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पहले भी उपद्रियों का निशाना बन चुकी है पुलिस

Sun, 30 Dec 2018 11:52 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 30 Dec 2018 11:52 PM IST
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पहले भी उपद्रियों का निशाना बन चुकी है पुलिस
गाजीपुर। नोनहरा थाना क्षेत्र के कठवामोड़ पुल के पास जाम के दौरान उपद्रवियों द्वारा करीमुद्दीनपुर थाना में तैनात कांस्टेबल सुरेश प्रताप वत्स की हत्या का मामला कोई नया नहीं है। इससे पहले भी उपद्रवियों और आक्रोशित लोगों का निशाना पुलिस और थाना बन चुके हैं। वर्ष 2010 में जमानिया कोतवाली क्षेत्र में एक जुलूस के दौरान उपद्रवियों ने एक दारोगा की पिटाई कर मौत के घाट उतार दिया था। वहीं गहमर थाना, बिरनो थाना, हंसराजपुर पुलिस चौकी लोगों के आक्रोश की आग जल चुकी है।
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पांच जनवरी 2010 को चंदौली जिला के ककरैत गांव से वनवासी अपनी मांगों के समर्थन में जुलूस लेकर जमानिया आ रहे थे। इस दौरान जमानिया पुलिस उन्हें जबरदस्ती रोकने लगी थी। इससे लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया था। गुस्साए लोगों ने पुलिस को दौड़ा लिया था। दारोगा टी रामाराव की इस कदर पिटाई की थी कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस चौकी के साथ ही पुलिस कर्मियों की आधा दर्जन बाइकों को आग के हवाले कर दिया था। उपद्रवी एक पुलिस कर्मी की राइफल भी लूट ले गए थे। करीब सात वर्ष पहले बिरनो थाना क्षेत्र के गोरयापारा के रहने वाले एक विद्यालय के प्रबंधक की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई थी। इस मामले को लेकर थाना पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे और हो-हल्ला करने लगे थे। इसी दौरान लोगों को शांत कराने के लिए एक दारोगा ने फायरिंग कर दी थी। इससे आक्रोशित लोगों ने थाना परिसर की दीवार ढहाने के साथ ही परिसर में खड़े कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। करीब पांच वर्ष पहले जंगीपुर थाना क्षेत्र के हंसराजपुर के रहने वाले एक युवक की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने कुछ लोगों को उठाया था। उनके बेकसूर होने की बात को लेकर दर्जनों ग्रामीण हंसराजपुर पुलिस चौकी पर पहुंच गए थे और पुलिस से उन्हें छोड़ने की मांग पर अड़ गए थे। इसको लेकर पुलिस और ग्रामीणों में झड़प शुरू हो गई थी। इस दौरान नाराज लोगों ने पुलिस चौकी के साथ ही एक पुलिस कर्मी की बाइक भी फूंक दी थी। 18 फरवरी 2017 की शाम करीब साढ़े छह बजे गहमर थाना से कुछ दूरी पर ट्रक पलटने से उसमें बच्चों सहित चार लोग दब गए थे। एक बच्चे की मौत हो गई थी। पुलिस के देर से मौके पर पहुंचने से आक्रोशित लोगों ने पुलिस के एक वाहन सहित चार ट्रकों को आग के हवाले कर थाना में तोड़-फोड़ करते हुए आगजनी की थी। आक्रोश की इसी कड़ी में बीते 29 दिसंबर 2018 की शाम आरक्षण की मांग को लेकर नोनहरा थाना क्षेत्र के कठवामोड़ पुल के पास सड़क जाम करने वाले निषाद पार्टी के लोगों ने जाम समाप्त करने को कहने पर पुलिस पर पथराव कर दिया था। इस पत्थरबाजी में करीमुद्दीनपुर थाना पर तैनात कांस्टेबल सुरेश प्रताप वत्स को अपनी जान गंवानी पड़ी।
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