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विवाहिता की हत्या मामले में चार को उम्रकैद
ब्यूरो/अमर उजाला,गाजीपुर
Updated Sun, 29 May 2016 12:07 AM IST
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कोर्ट
- फोटो : file photo
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सैदपुर थाना क्षेत्र के चकिया मसोन गांव में करीब तीन साल पहले विवाहिता की हत्या मामले में शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम रूपेश रंजन की अदालत में सुनवाई हुई, जिसमें दोषी पाए जाने पर चार अभियुक्तों को आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
जौनपुर जिले के केराकत थाना क्षेत्र के तेजपुर (अईलीपुर) निवासी अनिल कुमार की बहन सोनी की शादी सैदपुर थाना क्षेत्र के चकिया मसोन गांव निवासी प्रेमचंद्र पुत्र लक्षिराम के साथ वर्ष 2003 में हुई थी। प्रेमचंद्र का चाल-चलन खराब हो गया था। उसका अवैध संबंध भाभी के साथ था। अभियुक्त की पत्नी सोनी ने दोनों को आपत्तिजनक की स्थिति में देख लिया था। इस बात को लेकर घर में विवाद चल रहा था। इसी बीच पति प्रेमचंद्र, जेठ श्यामू उर्फ श्याम नारायण, जेठानी कौशल्या, ससुर लक्षिराम ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव घर में छोड़कर भाग गए।
16 अगस्त वर्ष 2013 को फोन से सूचना सोनी के भाई अनिल को मिली। जब वह अपनी बहन के ससुराल पहुंचा तो बहन का शव पड़ा हुआ था। सैदपुर थाने में अनिल ने तहरीर दिया, जिसके आधार पर प्रेमचंद्र, श्यामू उर्फ श्यामनारायण, कौशल्या और लक्षिराम के विरूद्घ हत्या का मामला दर्ज हुआ है। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस को सुनने के बाद साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने चारों अभियुक्तों को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाते हुए उमकैद की सजा सुनाई।
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जौनपुर जिले के केराकत थाना क्षेत्र के तेजपुर (अईलीपुर) निवासी अनिल कुमार की बहन सोनी की शादी सैदपुर थाना क्षेत्र के चकिया मसोन गांव निवासी प्रेमचंद्र पुत्र लक्षिराम के साथ वर्ष 2003 में हुई थी। प्रेमचंद्र का चाल-चलन खराब हो गया था। उसका अवैध संबंध भाभी के साथ था। अभियुक्त की पत्नी सोनी ने दोनों को आपत्तिजनक की स्थिति में देख लिया था। इस बात को लेकर घर में विवाद चल रहा था। इसी बीच पति प्रेमचंद्र, जेठ श्यामू उर्फ श्याम नारायण, जेठानी कौशल्या, ससुर लक्षिराम ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव घर में छोड़कर भाग गए।
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16 अगस्त वर्ष 2013 को फोन से सूचना सोनी के भाई अनिल को मिली। जब वह अपनी बहन के ससुराल पहुंचा तो बहन का शव पड़ा हुआ था। सैदपुर थाने में अनिल ने तहरीर दिया, जिसके आधार पर प्रेमचंद्र, श्यामू उर्फ श्यामनारायण, कौशल्या और लक्षिराम के विरूद्घ हत्या का मामला दर्ज हुआ है। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस को सुनने के बाद साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने चारों अभियुक्तों को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाते हुए उमकैद की सजा सुनाई।
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