फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   लूट को लेकर हुई थी सुशील की हत्या

लूट को लेकर हुई थी सुशील की हत्या

Tue, 19 Mar 2019 11:18 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 19 Mar 2019 11:18 PM IST
विज्ञापन
लूट को लेकर हुई थी सुशील की हत्या
गाजीपुर। शादियाबाद पुलिस को सोमवार की शाम बड़ी सफलता मिली। उसने बाघीपुर मोड़ के पास छह बदमाशोें को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से लूट में इस्तेमाल डीसीएम, लूट का सामान, मोबाइल, अपाची बाइक और लूटी गई डीसीएम बरामद की गई है। मृतक की मोबाइल भी पुलिस ने बरामद कर लिया है। पुलिस कार्यालय में मंगलवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में अभियुक्तों को पेश करते हुए पुलिस अधीक्षक डा. अरविंद चतुर्वेदी ने बताया कि लूट के लिए सुशील की हत्या की गई थी।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि बीते 14 मार्च को दिन में शादियाबाद नहर में एक शव मिला था। मृतक की पहचान नंदगंज थाना क्षेत्र के कुंवरपुर निवासी सुशील कुमार उर्फ सुनील यादव (35) के रूप में हुई थी। मृतक के सिर एवं गले पर चोट के निशान थे। मुखबिर की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक शादियाबाद और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम सोमवार की शाम करीब पांच बजे बाघीपुर मोड़ के पास वाहन चेकिंग शुरू कर दिया। इस दौरान शक के आधार पर एक डीसीएम और एक अपाची बाइक सवार को रोका। डीसीएम में बिना डिलेवरी चालान के हिंदुस्तान लीवर कंपनी का माल लदा होने पर पुलिस को संदेह हुआ। इस बीच डीसीएम पर सवार दो लोग भाग निकले। जबकि पुलिस ने बाइक सवार सहित डीसीएम सवार पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन

पुलिस की पूछताछ में अभियुक्त ने अपना नाम सैदपुर के डहरा कला गांव निवासी आसिफ उर्फ राजू, भांवरकोल के मच्छटी निवासी दिलनवाज अंसारी उर्फ लड्डन, कासिमाबाद थाना क्षेत्र के बहादुरगंज निवासी गिरिश बर्नवाल, यही का रहने वाला श्रवण चौहान, संजय सोनकर और बिट्टू वर्मा बताया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पूछताछ में अभियुक्त आसिफ खां उर्फ राजू ने बताया है कि वह सैदपुर का रहने वाला है। उसके गांव के मुश्ताक खां उर्फ तन्नू और इश्तियाक खां उर्फ लल्लू दोनों सगे भाई हैं। बारह मार्च की रात मुझे और दिलनवाज को अपनी बाइक से उसकी डीसीएम के साथ चलने को कहा। इस बीच मुश्ताक किसी आदमी से लगातार फोन पर बात कर रहा था। पूर्व योजना के तहत उसने हम दोनों से अपनी डीसीएम को रुकवाया। इसी बीच पीछे आ रही डीसीएम का चालक सुशील कुमार (मृतक) भी अपनी गाड़ी से उतरकर आ गया। इसी बीच मुश्ताक ने पीछे से आकर सुशील कुमार के गले में रस्सी डालकर खींचा। सुशील के गिरने पर इश्तियाक और हम दोनों ने फंदा कंसते हुए उसकी हत्या कर दी और लाश को बगल में स्थित नहर में फेंक किया। इसके बाद मुश्ताक मृतक की डीसीएम लेकर चला गया, जिसमें लाखों का माल लदा था बाद में मृतक की डीसीएम खराब हो जाने पर मुश्ताक अपनी डीसीएम मंगलाकर माल उसमें लादा और गिरिश बर्नवाल से सौदा कर श्रवण, संजय और बिट्टू वर्मा के साथ हम लोगों का माल उतरवाने के लिए भेजा था। इसी दौरान पुलिस ने हम लोगों को पकड़ लिया। एसपी ने बताया कि अभियुक्त का चालान कर जेल भेज दिया गया है, जबकि फरार मुश्ताक और इश्तियाक की तलाश जारी है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed