गाजीपुर। कोरोना संकट में बेरोजगारी, निजीकरण, किसानों की समस्या, बढ़ते अपराध आदि मामलों को लेकर सपा नेता व कार्यकर्ता राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सोमवार को जिलाधिकारी को देने जा रहे थे। इस बीच पुलिस से हुई नोकझोंक व हाथापाई के बाद जिला प्रशासन ने लाठीचार्ज करने का आदेश दिया था। इस प्रकरण में मंगलवार को पुलिस ने आठ नामजद और पचास से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर आरोपियों के विरूद्ध कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर पार्टी के यूथ फ्रंट, समाजवादी युवजन सभा, समाजवादी लोहिया वाहिनी, समाजवादी छात्र सभा, समाजवादी यूथ ब्रिगेड के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से किसानों, नवजवानों, बेरोजगारों की समस्या को लेकर ज्ञापन देने के लिए सपा कार्यालय पर एकत्र थे। राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन देने केवल पांच लोग जाए, इसलिए इन्हें रोकने के लिए सपा कार्यालय के पास का इलाका पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। वहां से सपाई जैसे ही निकलना चाहे, पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसे लेकर पुलिस और नेताओं-कार्यकर्ताओं में तीखी झड़प शुरू हो गई। सपाई ज्ञापन देने की जिद्द पर अड़े थे, जबकि पुलिस ने उन्हें जुलूस व भीड़ की शक्ल में जाने से रोक दिया था। इस बीच काफी देर तक तीखी झड़प हुई। तब सपाई सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जोश से लबरेज हो पुलिस अधिकारियों और कर्मियों से हाथापाई करने लगे थे। वह जिलाधिकारी कार्यालय की तरफ से बढ़ते हुए कलेक्ट्रेट तक पहुंच गए। ऐसे में गुस्साई पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए लाठियां बरसाना शुरू कर दिया था। तब सपा नेता और कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए थे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। पुलिस और सपाइयों के बीच नोकझोंक और तीखी झड़प भी हुई थी। इस बीच सोमवार को करीब दो घंटे तक कचहरी पर अफरा-तफरी मची रही। दूसरे दिन शहर कोतवाली में आठ नामजद समेत 50 से अधिक कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इस प्रकरण में शहर कोतवाल दिलीप सिंह ने बताया कि पुलिस से हाथापाई और शांतिभंग के मामले में आठ नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।