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Ghazipur News: मियाद पूरी होने के सात महीने बाद भी दो हाईटेक नर्सरियों का निर्माण अधूरा
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गाजीपुर। जिले में तीन हाईटेक नर्सरियों का निर्माण कार्य होना था। इनका निर्माण बीते वित्तीय वर्ष 2023-24 तक पूरा करना था। लेकिन, बीते वित्तीय बीतने के सात माह बाद भी दो हाईटेक नर्सरियों का निर्माण कार्य अधर में है। एक हाईटेक नर्सरी का ही निर्माण पूरा हो पाया है। कुल 3.60 करोड़ रुपये खर्च होने वाले हैं।
जिले में तीनों हाईटेक नर्सरियों के निर्माण की जिम्मेदारी नोडल एजेंसी के तौर पर मनरेगा को दी गई है। प्रत्येक हाईटेक नर्सरी का निर्माण 1.20 करोड़ से होना तय है। इसमें से केवल आंकुसपुर हाईटेक नर्सरी का निर्माण कार्य पूरा हो पाया है। जबकि सुआपुर व सेमऊर में अभी तक कार्य निर्माणाधीन है। तीनों हाईटेक नर्सरियों का निर्माण कार्य बीते वित्तीय वर्ष के अगस्त माह में शुरू हुआ था। जब इनका निर्माण कार्य शुरू हुआ तो दावा किया गया कि इससे किसानों को काफी सहूलियत मिलेगी। विशेष रूप से किसानों को सब्जी की खेती में सहूलियत मिलेगी। उनको उन्नतशील सब्जी के पौधे मिलने में सहूलियत रहेगी। नर्सरियों में आधुनिक तकनीकी के आधार पर सब्जी के पौधों को तैयार किया जाएगा। इससे इन पौधों में मृदा जनित रोग नहीं होंगे। इस कारण किसानों की उत्पादकता बढ़ेगी और उनका आर्थिक जीवन स्तर सुधरेगा। लेकिन, अभी तक दो हाईटेक नर्सरियों का निर्माण कार्य पूरा नहीं होने के कारण इन सब कवायदों पर पानी फिरता हुआ दिखाई दे रहा है। जिला उद्यान अधिकारी आशीष कुमार ने बताया कि निर्माणाधीन दोनों हाईटेक नर्सरियों के बाउंड्रीवाल निर्माण को लेकर प्रस्ताव भेजा गया है।
3200 हेक्टेयर में की जाती है सब्जी की खेती
गाजीपुर। जिले में बड़े पैमाने पर सब्जी की खेती होती है। कुल 3200 हेक्टेयर में सब्जी की खेती की जाती है। भांवरकोल व रेवतीपुर क्षेत्र में सब्जी की खेती प्रमुखता से की जाती है। भांवरकोल क्षेत्र में स्थित पाताल गंगा सब्जी मंडी पूर्वांचल के प्रमुख सब्जी मंडियों में आती है। यहां से दिल्ली, मुंबई, पश्चिम बंगाल व अन्य बड़े महानगरों को विभिन्न प्रकार की सब्जियों का निर्यात किया जाता है।
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जिले में तीनों हाईटेक नर्सरियों के निर्माण की जिम्मेदारी नोडल एजेंसी के तौर पर मनरेगा को दी गई है। प्रत्येक हाईटेक नर्सरी का निर्माण 1.20 करोड़ से होना तय है। इसमें से केवल आंकुसपुर हाईटेक नर्सरी का निर्माण कार्य पूरा हो पाया है। जबकि सुआपुर व सेमऊर में अभी तक कार्य निर्माणाधीन है। तीनों हाईटेक नर्सरियों का निर्माण कार्य बीते वित्तीय वर्ष के अगस्त माह में शुरू हुआ था। जब इनका निर्माण कार्य शुरू हुआ तो दावा किया गया कि इससे किसानों को काफी सहूलियत मिलेगी। विशेष रूप से किसानों को सब्जी की खेती में सहूलियत मिलेगी। उनको उन्नतशील सब्जी के पौधे मिलने में सहूलियत रहेगी। नर्सरियों में आधुनिक तकनीकी के आधार पर सब्जी के पौधों को तैयार किया जाएगा। इससे इन पौधों में मृदा जनित रोग नहीं होंगे। इस कारण किसानों की उत्पादकता बढ़ेगी और उनका आर्थिक जीवन स्तर सुधरेगा। लेकिन, अभी तक दो हाईटेक नर्सरियों का निर्माण कार्य पूरा नहीं होने के कारण इन सब कवायदों पर पानी फिरता हुआ दिखाई दे रहा है। जिला उद्यान अधिकारी आशीष कुमार ने बताया कि निर्माणाधीन दोनों हाईटेक नर्सरियों के बाउंड्रीवाल निर्माण को लेकर प्रस्ताव भेजा गया है।
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3200 हेक्टेयर में की जाती है सब्जी की खेती
गाजीपुर। जिले में बड़े पैमाने पर सब्जी की खेती होती है। कुल 3200 हेक्टेयर में सब्जी की खेती की जाती है। भांवरकोल व रेवतीपुर क्षेत्र में सब्जी की खेती प्रमुखता से की जाती है। भांवरकोल क्षेत्र में स्थित पाताल गंगा सब्जी मंडी पूर्वांचल के प्रमुख सब्जी मंडियों में आती है। यहां से दिल्ली, मुंबई, पश्चिम बंगाल व अन्य बड़े महानगरों को विभिन्न प्रकार की सब्जियों का निर्यात किया जाता है।
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