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नौ मार्च से सक्रिय मरीजों को खोजने के लिए चलेगा अभियान
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गाजीपुर। जिले में टीबी के सक्रिय मरीजों को खोजने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से नौमार्च को अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए ब्लाकवार टीम का गठन किया गया है। टीम के सदस्य घर-घर जाकर टीबी के मरीजों को खोजने का काम करेंगे।
वर्तमान में जिले में 223 टीबी से ग्रसित मरीज हैं, जिनमें 62 महिलाएं शामिल है। वहीं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से टीबी के प्रति जागरूकता के लिए पोस्टर भी जारी किया गया है जिसमें बताया गया है कि टीबी संक्रमण के बीच मां को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। इस बीमारी से ग्रसित मां भी अपने बच्चे को स्तनपान करा सकती है। बशर्ते मां दो हफ्तों से टीबी की दवा ले रही हो। टीबी के नोडल अधिकारी डा. डीपी सिन्हा ने बताया कि टीबी की दवाओं की केवल थोड़ी सी ही मात्रा मां के दूध में पाई जाती है। शिशु को स्तनपान करवाना सुरक्षित होता है। स्तनपान के जरिए टीबी का खतरा नहीं है। इस बीमारी से बचाव को लेकर मां को सावधानी बरतनी की जरूरत होती है। टीबी से संक्रमित या संक्रमण का संदेह होने पर भी शिशु को अपना दूध पिलाने के लिए मां को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। जब तक मां बहुत ज्यादा बीमार नहीं हैं, बच्चे को उससे अलग नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि जिले में 233 मरीज टीबी से ग्रसित है, जिसमें 62 महिलाएं है। इन मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से नि:शुल्क दवा दी जाती है।
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वर्तमान में जिले में 223 टीबी से ग्रसित मरीज हैं, जिनमें 62 महिलाएं शामिल है। वहीं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से टीबी के प्रति जागरूकता के लिए पोस्टर भी जारी किया गया है जिसमें बताया गया है कि टीबी संक्रमण के बीच मां को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। इस बीमारी से ग्रसित मां भी अपने बच्चे को स्तनपान करा सकती है। बशर्ते मां दो हफ्तों से टीबी की दवा ले रही हो। टीबी के नोडल अधिकारी डा. डीपी सिन्हा ने बताया कि टीबी की दवाओं की केवल थोड़ी सी ही मात्रा मां के दूध में पाई जाती है। शिशु को स्तनपान करवाना सुरक्षित होता है। स्तनपान के जरिए टीबी का खतरा नहीं है। इस बीमारी से बचाव को लेकर मां को सावधानी बरतनी की जरूरत होती है। टीबी से संक्रमित या संक्रमण का संदेह होने पर भी शिशु को अपना दूध पिलाने के लिए मां को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। जब तक मां बहुत ज्यादा बीमार नहीं हैं, बच्चे को उससे अलग नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि जिले में 233 मरीज टीबी से ग्रसित है, जिसमें 62 महिलाएं है। इन मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से नि:शुल्क दवा दी जाती है।
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