यूपी के गाजीपुर में जमीन विवाद में बड़े भाई ने की छोटे की हत्या, 5 दिन पहले शव मकान में बंदकर फरार, ऐसे हुई जानकारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर जिले के नोनहरा थाना क्षेत्र के बवाड़ा गांव में पांच दिन पहले घर के बंटवारे के विवाद में बड़े और छोटे भाई में जमकर विवाद हुआ। इसके बाद बड़े ने छोटे भाई की धारदार हथियार से हत्या की और दरवाजे को बाहर से बंदकर फरार हो गया। शुक्रवार को दुर्गंध उठने के बाद ग्रामीणों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी।
पुलिस ने दरवाजे का ताला तोड़ा तो जमीन पर शव पड़ा मिला। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई। आनन-फानन में फारेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंच गई और मामले की छानबीन में जुट गई। उधर, पिता की हत्या की सूचना मिलते ही उनकी बेटियां रोते-बिलखते घर पहुंचीं । मृतक की बड़ी बेटी की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर हत्यारोपी की तलाश शुरू कर दी।
बवाड़ा गांव निवासी गुप्तेश्वर सिंह उर्फ मुन्ना (45) निजी बस पर कंडेक्टर का काम करता था । वह बीते 12 दिसंबर को घर पहुंचा। दूसरे दिन अचानक तीस साल पहले खेत बेचकर घर से फरार हो चुका बड़ा भाई मोहन सिंह आ धमका। रात में दोनों में घर के बंटवारे को लेकर कहासुनी हुई। विवाद काफी बढ़ गया, लेकिन इस बात की जानकारी किसी को नहीं हुई।
आशंका है कि उसी दिन रात में मोहन ने छोटे भाई पर धारदार हथियार से वार कर मौत के घाट उतार दिया। साथ ही शव को घर में छोड़ बाहर से दरवाजे में ताला बंदकर फरार हो गया। पांच दिन बाद जब शव में सड़न से दुर्गंध आनी शुरू हुई, तो ग्रामीणों ने इसकी सूचना नोनहरा पुलिस को दी।
पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजे का ताला तोड़कर जब अंदर गई तो गुप्तेश्वर सिंह का शव फर्श पर पड़ा मिला। गुप्तेश्वर की केवल चार बेटियां हैं। पिता की हत्या की जानकारी होते ही बड़ी पुत्री कंचन सिंह और निधी सिंह मौके पर पहुंच गई और शव देखकर बिलखने लगी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस अधीक्षक डॉ . ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि पुत्रियों की तहरीर पर मृतक के बड़े भाई मोहन सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू कर दी गई है। जल्द ही हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पत्नी को लेकर 30 साल पहले हुआ था फरार
मोहन और उसके छोटे भाई गुप्तेश्वर की शादी करीब 30 वर्ष पूर्व हुई थी। इसके कुछ दिनों बाद ही मोहन गुप्तेश्वर की पत्नी को लेकर फरार हो गया। तभी से वह अपने परिवार के साथ बाहर ही रहता है। उस समय भी काफी हो हल्ला हुआ। कई साल कुछ पता नहीं चलने पर ग्रामीणों ने मोहन की पत्नी से गुप्तेश्वर की शादी करा दी। हालांकि, दोनों इस मामले को भूलकर अपनी गृहस्थी चला रहे थे।
गुप्तेश्वर बस चलाता था। अपनी चारों की बेटियों की शादी भी कर दी थी। मोहन भी अपनी तीन पुत्रियों व एक बेटे का पिता है। उसने भी सबकी शादी कर दी है। हालांकि, बच्चों में यहां किसी का आना-जाना नहीं है। परिवार में सबकुछ सही चल रहा था, लेकिन मकान के बंटवारे को लेकर दोनों में विवाद का मामला यहां तक पहुंच जाएगा किसी ने सोचा तक नहीं था।