फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   ईओडब्लू ने औषधि क्रय के सभी अभिलेखों को किया तलब

ईओडब्लू ने औषधि क्रय के सभी अभिलेखों को किया तलब

Mon, 25 Sep 2017 11:23 PM IST
Updated Mon, 25 Sep 2017 11:23 PM IST
विज्ञापन
ईओडब्लू ने औषधि क्रय के सभी अभिलेखों को किया तलब
गाजीपुर। करीब एक दशक पहले स्वास्थ्य महकमा द्वारा दवाओं की खरीद और भुगतान के मामले में घोटाले की जांच कर रहे आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन उत्तर प्रदेश ने औषधि क्रय के सभी अभिलेखों को तलब किया है। गत 13 सितंबर 2017 को विभाग को भेजे गए पत्र में ईओडब्लू के एसपी ने स्वास्थ्य महकमे के तत्कालीन सीएमओ, दो चीफ फार्मासिस्ट और दो लिपिकों को भी लखनऊ बुलाया है। इससे पूरे विभाग में हड़कंप मचा गया है।
विज्ञापन

आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन ने जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी को बीते 13 सिंतबर को पत्र भेजा है। जिसमें कुशीनगर को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में वित्तीय वर्ष 2004-05 और 2005-06 में यूपीडीपीएल कंपनी की नकली दवा की खरीद करने की बात कही गई है। पत्र में मुख्य औषधि भंडार लखनऊ से स्वास्थ्य केंद्रों को आपूर्ति कर धोखाधड़ी कर वित्तीय अनियमितता की गई है। इसकी जांच जून 2017 में ही शुरू कर दी गई है। ईओडब्लू की तरफ से सीएमओ को जारी पत्र में बताया गया है कि 16 जून 2017 को विभागों से बिन्दुवार आख्या और संबंधित अभिलेख मांगी गई थी। लेकिन किसी जिले ने इसे उपलब्ध नहीं कराया। इसे संज्ञान में लेते हुए दोबारा स्वास्थ्य महकमे को तत्काल उन सभी बिन्दुओं की विस्तृत जानकारी और अभिलेख कार्यालय को ईओडब्लू कार्यालय लखनऊ भेजने को कहा गया है। उधर देखा जाए तो दो साल पहले एनआरएचएम घोटाले में भी दो साल पहले सीबीआई की टीम द्वारा विभाग के कई तत्कालीन सीएमओ, लिपिक और चीफ फार्मासिस्ट को तलब करने के साथ ही उनसे पूछताछ की थी।
विज्ञापन

कोट:
सीएमओ डा. जीसी मौर्य ने कहा कि दवा खरीद तथा भुगतान में हुई गड़बड़ी और ईओडब्लू की जांच के संबंध में अभी तक कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। पत्र मिलते ही मांगी गई सूचना दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट:
वर्ष 2010-11 में हुए दवा खरीद की भी चल रही है जांच
गाजीपुर। स्वास्थ्य विभाग की ओर से वर्ष 2010-11 में नसबंदी में दवाइयों और उपकरण खरीद में हुए गोलमाल की जांच भी सीबीआई द्वारा की जा रही है। तत्कालीन सीएमओ डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह के समय में सीबीआई की टीम कई बार सीएमओ कार्यालय पहुंचकर संबंधित विभाग के लिपिक और फर्मासिस्टों से पूछताछ करने के साथ ही सभी अभिलेखों को साथ भी ले गई थी। सीबीआई ने स्वास्थ्य कर्मियों को कई बार दिल्ली बुलाकर पूछताछ भी की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed