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हमें नहीं करनी है कोई कानूनी कार्रवाई
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दुबिहा (गाजीपुर)। करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के महुवारी उर्फ अफलेपुर गांव में बीते सोमवार को दिन में संदिग्ध हाल में गोली लगने से घायल हुई किशोरी की मां ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि वह कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करना चाहती है। एक युवक द्वारा सेना के जवान के पिस्टल से गोली चलने से एक किशोरी घायल हो गई थी। इस मामले में मंगलवार को पुलिस ने घायल किशोरी और उसकी मां का बयान लिया। पुलिस असलहा की जांच-पड़ताल कर रही है।
मालूम हो कि क्षेत्र के महुवारी उर्फ अफलेपुर गांव निवासी विमली देवी की पुत्री रेनू और चंदा (15) सोमवार की सुबह करीब नौ बजे घर में बैठ कर खाना खा रही थी। इसी दौरान पड़ोसी शमशेर राजभर (24) वहां पर गांव के ही एक सेना के जवान का लाइसेंसी पिस्टल लेकर पहुंचा था, वह सेना के जवान का वाहन चलाता है। रेनू और चंदा को पिस्टल दिखाते हुए गोली मारने की बात कहा था। इसी दौरान गोली चल गई और चंदा की आंख के पास लग गई थी। आनन-फानन में गोली चलाने वाला शमशेर चंदा की मां और एक अन्य व्यक्ति के साथ घायल किशोरी को उपचार के लिए बलिया ले गया था। देर रात तक इस मामले में तहरीर नहीं दी गई थी। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी चंद्रपाल शर्मा ने बताया कि घायल किशोरी का बयान लेने करीमुद्दीनपुर थानाध्यक्ष सुधाकर राय बलिया के निजी अस्पताल पहुंचे, जहां किशोरी का इलाज चल रहा है। बताया कि बयान में किशोरी चंदा राजभर और उसकी मां विमली देवी ने तहरीर देने से मना कर दिया। लिखित दे दिया है कि हमें कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करनी है। हमें किसी के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराना है। पिस्टल को देखते समय फायर हो गया था। शमशेर राजभर ने जान-बूझ कर हमें नहीं मारा। वह भी हमारे परिवार के बीच का ही सदस्य है। क्षेत्राधिकारी ने कहा कि पीड़ित अगर तहरीर देने को तैयार नहीं है तो मुकदमा कैसे दर्ज किया जाएगा। असलहे की जांच की जा रही है। गलत पाया जाता है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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मालूम हो कि क्षेत्र के महुवारी उर्फ अफलेपुर गांव निवासी विमली देवी की पुत्री रेनू और चंदा (15) सोमवार की सुबह करीब नौ बजे घर में बैठ कर खाना खा रही थी। इसी दौरान पड़ोसी शमशेर राजभर (24) वहां पर गांव के ही एक सेना के जवान का लाइसेंसी पिस्टल लेकर पहुंचा था, वह सेना के जवान का वाहन चलाता है। रेनू और चंदा को पिस्टल दिखाते हुए गोली मारने की बात कहा था। इसी दौरान गोली चल गई और चंदा की आंख के पास लग गई थी। आनन-फानन में गोली चलाने वाला शमशेर चंदा की मां और एक अन्य व्यक्ति के साथ घायल किशोरी को उपचार के लिए बलिया ले गया था। देर रात तक इस मामले में तहरीर नहीं दी गई थी। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी चंद्रपाल शर्मा ने बताया कि घायल किशोरी का बयान लेने करीमुद्दीनपुर थानाध्यक्ष सुधाकर राय बलिया के निजी अस्पताल पहुंचे, जहां किशोरी का इलाज चल रहा है। बताया कि बयान में किशोरी चंदा राजभर और उसकी मां विमली देवी ने तहरीर देने से मना कर दिया। लिखित दे दिया है कि हमें कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करनी है। हमें किसी के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराना है। पिस्टल को देखते समय फायर हो गया था। शमशेर राजभर ने जान-बूझ कर हमें नहीं मारा। वह भी हमारे परिवार के बीच का ही सदस्य है। क्षेत्राधिकारी ने कहा कि पीड़ित अगर तहरीर देने को तैयार नहीं है तो मुकदमा कैसे दर्ज किया जाएगा। असलहे की जांच की जा रही है। गलत पाया जाता है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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