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खराब ट्रक की वजह से छह घंटे लगा रहा जाम
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सुहवल। क्षेत्र के ताड़ीघाट-बारा मार्ग पर मंगलवार की भोर में रेवतीपुर गांव के शुकुलपुरवां के पास बालू लेकर आ रहे एक ट्रक का टायर बर्स्ट हो गया। इससे वह सड़क पर खड़ा गया। आवागमन प्रभावित होने से कुछ ही देर में दोनों तरफ वाहनों की लम्बी लाइन कर गई। जाम से आवागमन करने वालों की परेशानी बढ़ गई। ट्रक की मरम्मत होने पर छह घंटा बाद आवागमन सुचारू होने पर लोगों ने राहत की सास ली।
मालूम हो कि मंगलवार की सुबह बिहार की तरफ से बालू लदा एक ट्रक गाजीपुर की तरफ आ रहा था। इसी दौरान भोर में करीब चार बजे रेवतीपुर गांव के शुकुलपुरवां के पास ट्रक का टायर बस्र्ट हो गया। इससे वह बीच सड़क पर खड़ा हो गया। इससे अन्य वाहनों की रफ्तार रुक गई। एक के बाद एक ट्रकों की दोनों तरफ काफी लम्बी लाइन लग गई। जैसे ही दिन ढलता गया, आवागमन की दबाव बढ़ने की वजह से जाम की जकड़न भी बढ़ती गई। यात्री, निजी के साथ ही स्कूली वाहन भी जाम में फंस गए। जाम की जकड़न का आलम यह था कि वाहनों के एक कदम आगे बढ़ने की कौन कहे, पैदल आवागमन करने वालों को भी काफी जद्दोजहद करना पड़ रहा था। आगे निकलने को लेकर बाइक सवारों में किच किच होती रही। कई लोग जाम की गंभीरता को भांपते हुए वाहनों को घुमाकर दूसरे मार्गों से निकले। जबकि लोग भीड़ में फंसे थे, उन्हें लिए वाहन को घुमा पाना भी संभव नहीं हो पा रहा था। इसलिए वह परेशानियों के बीच आवागमन सुचारू होने का इंतजार करते रहे। जानकारी होती ही पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे और आवागमन सुचारू कराने में जुट गई। छह घंटा बाद दिन में 10 बजे मरम्मत के बाद खराब ट्रक के आगे बढ़ने पर आवागमन सुचारू हुआ। बावजूद इसके में फंसने वालों की संख्या इतनी अधिक थी कि काफी देर तक आवागमन में अवरोध की स्थिति उत्पन्न रही। जाम की वजह से लोग समय से गंतव्य तक नहीं पहुंच सके।
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मालूम हो कि मंगलवार की सुबह बिहार की तरफ से बालू लदा एक ट्रक गाजीपुर की तरफ आ रहा था। इसी दौरान भोर में करीब चार बजे रेवतीपुर गांव के शुकुलपुरवां के पास ट्रक का टायर बस्र्ट हो गया। इससे वह बीच सड़क पर खड़ा हो गया। इससे अन्य वाहनों की रफ्तार रुक गई। एक के बाद एक ट्रकों की दोनों तरफ काफी लम्बी लाइन लग गई। जैसे ही दिन ढलता गया, आवागमन की दबाव बढ़ने की वजह से जाम की जकड़न भी बढ़ती गई। यात्री, निजी के साथ ही स्कूली वाहन भी जाम में फंस गए। जाम की जकड़न का आलम यह था कि वाहनों के एक कदम आगे बढ़ने की कौन कहे, पैदल आवागमन करने वालों को भी काफी जद्दोजहद करना पड़ रहा था। आगे निकलने को लेकर बाइक सवारों में किच किच होती रही। कई लोग जाम की गंभीरता को भांपते हुए वाहनों को घुमाकर दूसरे मार्गों से निकले। जबकि लोग भीड़ में फंसे थे, उन्हें लिए वाहन को घुमा पाना भी संभव नहीं हो पा रहा था। इसलिए वह परेशानियों के बीच आवागमन सुचारू होने का इंतजार करते रहे। जानकारी होती ही पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे और आवागमन सुचारू कराने में जुट गई। छह घंटा बाद दिन में 10 बजे मरम्मत के बाद खराब ट्रक के आगे बढ़ने पर आवागमन सुचारू हुआ। बावजूद इसके में फंसने वालों की संख्या इतनी अधिक थी कि काफी देर तक आवागमन में अवरोध की स्थिति उत्पन्न रही। जाम की वजह से लोग समय से गंतव्य तक नहीं पहुंच सके।
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