औड़िहार। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में बृहस्पतिवार को ‘नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की चुनौतियां’ विषयक संगोष्ठी हुई। वक्ताओं ने शिक्षा नीति की कठिनाइयों और चुनौतियों के साथ ही नई शिक्षा नीति से विकास और शिक्षा में आने वाली गुणवत्ता पर ध्यान आकृष्ट कराया। डायट की प्रकाशित पत्रिका ‘सिद्धि’ का लोकार्पण भी किया गया।मुख्य अतिथि पूर्व संयुक्त शिक्षा निदेशक ओमप्रकाश द्विवेदी ने कहा कि एक लंबे अरसे के बाद केंद्र सरकार ने शिक्षा की कार्यप्रणाली में कई तरह के सुधार किए हैं। इस सुधार से शिक्षा के क्षेत्र में आशातीत विकास की संभावनाएं हैं। वाराणसी मंडल के उप शिक्षा निदेशक अजय कुमार द्विवेदी ने कहा कि नए प्रयोगों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा के मामले में बढ़ती जा रही स्पर्धा में अपने देश के लोग ठीक से स्थापित हो सकेंगे। देवरिया के पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक आरपी यादव ने कहा कि शिक्षण कार्य से जुड़े लोगों को ठीक से अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। सोनभद्र के पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक फूलचंद यादव ने कहा कि 21वीं सदी की शिक्षा नीति अब कारगर रूप लेकर शिक्षार्थियों का मार्ग प्रशस्त करेगी। कार्यक्रम डायट के प्राचार्य सोमारु प्रधान के संयोजन में हुआ। डायट की प्रकाशित पत्रिका ‘सिद्धि’ का लोकार्पण मुख्य अतिथि ने किया। मुख्य अतिथि सहित अन्य अतिथियों को बुके, प्रतीक चिह्न एवं शाल देकर सम्मानित किया गया। संचालन डॉ. हरिओम सिंह यादव ने किया। इस दौरान डायट के वरिष्ठ प्रवक्ता उमानाथ, कमलनयन यादव, डॉ.अनामिका, शिवकुमार पांडेय, अभय चंद्रा, निधि सोनकर अर्चना सिंह, आलोक कुमार तिवारी, सर्वेश कुमार राय, अंकिता सिंह, राम अवतार यादव, मुन्नीलाल पांडेय आदि उपस्थित थे।