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हत्या करने जा रहे मामा-भांजा धराए
Updated Mon, 27 Aug 2018 12:24 AM IST
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गाजीपुर। रेवतीपुर थाना पुलिस ने शनिवार की रात बिरउपुर मोड़ से स्कार्पियो सवार दो बदमाशों को दौड़ा कर पकड़ लिया। उनके पास से 315 बोर के दो तमंचे, 15 जिंदा कारतूस बरामद किया। पुलिस कार्यालय में रविवार को आयोजित प्रेसवार्ता में एसपी ग्रामीण चंद्रप्रकाश शुक्ला ने बदमाशों को पेश किया। उन्होंने बताया कि फंदे में आए बदमाश पैसे के लेन-देन को लेकर एक व्यक्ति की हत्या करने के लिए जा रहे थे।
एसपी ग्रामीण ने बताया कि शनिवार की रात रेवतीपुर थानाध्यक्ष राजेश त्रिपाठी हमराहियों के साथ नगदीलपुर से कामाख्या धाम जाने वाले लिंक रोड बिरउपुर मोड़ पर वाहन चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक स्कार्पियो आती दिखाई दी। पास आने पर जैसे ही पुलिस ने उसे रोका, उसमें सवार दो लोग कूद कर भागन लगे। इस पर दौड़ा कर पुलिस ने पकड़ किया। तलाशी लेने पर दोनों के पास से 315 बोर का दो तमंचा और 15 जिंदा कारतूस बरामद हुआ। पूछताछ में दोनों ने अपना नाम मऊ जिला के कथकौली थाना के मधुबन निवासी शिवशंकर मिश्रा और रोहतास बिहार के कछवा थाना ढोढ़नडीह निवासी धर्मेंद्र तिवारी बताया। कड़ाई से पूछताछ में अभियुक्त शिवशंकर मिश्रा ने बताया कि उसकी कथकौली में मिश्रा दूध डेरी है, जिसे चलाने के लिए दो वर्ष पूर्व उसके पिता राजकिशोर उर्फ घूरा पंडित ने सिंडिकेट बैंक से 25 लाख का लोन लिया था। नोटबंदी के दौरान पिता के मित्र मऊ के घोसी थाना के सुल्तानपुर निवासी पवनेश राय ने पिता के खाते में 25 लाख जमा कराकर लोन को भर दिया था। इसके बाद से पवनेश लगातार पिता से अपने पैसे की वसूली करता रहा है। पिता द्वारा 25 लाख के स्थान पर 31 लाख रुपया वापस करने के बावजूद भी वह लगातार पिता से ब्याज के रूप में 20 लाख रुपये और मांग रहा था तथा परिवार वालों को उत्पीड़ित कर रहा था। जबरदस्ती छह मंडा जमीन का एग्रीमेंट करा लिया था। धमकी दे रहा था कि पैसा नहीं दोगे तो एक सप्ताह में आकर खेत लिखवा लूंगा और तुम्हारी मम्मी को जेल भिजवा दूंगा। इससे परेशान होकर वह अपने मामा के साथ मिल कर असलहा-कारतूस बिहार से लेकर पवनेश राय की हत्या करने के लिए जा रहा था। इसी दौरान पुलिस के हत्थे चढ़ गया। थानाध्यक्ष राजेश त्रिपाठी ने बताया कि जिस वाहन से मामा-भांजा जा रहे थे, वह किराए पर ली गई थी। इसलिए लिखा-पढ़ी के बाद चालक सहित वाहन को छोड़ दिया गया।
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एसपी ग्रामीण ने बताया कि शनिवार की रात रेवतीपुर थानाध्यक्ष राजेश त्रिपाठी हमराहियों के साथ नगदीलपुर से कामाख्या धाम जाने वाले लिंक रोड बिरउपुर मोड़ पर वाहन चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक स्कार्पियो आती दिखाई दी। पास आने पर जैसे ही पुलिस ने उसे रोका, उसमें सवार दो लोग कूद कर भागन लगे। इस पर दौड़ा कर पुलिस ने पकड़ किया। तलाशी लेने पर दोनों के पास से 315 बोर का दो तमंचा और 15 जिंदा कारतूस बरामद हुआ। पूछताछ में दोनों ने अपना नाम मऊ जिला के कथकौली थाना के मधुबन निवासी शिवशंकर मिश्रा और रोहतास बिहार के कछवा थाना ढोढ़नडीह निवासी धर्मेंद्र तिवारी बताया। कड़ाई से पूछताछ में अभियुक्त शिवशंकर मिश्रा ने बताया कि उसकी कथकौली में मिश्रा दूध डेरी है, जिसे चलाने के लिए दो वर्ष पूर्व उसके पिता राजकिशोर उर्फ घूरा पंडित ने सिंडिकेट बैंक से 25 लाख का लोन लिया था। नोटबंदी के दौरान पिता के मित्र मऊ के घोसी थाना के सुल्तानपुर निवासी पवनेश राय ने पिता के खाते में 25 लाख जमा कराकर लोन को भर दिया था। इसके बाद से पवनेश लगातार पिता से अपने पैसे की वसूली करता रहा है। पिता द्वारा 25 लाख के स्थान पर 31 लाख रुपया वापस करने के बावजूद भी वह लगातार पिता से ब्याज के रूप में 20 लाख रुपये और मांग रहा था तथा परिवार वालों को उत्पीड़ित कर रहा था। जबरदस्ती छह मंडा जमीन का एग्रीमेंट करा लिया था। धमकी दे रहा था कि पैसा नहीं दोगे तो एक सप्ताह में आकर खेत लिखवा लूंगा और तुम्हारी मम्मी को जेल भिजवा दूंगा। इससे परेशान होकर वह अपने मामा के साथ मिल कर असलहा-कारतूस बिहार से लेकर पवनेश राय की हत्या करने के लिए जा रहा था। इसी दौरान पुलिस के हत्थे चढ़ गया। थानाध्यक्ष राजेश त्रिपाठी ने बताया कि जिस वाहन से मामा-भांजा जा रहे थे, वह किराए पर ली गई थी। इसलिए लिखा-पढ़ी के बाद चालक सहित वाहन को छोड़ दिया गया।
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