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नहाय-खाय के साथ डाला छठ का व्रत शुरू
अमर उजाला ब्यूरो गाजीपुर।
Updated Mon, 16 Nov 2015 12:15 AM IST
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भगवान सूर्य की उपासना का महापर्व डाला छठ का व्रत रविवार से शुरू हो गया। पहले दिन महिलाओं ने लौकी की सब्जी और भात खाकर व्रत रखा। व्रती महिलाएं छठ मइया की आराधना में पूरी तरह से लीन रहीं। इस दौरान घरों में छठी मइया के गीत भी गाए गए।
जिले में डाला छठ पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। पिछले कई दिनों से पूजा वाले घरों में इसकी जोरदार तैयारियां की जा रही थीं। आज सुबह से ही व्रती महिलाओं में डाला छठ के व्रत को लेकर जबरदस्त उत्साह नजर आ रहा था। परपंरा के तहत छठ पर्व के दो दिन पहले से ही शरीर की शुद्धि के उपाय शुरू कर दिए जाते हैं। पहले दिन नहाय-खाय का क्रम चलता है।
इसके तहत रविवार को स्नान के बाद व्रती महिलाओं ने लौकी की सब्जी और भात खाकर व्रत धारण किया। इसको लेकर व्रती महिलाओं के घर वाले भी व्यस्त रहे। बताया जाता है कि लौकी-भात जहां आसानी से पच जाता है, वहीं इससे शुद्धता भी बनी रहती है। सभी घरों में इस परंपरा का निर्वहन पूरी आस्था और विश्वास के साथ किया जाता है। डाला छठ का व्रत शुरू होने के साथ ही घरों में छठ मइया की पूजा का भी दौर शुरू हो गया। व्रती महिलाएं पूरी तरह से छठ मइया की आराधना मेें लीन हो गईं और उनके द्वारा छठ मइया का गीत भी गुनगुनाया जाने लगा।
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जिले में डाला छठ पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। पिछले कई दिनों से पूजा वाले घरों में इसकी जोरदार तैयारियां की जा रही थीं। आज सुबह से ही व्रती महिलाओं में डाला छठ के व्रत को लेकर जबरदस्त उत्साह नजर आ रहा था। परपंरा के तहत छठ पर्व के दो दिन पहले से ही शरीर की शुद्धि के उपाय शुरू कर दिए जाते हैं। पहले दिन नहाय-खाय का क्रम चलता है।
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इसके तहत रविवार को स्नान के बाद व्रती महिलाओं ने लौकी की सब्जी और भात खाकर व्रत धारण किया। इसको लेकर व्रती महिलाओं के घर वाले भी व्यस्त रहे। बताया जाता है कि लौकी-भात जहां आसानी से पच जाता है, वहीं इससे शुद्धता भी बनी रहती है। सभी घरों में इस परंपरा का निर्वहन पूरी आस्था और विश्वास के साथ किया जाता है। डाला छठ का व्रत शुरू होने के साथ ही घरों में छठ मइया की पूजा का भी दौर शुरू हो गया। व्रती महिलाएं पूरी तरह से छठ मइया की आराधना मेें लीन हो गईं और उनके द्वारा छठ मइया का गीत भी गुनगुनाया जाने लगा।
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