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पूर्व प्रधान और तत्कालीन वीडीओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज
Updated Thu, 06 Sep 2018 11:12 PM IST
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मरदह(गाजीपुर)। थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत तवक्कलपुर उर्फ डंडापुर के पूर्व ग्राम प्रधान एवं ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ शौचालय निर्माण में अनियमितता एवं धन का दुरुपयोग करने पर गुरुवार को स्थानीय थाने में 12 लाख 30 हजार रुपये गबन के आरोप में डीएम के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
गांव निवासी योगेंद्र यादव ने शिकायत पत्र के माध्यम से शौचालय निर्माण में अनियमितता एवं धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। उक्त शिकायती पत्र की जांच के लिए 24 अगस्त 2018 को सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी (प्रावि) के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम गठित कर जांच की गई। जांच आख्या के आधार पर पूर्व प्रधान एवं सचिव को प्रथम दृष्टि दोषी पाए जाने पर जिलाधिकारी द्वारा पूर्व प्रधान एवं तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी को कारण बताओ नोटिस निर्गत करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया। समयावधि के अंदर संतोषजनक उत्तर नहीं दिए जाने पर प्रकरण से संबंधित पत्रावली एवं उसमें उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण बारीकी से किया गया। इस दौरान यह स्पष्ट हुआ कि ग्राम पंचायत तवक्कलपुर उर्फ डंडापुर में 240 शौचालय निर्माण के लिए आवंटित धन का दुरुपयोग किया गया। इसमें 95 शौचालय का निर्माण कार्य पूर्ण है। बाकी 145 में 83 अपूर्ण, 51 अनिर्मित, 10 की धनराशि अप्राप्त है। इसमें सचिव एवं प्रधान पर 12 लाख 30 हजार रुपये का दोष सिद्ध पाया गया। जिलाधिकारी के आदेश पर 26 मार्च 2018 को वसूली आदेश पारित किया गया। तत्कालीन सचिव राधेश्याम यादव ग्राम पंचायत अधिकारी को तत्काल प्रभाव से छह अप्रैल को निलंबित कर दिया गया है। पूर्व प्रधान एवं सचिव द्वारा उपरोक्त शासकीय धनराशि का गबन किया जाना गंभीर वित्तीय अनियमितता एवं आपराधिक श्रेणी के अंतर्गत है। जिलाधिकारी की स्वीकृति के अनुपालन में गुरुवार को सहायक विकास अधिकारी नर्देश्वर तिवारी ने पूर्व प्रधान चंद्रभान यादव एवं तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी राधेश्याम यादव के खिलाफ स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज कराया। इस संबंध में कासिमाबाद के क्षेत्राधिकारी चंद्रभान पाल शर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल जारी है।
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गांव निवासी योगेंद्र यादव ने शिकायत पत्र के माध्यम से शौचालय निर्माण में अनियमितता एवं धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। उक्त शिकायती पत्र की जांच के लिए 24 अगस्त 2018 को सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी (प्रावि) के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम गठित कर जांच की गई। जांच आख्या के आधार पर पूर्व प्रधान एवं सचिव को प्रथम दृष्टि दोषी पाए जाने पर जिलाधिकारी द्वारा पूर्व प्रधान एवं तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी को कारण बताओ नोटिस निर्गत करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया। समयावधि के अंदर संतोषजनक उत्तर नहीं दिए जाने पर प्रकरण से संबंधित पत्रावली एवं उसमें उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण बारीकी से किया गया। इस दौरान यह स्पष्ट हुआ कि ग्राम पंचायत तवक्कलपुर उर्फ डंडापुर में 240 शौचालय निर्माण के लिए आवंटित धन का दुरुपयोग किया गया। इसमें 95 शौचालय का निर्माण कार्य पूर्ण है। बाकी 145 में 83 अपूर्ण, 51 अनिर्मित, 10 की धनराशि अप्राप्त है। इसमें सचिव एवं प्रधान पर 12 लाख 30 हजार रुपये का दोष सिद्ध पाया गया। जिलाधिकारी के आदेश पर 26 मार्च 2018 को वसूली आदेश पारित किया गया। तत्कालीन सचिव राधेश्याम यादव ग्राम पंचायत अधिकारी को तत्काल प्रभाव से छह अप्रैल को निलंबित कर दिया गया है। पूर्व प्रधान एवं सचिव द्वारा उपरोक्त शासकीय धनराशि का गबन किया जाना गंभीर वित्तीय अनियमितता एवं आपराधिक श्रेणी के अंतर्गत है। जिलाधिकारी की स्वीकृति के अनुपालन में गुरुवार को सहायक विकास अधिकारी नर्देश्वर तिवारी ने पूर्व प्रधान चंद्रभान यादव एवं तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी राधेश्याम यादव के खिलाफ स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज कराया। इस संबंध में कासिमाबाद के क्षेत्राधिकारी चंद्रभान पाल शर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल जारी है।
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