ। जबकि किशन यादव का अभी कुछ पता नहीं चला। शवों को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ सिटी गौरव कुमार ने बताया कि एक युवक की तलाश जारी है।

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घर का बुझ गया चिराग, सुनी हो गई मां की गोद

मोक्षदायिनी मां गंगा की लहरों में समाए अपने लाल के चेहरे को देखने के लिए मां की ममता आंखों से आसू के रूप में बह रही थी। हादसे से तीन घरों पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा कि उसे ताउम्र भुलाया नहीं जा सकेगा। पिता की आंखें दरवाजे पर आने वाले लोगों के चेहरों पर टिकी हुईं थीं। उनकी जुबान पर सिर्फ एक ही बात थी कि पुत्र कहां गया। यह हालत गंगा में गेंद पकड़ने के दौरान डूबे सरफराज, मुकेश और किशन यादव के परिजनों की थी। वहां मौजूद हर कोई इस घटना से काफी दुखी था।

गंगा में डूबे किशन के पिता राजेंद्र यादव गोरा बाजार में ही चाय की दुकान कर अपने परिवार की जीविका चलाते हैं। घटना से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया। बिलखने से वहां मौजूद हर किसी की आंख नम हो गई। उसका पता अभी न चलने से ग्रामीण परिजनों को सांत्वना देने में जुटे रहे। मृतक मुकेश के पिता पप्पू यादव किसान हैं। मृतक दो भाइयों में सबसे बड़ा था।

मुकेश दोस्तों के साथ वॉलीबॉल खेलने गया था, उसे तैरना भी नहीं आता था। एनडीआरएफ की टीम ने जब मुकेश का शव पानी से बाहर निकाला तो वहां मौजूद परिवार के लोग दहाड़े मारकर रोने लगे। सरफराज का शव देखकर परिजन रोने-बिलखने लगे। घटना स्थल पर मौजूद लोगों की आंख भी भर आई। ग्रामीण सांत्वना देकर उन्हें शांत कराने में जुटे रहे।

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