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सारा दारोमदार बसपा के वोटरों पर
अमर उजाला ब्रयूराो, गाजीपुर/
Updated Fri, 13 May 2016 11:18 PM IST
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बसपा प्रतीक
जंगीपुर में विधानसभा उपचुनाव में बसपा ने अपना उम्मीदवार भले ही खड़ा नहीं किया है लेकिन चुनाव का सारा दारोमदार उसी के वोट बैंक पर टिका है। यदि बसपा का वोट बैंक बिखरा नहीं और किसी एक दल के साथ गया तो नतीजे अप्रत्याशित हो सकते हैं।
इसकी वजह है। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में बसपा दूसरे स्थान पर रही थी। उस समय सपा उम्मीदवार कैलाश यादव को 72,208 मत मिले थे जबकि दूसरे नंबर पर रहे बसपा के मनीष चंद्र पांडेय को 62, 740 मत मिले थे। भारतीय समाज पार्टी तीसरे स्थान पर रही थी, जिसके प्रत्याशी योगेंद्र सिंह को 21,550 वोट मिले थे। भाजपा प्रत्याशी रहे रमेश सिंह पप्पू को 10,035 वोट हासिल हुए थे। पप्पू इस बार भी चुनाव मैदान में हैं।
कांग्रेस प्रत्याशी शैलेश सिंह को 7,592 वोट मिले थे। शैलेश सिंह भी फिर चुनाव लड़ रहे हैं। जीत के बाद कैलाश सिंह सूबे में पंचायती राज मंत्री बने। जनवरी माह में उनके निधान के बाद इस सीट पर उनकी पत्नी किसमती देवी को सपा ने प्रत्याशी बनाया है। अलबत्ता भासपा ने योगेंद्र सिंह की जगह अबकी दिनेश मौर्य मैदान में उतारा है।
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इसकी वजह है। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में बसपा दूसरे स्थान पर रही थी। उस समय सपा उम्मीदवार कैलाश यादव को 72,208 मत मिले थे जबकि दूसरे नंबर पर रहे बसपा के मनीष चंद्र पांडेय को 62, 740 मत मिले थे। भारतीय समाज पार्टी तीसरे स्थान पर रही थी, जिसके प्रत्याशी योगेंद्र सिंह को 21,550 वोट मिले थे। भाजपा प्रत्याशी रहे रमेश सिंह पप्पू को 10,035 वोट हासिल हुए थे। पप्पू इस बार भी चुनाव मैदान में हैं।
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कांग्रेस प्रत्याशी शैलेश सिंह को 7,592 वोट मिले थे। शैलेश सिंह भी फिर चुनाव लड़ रहे हैं। जीत के बाद कैलाश सिंह सूबे में पंचायती राज मंत्री बने। जनवरी माह में उनके निधान के बाद इस सीट पर उनकी पत्नी किसमती देवी को सपा ने प्रत्याशी बनाया है। अलबत्ता भासपा ने योगेंद्र सिंह की जगह अबकी दिनेश मौर्य मैदान में उतारा है।
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