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Ghazipur News: 19 किमी अधिक घूम कर 100 किमी सफर तय कर बस यात्री

Fri, 20 Sep 2024 04:08 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 20 Sep 2024 04:08 AM IST
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Bus passengers travel 100 km after traveling 19 km more
गाजीपुर। ससमय, उचित किराया और सहूलियत का राग अलाप रहे परिवहन विभाग ने इन दिनों वाराणसी, गाजीपुर, मऊ, गोरखपुर और सौनोली तक की यात्रा करने वाले यात्रियों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। स्थिति यह है कि 19 किमी अतिरिक्त घूमकर करीब 100 किमी सफर तय कर रोडवेज बसें वाराणसी व गाजीपुर पहुंच रही हैं। ढाई घंटे के बजाय साढ़े तीन घंटे तक सफर कर यात्री गंतव्य पहुंच रहे हैं। यहीं नहीं प्रति यात्री भाड़ा भी 150 हो चुका है। जेब पर 27 रुपये का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।
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रोडवेज की 72 बसें वाराणसी, लखनऊ सहित आसपास के जनपदों तक लोगों को पहुंचाती है। वाराणसी से मऊ, सौनोली, गोरखपुर जाने वाली बसें गाजीपुर होकर ही गुजरती हैं। 20 रोडवेज बसें रोज वाराणसी से गाजीपुर होते हुए विभिन्न जगहों के लिए रवाना होती हैं। इन बसों को गाजीपुर से वाराणसी डिपो तक की यात्रा करने के लिए 81 किमी की दूरी तय करनी पड़ती थी। वहीं ढाई घंटे में यात्री गंतव्य तक पहुंच जाते थे, लेकिन दो महीने से वाराणसी डिपो पहुंचने के लिए रोडवेज बस को संदहा, बाबतपुर, रिंग रोड से हरहुआ, शिवपुरी, लहरतारा डीआरएम कार्यालय होकर वाराणसी कैंट तक पहुंच रही हैं। इसमें करीब एक घंटा अधिक समय लग रहा है। वहीं प्रति यात्री 27 रुपये अधिक देकर 150 रुपये का भुगतान करना पड़ रहा है। वाराणसी से मऊ के लिए 200 से ऊपर तो गोरखपुर के लिए करीब 300 से अधिक प्रति यात्री भाड़ा का भुगतान करना पड़ रहा है।
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पुरानी रूट से चलाई जाएं बसें
गाजीपुर। समाजवादी जनता पार्टी चंद्रशेखर के पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रदेश सचिव व राष्ट्रीय कार्य समिति के सदस्य राम विजय सिंह यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं की बैठक कैंप कार्यालय चांडीपुर में हुई। इसमें वाराणसी के उच्चाधिकारियों से मांग की गई कि गाजीपुर से वाराणसी जाने वाली परिवहन विभाग रोडवेज को पुराने रूट पर संचालित कराया जाए। वर्तमान समय में एक घंटा अतिरिक्त समय के साथ अधिक किराया भी देना पड़ रहा है। कहा कि यह व्यवस्था श्रावण मास मेला को देखते हुए किया गया था, लेकिन मेला समाप्त हुए दो माह बीत चुका है। इस व्यवस्था से लाेगों रोष व्याप्त है।
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सावन में रूट डायर्जन किया गया था। लेकिन, सावन के समाप्त होने के बाद भी प्रशासन ने इसी रूट से बसों को चलाने के लिए कहा है। चूंकि किलोमीटर बढ़ गया है, इसलिए अधिक किराया लिया जा रहा है।-वीके पांडेय, एआरएम
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