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नवली कांड: प्रधानपति सहित पांच को भेजा जेल
Updated Thu, 21 Jun 2018 11:04 PM IST
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सुहवल/सेवराई(गाजीपुर)। नवली कांड में पुलिस ने गुरुवार को प्रधानपति सहित पांच लोगों को गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में चालान कर दिया। इस प्रकरण में रेवतीपुर थाने के प्रभारी रामबहादुर चौधरी की तहरीर पर देर रात 24 से अधिक नामजद और सैकड़ों अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने अन्य फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
बीते मंगलवार की देर रात नवली गांव में मोबाइल रिचार्ज कराने के दौरान पैसे के लेन-देन में प्रधानपति रामबहादुर सिंह का भतीजा मोनू सिंह और मन्नू राम के बीच विवाद हो गया था। इस मामले में दलित और राजपूत आमने-सामने हो गए थे। इसके बाद दोनों तरफ से लाठी-डंडे तथा जमकर ईंट-पत्थर चले। मारपीट में दोनों पक्षों के करीब दस लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के दूसरे दिन बुधवार को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा कई घरों में तोड़फोड़ किया गया। पीड़ितों ने पुलिस पर महिलाओं का जेवर लूटने का आरोप लगाया था। पुलिस की इस कार्रवाई से नाराज मुहम्मदाबाद विधायक अलका राय और जमानिया विधायक सुनीता सिंह ने क्षेत्राधिकारी कासिमाबाद सहित दिलदारनगर, रेवतीपुर और गहमर एसओ को निलंबित करने की मांग को लेकर ताड़ीघाट-बारा मार्ग पर नवली गांव के सामने धरने पर बैठ गई। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक सोमेन वर्मा मौके पर पहुंच गए। रात करीब 9.30 बजे एसपी ने रेवतीपुर थानाध्यक्ष रामबहादुर चौधरी और दिलदारनगर थानाध्यक्ष अखिलेश त्रिपाठी को लाइन हाजिर कर दिया। जमानिया क्षेत्राधिकारी कृष्णकांत सरोज को अतिरिक्त प्रभार से हटाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखने की बात कही थी। इसके बाद किसी तरह धरना समाप्त हुआ। रेवतीपुर थाना प्रभारी रामबहादुर चौधरी की तहरीर पर देर रात दो दर्जन से अधिक नामजद और सैकड़ों अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। गुरुवार को पुलिस ने ग्राम प्रधान विमला देवी के पति लालबहादुर सिंह, विशाल सिंह, जयप्रकाश राम, महेंद्र राम और रामानंद राम को धारा 147, 178, 149, 323, 504, 506, 307, 332, 336, 427, 354 धाराओं में चालान कर जेल भेज दिया। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस की माने तो इस मामले में दोनों तरफ से कोई तहरीर नहीं दी गई है।
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बीते मंगलवार की देर रात नवली गांव में मोबाइल रिचार्ज कराने के दौरान पैसे के लेन-देन में प्रधानपति रामबहादुर सिंह का भतीजा मोनू सिंह और मन्नू राम के बीच विवाद हो गया था। इस मामले में दलित और राजपूत आमने-सामने हो गए थे। इसके बाद दोनों तरफ से लाठी-डंडे तथा जमकर ईंट-पत्थर चले। मारपीट में दोनों पक्षों के करीब दस लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के दूसरे दिन बुधवार को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा कई घरों में तोड़फोड़ किया गया। पीड़ितों ने पुलिस पर महिलाओं का जेवर लूटने का आरोप लगाया था। पुलिस की इस कार्रवाई से नाराज मुहम्मदाबाद विधायक अलका राय और जमानिया विधायक सुनीता सिंह ने क्षेत्राधिकारी कासिमाबाद सहित दिलदारनगर, रेवतीपुर और गहमर एसओ को निलंबित करने की मांग को लेकर ताड़ीघाट-बारा मार्ग पर नवली गांव के सामने धरने पर बैठ गई। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक सोमेन वर्मा मौके पर पहुंच गए। रात करीब 9.30 बजे एसपी ने रेवतीपुर थानाध्यक्ष रामबहादुर चौधरी और दिलदारनगर थानाध्यक्ष अखिलेश त्रिपाठी को लाइन हाजिर कर दिया। जमानिया क्षेत्राधिकारी कृष्णकांत सरोज को अतिरिक्त प्रभार से हटाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखने की बात कही थी। इसके बाद किसी तरह धरना समाप्त हुआ। रेवतीपुर थाना प्रभारी रामबहादुर चौधरी की तहरीर पर देर रात दो दर्जन से अधिक नामजद और सैकड़ों अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। गुरुवार को पुलिस ने ग्राम प्रधान विमला देवी के पति लालबहादुर सिंह, विशाल सिंह, जयप्रकाश राम, महेंद्र राम और रामानंद राम को धारा 147, 178, 149, 323, 504, 506, 307, 332, 336, 427, 354 धाराओं में चालान कर जेल भेज दिया। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस की माने तो इस मामले में दोनों तरफ से कोई तहरीर नहीं दी गई है।
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