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दुष्कर्म के मामले में बयान दर्ज कराने पहुंची त्रिपुरा की पुलिस
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औड़िहार। शनिवार को त्रिपुरा राज्य के अगरतला थाने से आई पुलिस को दुष्कर्म के एक मामले में पीड़िता का बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट में प्रस्तुत कराना था। लेकिन किन्हीं कारणों से पीड़िता न्यायालय में प्रस्तुत नहीं की जा सकी और पुलिस को वापस जाना पड़ा।
सैदपुर कोतवाली के एक गांव की रहने वाली महिला को गांव का ही एक व्यक्ति बीते माह लालच देकर तथा बहला- फुसला कर अगरतला ले गया था। वहां जाने के बाद मई माह के प्रथम सप्ताह में उसने महिला के साथ दुष्कर्म किया। कुछ दिन मामला दबा रहा इसके बाद प्रकाश में आया और महिला ने अगरतला कोतवाली में दुष्कर्म का नामजद मुकदमा दर्ज कराया। एफआईआर दर्ज करने के बाद महिला अपने घऱ वापस आ गई। इस मामले में विवेचना पूरी करने के लिए सब -इंसपेक्टर यू.रहमान को महिला पुलिस के साथ यहां भेजा गया। पुलिस टीम पीड़ित महिला के घर पहुंची और सैदपुर कोर्ट में बयान के लिए प्रस्तुत किया। लेकिन सैदपुर से उन्हें गाजीपुर कोर्ट में बयान दर्ज कराने का आदेश दिया गया। इसके बाद टीम गाजीपुर आते-आते काफी विलंब से पहुंची, जिस कारण बयान दर्ज नहीं हो सका। सीओ राम बहादुर सिंह ने त्रिपुरा पुलिस के आने और विवेचना की बात स्वीकार की है।
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सैदपुर कोतवाली के एक गांव की रहने वाली महिला को गांव का ही एक व्यक्ति बीते माह लालच देकर तथा बहला- फुसला कर अगरतला ले गया था। वहां जाने के बाद मई माह के प्रथम सप्ताह में उसने महिला के साथ दुष्कर्म किया। कुछ दिन मामला दबा रहा इसके बाद प्रकाश में आया और महिला ने अगरतला कोतवाली में दुष्कर्म का नामजद मुकदमा दर्ज कराया। एफआईआर दर्ज करने के बाद महिला अपने घऱ वापस आ गई। इस मामले में विवेचना पूरी करने के लिए सब -इंसपेक्टर यू.रहमान को महिला पुलिस के साथ यहां भेजा गया। पुलिस टीम पीड़ित महिला के घर पहुंची और सैदपुर कोर्ट में बयान के लिए प्रस्तुत किया। लेकिन सैदपुर से उन्हें गाजीपुर कोर्ट में बयान दर्ज कराने का आदेश दिया गया। इसके बाद टीम गाजीपुर आते-आते काफी विलंब से पहुंची, जिस कारण बयान दर्ज नहीं हो सका। सीओ राम बहादुर सिंह ने त्रिपुरा पुलिस के आने और विवेचना की बात स्वीकार की है।
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