सीएमओ पर एंबुलेंस प्रभारी और प्रोग्राम मैनेजर से दुर्व्यवहार करने और मुकदमे की धमकी देने का आरोप
- माफी मांगने की जिद पर अड़े कर्मचारी कर्मी
- एंबुलेंस सेवा ठप करने की चेतावनी
- सीएमओ कार्यालय परिसर में जमकर की नारेबाजी
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गाजीपुर जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी डा.जीसी मौर्य पर एंबुलेंस प्रभारी और प्रोग्राम मैनेजर ने शुक्रवार को दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है। यह भी आरोप है कि एंबुलेंस प्रभारी और प्रोग्राम मैनेजर को उन्होंने भद्दी-भद्दी गालियों से नवाजा। इससे आक्रोशित एंबुलेंस कर्मियों ने सेवा ठप करने के साथ माफी मांगने की जिद पर अड़ गए। साथ ही सीएमओ कार्यालय के मुख्य गेट पर धरना देने के साथ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।
उधर कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार की सूचना पर कर्मचारी संयुक्त परिषद अध्यक्ष दुर्गेश यादव भी मौके पर पहुंचे और धरने को समर्थन दिए। हंगामे को देख सीएमओ अपने कार्यालय से उठकर धीरे से निकल गए । एंबुलेंस प्रभारी राहुल ने बताया कि एसपी को लखनऊ पीजीआई ले जाने के लिए अत्याधुनिक चिकित्सकीय औजारों से लैस एएलएस एंबुलेंस मांगी की गई थी।
जिले में मौजूद तीन एएलएस एंबुलेंस में एक खराब पड़ी हुई थी। जबकि दूसरी लखनऊ गई थी। तीसरी एंबुलेंस से बड़ीबाग मुहल्ले से संक्रमित मरीजों को कोविड केयर में भर्ती किया जा रहा था। जब सीएमओ को इसकी जानकारी दी गई, तो वे दुर्व्यवहार करने के साथ भद्दी - भद्दी गालियां देने लगे। इसके बावजूद देवकली पीएचसी से नया 108 एंबुलेंस मंगाकर एसपी को लखनऊ जाने के लिए उपलब्ध कराया गया।
उधर एंबुलेंस कर्मियों ने सेवा ठप करने के साथ माफी मांगने की जिद पर अड़ गए। इसकी जानकारी मिलते ही संयुक्त कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष दुर्गेश श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे और समर्थन देने के साथ सीएमओ से माफी मांगने की मांग करने लगे।
एंबुलेंस कर्मियों ने चेताया कि अगर 24 घंटे के अंदर सीएमओ द्वारा माफी नहीं मांगी जाती है, तो पूरे प्रदेश की एंबुलेंस सेवा ठप कर दी जाएगी। इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की होगी।। उधर सदर तहसीलदार ने डीएम को संबोधित पत्रक लेने के साथ पूरे मामले की जानकारी से जिलाधिकारी को अवगत कराने का आश्वासन दिया।