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दिनदहाड़े बैंक के भीतर से उचक्कागिरी
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सैदपुर(गाजीपुर)। मंगलवार को सैदपुर नगर स्थित इलाहाबाद बैंक के अंदर से महरूमपुर निवासी प्रदीप कुमार 58000 रुपये जमा करने के लिए पूर्वांह्न करीब 11 बजे इलाहाबाद बैंक पहुंचे। इस दौरान किसी ने उसकी जेब में रखे 58 हजार रुपये और उसकी मोबाइल पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ित राजमार्ग -29 स्थित एक दुकान की देख-रेख का काम करता है। वह दुकान से अक्सर रुपये लाकर जमा करने के लिए बैंक में आता था।
मंगलवार को प्रदीप जब रुपये जमा करने पहुंचा और पाकेट से रुपये गायब पाकर भौचक रह गया। इसके बाद वह दूसरे के मोबाइल फोन से दुकान मालिक राकेश चौरसिया को घटना की सूचना दी। मालिक की सूचना पर पहुंचे चौकी प्रभारी राकेश त्रिपाठी ने सीसीटीवी फुटेज निकलवाया तो घटना का पता चला। हुआ यूं कि प्रदीप लाइन में लगकर काउंटर के पास पहुंचा ही था कि तभी दो उचक्के वहां पहुंचे और एक ने उससे पेन मांगा तथा दूसरे ने स्लिप भरने के बारे में पूछा। तभी तीसरा उचक्का आया और तीनों ने प्रदीप को बातों में उलझा कर उसकी जेब से 58 हजार रुपये सहित उसके मोबाइल पर हाथ साफ कर दिया। फिर वहां से एक-एक कर फरार हो गए। थोड़ी देर में अपना नंबर आने पर जब प्रदीप रुपये निकालने लगा तो रुपये पाकेट से गायब थे। यह देख उसके चेहरे पर हवाईयां उड़ने लगीं। उसने दूसरे के फोन से मालिक को फोन कर घटना के बारे में बताया। पीड़ित की सूचना के बाद उचक्कों की काफी तलाश की गई, लेकिन उनका कहीं सुराग नहीं मिला। लोगों की माने तो तहसील क्षेत्र में उचक्के सक्रिय हैं। उनका मन इस कदर बढ़ गया है कि पहले वह लोगों के बैंक से निकलने एवं किसी एकांत स्थान पर पहुंचने का इंतजार करते थे, लेकिन अब पुलिस की मौजूदगी और खाकी पहरा होने के बाद भी दिनदहाड़े बैंक परिसर में घुसकर उचक्कागिरी कर रहे हैं। इसके साथ उचक्के सुरक्षा के बीच से फरार होने में भी सफल हो जा रहे हैं।
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मंगलवार को प्रदीप जब रुपये जमा करने पहुंचा और पाकेट से रुपये गायब पाकर भौचक रह गया। इसके बाद वह दूसरे के मोबाइल फोन से दुकान मालिक राकेश चौरसिया को घटना की सूचना दी। मालिक की सूचना पर पहुंचे चौकी प्रभारी राकेश त्रिपाठी ने सीसीटीवी फुटेज निकलवाया तो घटना का पता चला। हुआ यूं कि प्रदीप लाइन में लगकर काउंटर के पास पहुंचा ही था कि तभी दो उचक्के वहां पहुंचे और एक ने उससे पेन मांगा तथा दूसरे ने स्लिप भरने के बारे में पूछा। तभी तीसरा उचक्का आया और तीनों ने प्रदीप को बातों में उलझा कर उसकी जेब से 58 हजार रुपये सहित उसके मोबाइल पर हाथ साफ कर दिया। फिर वहां से एक-एक कर फरार हो गए। थोड़ी देर में अपना नंबर आने पर जब प्रदीप रुपये निकालने लगा तो रुपये पाकेट से गायब थे। यह देख उसके चेहरे पर हवाईयां उड़ने लगीं। उसने दूसरे के फोन से मालिक को फोन कर घटना के बारे में बताया। पीड़ित की सूचना के बाद उचक्कों की काफी तलाश की गई, लेकिन उनका कहीं सुराग नहीं मिला। लोगों की माने तो तहसील क्षेत्र में उचक्के सक्रिय हैं। उनका मन इस कदर बढ़ गया है कि पहले वह लोगों के बैंक से निकलने एवं किसी एकांत स्थान पर पहुंचने का इंतजार करते थे, लेकिन अब पुलिस की मौजूदगी और खाकी पहरा होने के बाद भी दिनदहाड़े बैंक परिसर में घुसकर उचक्कागिरी कर रहे हैं। इसके साथ उचक्के सुरक्षा के बीच से फरार होने में भी सफल हो जा रहे हैं।
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