{"_id":"5e763c1e8ebc3e78c27f9461","slug":"broken-roof-plaster-employees-narrowly-escaped-ghazipur-news-vns517064339","type":"story","status":"publish","title_hn":"टूटकर गिरा छत का प्लास्टर, बाल-बाल बचे कर्मचारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टूटकर गिरा छत का प्लास्टर, बाल-बाल बचे कर्मचारी
विज्ञापन
गाजीपुर। सदर कोतवाली क्षेत्र के शास्त्रीनगर में स्थित श्रम कार्यालय के छत की प्लास्टर शनिवार की सुबह उखड़कर गिर गया। काम कर रहे तीन कर्मचारी बाल-बाल बच गए। इस घटना को लेकर कर्मचारियों में रोष व्याप्त हो गया। उनका कहना था कि कार्यालय भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। बावजूद इसके नया निर्माण नहीं कराया जा रहा है।
मालूम हो कि श्रम कार्यालय के सभी भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुके है। शनिवार की सुबह सहायक शेर अली प्रधान, कम्प्यूटर आपरेटर सुभाष राम, अखिलेश चौहान, पीयूषकांत तिवारी, लेखाकार रमेश सिंह कार्यालय मं बैठकर काम कर रहे थे। चपरासी प्रदीप कुमार भी अंदर मौजूद थे। इसी दौरान करीब साढ़े दस बजे अचानक छत का काफी हिस्से का प्लास्टर गिर पड़ा। इससे कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। वह भागकर बाहर निकले। जानकारी होते ही मौके पर विभाग के अन्य कर्मचारियों-अधिकारियों के साथ विभिन्न कार्यों के सिलसिले में आए लोगों की भीड़ लग गई।
लोगों में यह चर्चा शुरु हो गई कि संयोग अच्छा था कि कोई घायल नहीं हुआ। इस दुर्घटना को लेकर कर्मचारियो में रोष था। उनका कहना था कि कार्यालय का सभी भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। आएदिन किसी न किसी कमरा का प्लास्टर टूटकर गिरता रहता है। भवन जर्जर होने की जानकारी उच्चाधिकारियों को भी है। बावजूद इसके नया निर्माण नहीं कराया जा रहा है। यदि समय रहते निर्माण नहीं कराया गया तो कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मालूम हो कि श्रम कार्यालय के सभी भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुके है। शनिवार की सुबह सहायक शेर अली प्रधान, कम्प्यूटर आपरेटर सुभाष राम, अखिलेश चौहान, पीयूषकांत तिवारी, लेखाकार रमेश सिंह कार्यालय मं बैठकर काम कर रहे थे। चपरासी प्रदीप कुमार भी अंदर मौजूद थे। इसी दौरान करीब साढ़े दस बजे अचानक छत का काफी हिस्से का प्लास्टर गिर पड़ा। इससे कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। वह भागकर बाहर निकले। जानकारी होते ही मौके पर विभाग के अन्य कर्मचारियों-अधिकारियों के साथ विभिन्न कार्यों के सिलसिले में आए लोगों की भीड़ लग गई।
विज्ञापन
लोगों में यह चर्चा शुरु हो गई कि संयोग अच्छा था कि कोई घायल नहीं हुआ। इस दुर्घटना को लेकर कर्मचारियो में रोष था। उनका कहना था कि कार्यालय का सभी भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। आएदिन किसी न किसी कमरा का प्लास्टर टूटकर गिरता रहता है। भवन जर्जर होने की जानकारी उच्चाधिकारियों को भी है। बावजूद इसके नया निर्माण नहीं कराया जा रहा है। यदि समय रहते निर्माण नहीं कराया गया तो कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन