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दुराचार और हत्या के मामले में दो को आजीवन कारावास
Updated Sat, 17 Mar 2018 11:43 PM IST
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गाजीपुर।
अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम चंद्रगुप्त की अदालत ने मुहम्मदाबाद थाना क्षेत्र में एक लड़की के साथ बलात्कार करने और उसे जलाकर मार डालने के मामले में दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास और कुल साठ-साठ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मुहम्मदाबाद थाने के एक गांव निवासी महिला ने थाना में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने पति के साथ धान की कटाई के लिए बिहार गई थी। घर पर उसकी 18 वर्षीय पुत्री थी, उसे अकेली जानकर गांव के ही विनोद हरिजन पुत्र पतिराम हरिजन और बृजेश हरिजन पुत्र फूलचंद हरिजन ने बीते सात जनवरी 2016 को छेड़खानी करने लगे। लड़की के विरोध करने पर उसके ऊपर मिट्टी का तेल छिड़क कर जला दिया। आग में उसका पूरा शरीर जल गया था। गांव के लोगों द्वारा उसे गाजीपुर अस्पताल लाया गया। सूचना पर अपनी लड़की के पास आई और थाने में तहरीर दी। सूचना के आधार पर थाने में धारा 326 क और दारा 354 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे वाराणसी के लिए रेफर किया। लेकिन गरीबी के कारण वह उसे घर लेकर चली आई। फिर तबीयत खराब होने पर उसे मुहम्दाबाद अस्पताल ले गए, वहां से स्थिति बिगड़ने के बाद गाजीपुर सदर अस्पताल ले आई, जहां उसकी मृत्यु जिला अस्पताल में बीते 24 जनवरी वर्ष 2016 को हो गई। दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाहों ने बयान दर्ज कराए गए। इलाज के दौरान युवती की मृत्यु पूर्व बयान दर्ज किया गया था। जिसमें उसने कहा था कि दोनों अभियुक्तों द्वारा उसके मुंह में कपड़ा भरकर दुराचार किया गया और मिट्टी का तेल छिड़ककर जला दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता रामजस यादव और दयाशंकर सिंह कुशवाहा और बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता की तर्कों को सुनने के बाद अदालत में दोनों अभियुक्तों को दोषी पाते हुए धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 20- 20 हजार रुपये अर्थदंड एवं एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास धारा 326 क के अंतर्गत 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास और 20 -20 हजार रुपये अर्थदंड एवं धारा 376 घ के अंतर्गत आजीवन कारावास की सजा सुनाया है। अर्थदंड की राशि से 100000 प्रति कर के रूप में मृतका की मां को देने का आदेश अदालत ने दिया।
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अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम चंद्रगुप्त की अदालत ने मुहम्मदाबाद थाना क्षेत्र में एक लड़की के साथ बलात्कार करने और उसे जलाकर मार डालने के मामले में दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास और कुल साठ-साठ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मुहम्मदाबाद थाने के एक गांव निवासी महिला ने थाना में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने पति के साथ धान की कटाई के लिए बिहार गई थी। घर पर उसकी 18 वर्षीय पुत्री थी, उसे अकेली जानकर गांव के ही विनोद हरिजन पुत्र पतिराम हरिजन और बृजेश हरिजन पुत्र फूलचंद हरिजन ने बीते सात जनवरी 2016 को छेड़खानी करने लगे। लड़की के विरोध करने पर उसके ऊपर मिट्टी का तेल छिड़क कर जला दिया। आग में उसका पूरा शरीर जल गया था। गांव के लोगों द्वारा उसे गाजीपुर अस्पताल लाया गया। सूचना पर अपनी लड़की के पास आई और थाने में तहरीर दी। सूचना के आधार पर थाने में धारा 326 क और दारा 354 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे वाराणसी के लिए रेफर किया। लेकिन गरीबी के कारण वह उसे घर लेकर चली आई। फिर तबीयत खराब होने पर उसे मुहम्दाबाद अस्पताल ले गए, वहां से स्थिति बिगड़ने के बाद गाजीपुर सदर अस्पताल ले आई, जहां उसकी मृत्यु जिला अस्पताल में बीते 24 जनवरी वर्ष 2016 को हो गई। दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाहों ने बयान दर्ज कराए गए। इलाज के दौरान युवती की मृत्यु पूर्व बयान दर्ज किया गया था। जिसमें उसने कहा था कि दोनों अभियुक्तों द्वारा उसके मुंह में कपड़ा भरकर दुराचार किया गया और मिट्टी का तेल छिड़ककर जला दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता रामजस यादव और दयाशंकर सिंह कुशवाहा और बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता की तर्कों को सुनने के बाद अदालत में दोनों अभियुक्तों को दोषी पाते हुए धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 20- 20 हजार रुपये अर्थदंड एवं एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास धारा 326 क के अंतर्गत 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास और 20 -20 हजार रुपये अर्थदंड एवं धारा 376 घ के अंतर्गत आजीवन कारावास की सजा सुनाया है। अर्थदंड की राशि से 100000 प्रति कर के रूप में मृतका की मां को देने का आदेश अदालत ने दिया।
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