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Ghazipur News: मकान खाली करने का दबाव बना रही बहू, बेचने की दे रही धमकी
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फोटो-
भाई को फंसाया जा रहा, भाभी का है हाथ, छोटे भाई ने लगाया आरोप
नेपाली युवती के हत्यारोपी लेफ्टिनेंट कर्नल के परिजनों ने दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। भाई को फंसाया जाया रहा है, इसमें भाभी का हाथ है। पूरे मामले की जानकारी भाभी को एक-दो वर्ष पहले ही हो गई थी, लेकिन कभी इसका जिक्र भी उन्होंने नहीं किया। यह आरोप नेपाली युवती के हत्यारोपी राकेंदु उपाध्याय उर्फ बबलू के छोटे मनीष उपाध्याय ने लगाया। इधर मां शारदा उपाध्याय ने आरोप लगाया कि मकान खाली करने के लिए बहू का फोन आया था। वह काफी दिनों से मकान बेचने की धमकी दे रही थी। मेरे पुत्र को इतना प्रताड़ित किया गया, जिससे उसने ऐसा गुनाह किया।
मां शारदा उपाध्याय ने बताया कि सोमवार की शाम को बहू ने फोन करके जानकारी दी कि मर्डर के केस में पुलिस राकेंदु को उठा ले गई है, अब हमको इनसे कोई मतलब नहीं है। अब हमें गाजीपुर वाला मकान चाहिए। आप अपनी व्यवस्था देख लीजिए, नहीं तो 20 हजार रुपये प्रतिमाह किराया दीजिए, नहीं तो मकान खाली कर दीजि।
उसकी बिक्री करनी है। बहू मकान बेचने के लिए काफी दिनों से धमका रही थी। मेरे बेटे को बहू और उस युवती ने इतना प्रताड़ित किया है, जिससे यह गुनाह उसने किया होगा। लेकिन मेरा मन मानने को तैयार नहीं है। छोटे भाई मनीष उपाध्याय ने बताया कि भाभी ने फोन करके कहा कि गाजीपुर का मकान बेचना है, अपना व्यवस्था कर लीजिए। मेरे भाई को फंसाया जा रहा है, इसमें मेरी भाभी का हाथ है।
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वर्ष 2001 में गोवा में सेना के सिग्नल कोर में लिपिक के पद पर मिली थी तैनाती
रेवतीपुर थाना क्षेत्र के टौंगा ऊधरनपुर निवासी बाल्मीकि उपाध्याय शहर के तुलसीसागर विजय नगर कॉलोनी में मकान बनवाकर परिवार के साथ रहते थे। दो वर्ष पूर्व उनकी मकान के रेलिंग से गिरकर उनकी मौत हो गई थी। उनके दो पुत्रों में राकेन्दु उपाध्याय उर्फ बबलू बड़ा है। वर्ष 2001 में गोवा में सेना के सिग्नल कोर में लिपिक के पद पर सिलीगुड़ी में तैनाती हुई थी।
पिता वाल्मीकि उपाध्याय शिक्षा विभाग से सहायक शिक्षक के पद से 2015 में सेवानिवृत्त हुए थे। जबकि मां शारदा उपाध्याय वर्ष 2018 में बाल विकास परियोजना में सुपरवाइजर के पद से रिटायर्ड हुई हैं। परिजनों ने बताया कि बीते अगस्त माह में राकेन्दु उपाध्याय की पदोन्नति लेफ्टिनेंट कर्नल के पद हुई थी। इसके बाद स्थानांतरण देहरादून में हो गया था। जबकि छोटा भाई मनीष उपाध्याय घर पर ही रहकर मां की देखभाल करता है।
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भाई को फंसाया जा रहा, भाभी का है हाथ, छोटे भाई ने लगाया आरोप
नेपाली युवती के हत्यारोपी लेफ्टिनेंट कर्नल के परिजनों ने दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। भाई को फंसाया जाया रहा है, इसमें भाभी का हाथ है। पूरे मामले की जानकारी भाभी को एक-दो वर्ष पहले ही हो गई थी, लेकिन कभी इसका जिक्र भी उन्होंने नहीं किया। यह आरोप नेपाली युवती के हत्यारोपी राकेंदु उपाध्याय उर्फ बबलू के छोटे मनीष उपाध्याय ने लगाया। इधर मां शारदा उपाध्याय ने आरोप लगाया कि मकान खाली करने के लिए बहू का फोन आया था। वह काफी दिनों से मकान बेचने की धमकी दे रही थी। मेरे पुत्र को इतना प्रताड़ित किया गया, जिससे उसने ऐसा गुनाह किया।
मां शारदा उपाध्याय ने बताया कि सोमवार की शाम को बहू ने फोन करके जानकारी दी कि मर्डर के केस में पुलिस राकेंदु को उठा ले गई है, अब हमको इनसे कोई मतलब नहीं है। अब हमें गाजीपुर वाला मकान चाहिए। आप अपनी व्यवस्था देख लीजिए, नहीं तो 20 हजार रुपये प्रतिमाह किराया दीजिए, नहीं तो मकान खाली कर दीजि।
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उसकी बिक्री करनी है। बहू मकान बेचने के लिए काफी दिनों से धमका रही थी। मेरे बेटे को बहू और उस युवती ने इतना प्रताड़ित किया है, जिससे यह गुनाह उसने किया होगा। लेकिन मेरा मन मानने को तैयार नहीं है। छोटे भाई मनीष उपाध्याय ने बताया कि भाभी ने फोन करके कहा कि गाजीपुर का मकान बेचना है, अपना व्यवस्था कर लीजिए। मेरे भाई को फंसाया जा रहा है, इसमें मेरी भाभी का हाथ है।
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वर्ष 2001 में गोवा में सेना के सिग्नल कोर में लिपिक के पद पर मिली थी तैनाती
रेवतीपुर थाना क्षेत्र के टौंगा ऊधरनपुर निवासी बाल्मीकि उपाध्याय शहर के तुलसीसागर विजय नगर कॉलोनी में मकान बनवाकर परिवार के साथ रहते थे। दो वर्ष पूर्व उनकी मकान के रेलिंग से गिरकर उनकी मौत हो गई थी। उनके दो पुत्रों में राकेन्दु उपाध्याय उर्फ बबलू बड़ा है। वर्ष 2001 में गोवा में सेना के सिग्नल कोर में लिपिक के पद पर सिलीगुड़ी में तैनाती हुई थी।
पिता वाल्मीकि उपाध्याय शिक्षा विभाग से सहायक शिक्षक के पद से 2015 में सेवानिवृत्त हुए थे। जबकि मां शारदा उपाध्याय वर्ष 2018 में बाल विकास परियोजना में सुपरवाइजर के पद से रिटायर्ड हुई हैं। परिजनों ने बताया कि बीते अगस्त माह में राकेन्दु उपाध्याय की पदोन्नति लेफ्टिनेंट कर्नल के पद हुई थी। इसके बाद स्थानांतरण देहरादून में हो गया था। जबकि छोटा भाई मनीष उपाध्याय घर पर ही रहकर मां की देखभाल करता है।