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बलिया सांसद ने लिखा पत्र जिले को सूखाग्रस्त घोषित करें
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कम बारिश होने के कारण जनपद में खरीफ की खेती प्रभावित होने को लेकर बलिया सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की। इससे गाजीपुर और बलिया के किसानों में उम्मीद जगी है।
इलाके में पिछले दो महीने में काफी कम बारिश होने से अधिकांश किसानों की धान समेत अन्य खरीफ की फसल चौपट हो गई। इसको देखते हुए किसान और अन्य संगठन भी जनपद को सूखाग्रस्त करने की मांग कर रहे थे। कम बारिश के बाद पिछले दिनों जनपद के रेवतीपुर ब्लॉक के कई गांवों समेत अन्य हिस्सों में गंगा का पानी घुसने से सैकड़ों एकड़ खेती बर्बाद हो गई है।
इसको देखते हुए सांसद ने शासन की ओर से टीम गठित करके इलाके का सर्वे कर सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की। साथ ही मुआवजे के अलावा एक वैकल्पिक खेती के बारे में विचार करने को कहा। इससे सूखे के कारण कम पैदावार की क्षतिपूर्ति की जा सके और खाद्यान्न संकट न उत्पन्न हो। साथ ही जिन इलाकों में फसल बची है। वहां बिजली आपूर्ति की जाए जिससे नलकूप के जरिए सिंचाई किया जा सके। वहीं, जिन इलाकों में नहर से सिंचाई की व्यवस्था है। वहां प्रशासन द्वारा टीम गठित कर नहर के टेल तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था सुदृढ़ किया जाए।
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इलाके में पिछले दो महीने में काफी कम बारिश होने से अधिकांश किसानों की धान समेत अन्य खरीफ की फसल चौपट हो गई। इसको देखते हुए किसान और अन्य संगठन भी जनपद को सूखाग्रस्त करने की मांग कर रहे थे। कम बारिश के बाद पिछले दिनों जनपद के रेवतीपुर ब्लॉक के कई गांवों समेत अन्य हिस्सों में गंगा का पानी घुसने से सैकड़ों एकड़ खेती बर्बाद हो गई है।
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इसको देखते हुए सांसद ने शासन की ओर से टीम गठित करके इलाके का सर्वे कर सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की। साथ ही मुआवजे के अलावा एक वैकल्पिक खेती के बारे में विचार करने को कहा। इससे सूखे के कारण कम पैदावार की क्षतिपूर्ति की जा सके और खाद्यान्न संकट न उत्पन्न हो। साथ ही जिन इलाकों में फसल बची है। वहां बिजली आपूर्ति की जाए जिससे नलकूप के जरिए सिंचाई किया जा सके। वहीं, जिन इलाकों में नहर से सिंचाई की व्यवस्था है। वहां प्रशासन द्वारा टीम गठित कर नहर के टेल तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था सुदृढ़ किया जाए।
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