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Ghazipur News: हाईवे पर उभरी दरारें, सड़क हादसों को कर रही आमंत्रित

Fri, 26 May 2023 11:42 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 26 May 2023 11:42 PM IST
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Cracks emerge on the highway, inviting road accidents
गाजीपुर। बिहार को जोड़ने वाली ताड़ीघाट-बारा नेशनल हाइवे 124 सी का सीसी तकनीकी से निर्माण हुए करीब चार साल हो गए, लेकिन मानक विहीन निर्माण के चलते रेवतीपुर और सुहवल थाना क्षेत्र के विभिन्न जगहों पर हाइवे के ज्वांइटरों के बीच दरार अब चौड़े होने लगे हैं। जिससे मार्ग पर गुजरने के दौरान राहगीरों को हादसे की आंशका सता रही है। महकमा इसको लेकर पूरी तरह से लापरवाह बन चुका है। करीब 38 किमी लंबी ताड़ीघाट-बारा का निर्माण कार्य 245 करोड़ की लागत से साल 2019 में पूरा हुआ। इसके साल भर बाद ही जगह-जगह सड़क पर दरारें उभरने लगीं थीं। विभाग की ओर से इस तरफ ध्यान नहीं दिए जाने से दिन पर दिन सड़क की हालत बिगड़ती जा रही है।
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क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि जब से इस मार्ग को लोक निर्माण विभाग से एनएच वाराणसी डिविजन को हस्तांतरित हुआ है। यह प्रमुख हाइवे अब देखरेख के अभाव में दिन पर दिन बेकार स्थिति में पहुंच रहा है, जो लोगों के लिए परेशानियों और खतरे का सबब बनता जा रहा है। जबकि संबंधित विभाग के अधिकारी शायद ही कभी खुद की इस सड़क को देखने आते हो एवं इसके बदहाली दूर करने के प्रति गंभीर हो। यही कारण है कि यह कहने को हाइवे रह गया है। इस पूरे मार्ग पर वाहन गुजरते समय असामान्य तरीके से उनमें हिचकोले होने लगते है।
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इस हाइवे पर सुहवल, डेढ़गांवा,रेवतीपुर, नौली, उतरौली, सेवराई, गहमर से लेकर बारा गांव के सामने तक सड़क बीच से ही फटने लगी है। पिछले कई साल से दरार देखा जा रहा है, लेकिन इधर दो सालों से दरार काफी चौड़ा हो गया है। जिसकी चौड़ाई दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी और बरसात के बाद बाढ़ से पूरा क्षेत्र प्रभावित रहता है। इसका भी असर इस सड़क पर देखने को मिलता है। गर्मी के दिनों में दरार अमूमन बढ़ने लगती है। जबकि बरसात और बाढ़ से सड़क की मिट्टी काफी मात्रा में पानी सोख लेता है। जिसका असर भी सड़क के दरार को उभारने में मददगार होता है। निर्माण के समय ही इसके परतों में मिट्टी और बालू का संजोयन ठीक ढंग से न होने के साथ आरसीसी की गुणवत्ता भी दोयम दर्जे की रही। जिससे ताड़ीघाट से बारा तक पूरी सड़क दरार से पट गई है। कई जगहों पर दरारें काफी चौड़ी हो चुकी है। दरारों के कारण ही दर्जनों लोगों की मौतें भी हो चुकी हैं। तब भी महकमा सुरक्षित आवागमन को लेकर पूरी तरह से बेपरवाह बना हुआ है। जबकि इस मार्ग से जिले के आलाधिकारी सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों का आना-जाना लगा रहता है। लोगों ने मांग किया कि जल्द इन दरारों को बंद कर समतल किया जाए ताकि एक तरफ जहां सुरक्षित यातायात बना रहे।
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साइतबांध और उतरौली में सबसे चौड़ी दरारें, दुर्घटनाग्रस्त होते हैं लोग
ताड़ीघाट-बारा मार्ग पर सबसे बड़ी दरार साइतबान और उतरौली के पास हुआ है। यहां दरारें इतनी बड़ी हो गयी हैं कि साइकिल, मोटरसाइकिल का पहिया समा जाता है। जिससे सड़क पर चलने वाले अनजान लोग दरार की चपेट में आने पर हादसे का शिकार हो जाते हैं। स्थानीय लोगों ने इसकी कई बार शिकायत उच्च अधिकारियों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से की, लेकिन मरम्मत की कोरमपूर्ति कर सड़क को छोड़ दिया गया है। जिससे दरार बढ़ता जा रहा है।
इसको लेकर विभागीय अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। जल्द ही दरारों को भरने का काम होगा। आशीष पाल, सहायक अभियंता, एनएच वाराणसी डिविजन
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