गाजीपुर। जिले के लोग कोरोना मुक्त होने के बाद अभी ठीक से संभले भी नहीं थे कि नंदगंज के खिजिरपुर में एक नया मरीज मिल जाने से हलचल मच गई है। जिले में अब तक मिले छह मरीज पूरी तरह से ठीक हो गए थे और जिला आरेंज जोन से ग्रीन जोन की ओर बढ़ चला था। इधर, मरीज से जुड़े करीब 34 लोगों सहित जिले भर से 80 लोगों की सैंपलिंग की गई। इस दौरान 12 लोगों को क्वारंटीन भी किया गया है। जिले भर से अब तक 868 लोगों की सैंपलिंग की गई है, जिसमें से 150 लोगों की रिपोर्ट आनी बाकी है।
अप्रैल माह के शुरुआती सप्ताह में ही जिले में कोरोना के ताबड़तोड़ पांच मरीज मिले थे। इसमें चार बाहर से आए जमाती थे, जिसमें दो देहरादून तथा दो सहारनपुर के थे। बाद में एक और मरीज दिलदारनगर में पाया गया। यह सभी जमाती थे और जहां-तहां मस्जिदों में ही रह रहे थे और एक जलसे के दौरान ही संपर्क में आए थे। पहले इन मरीजों को मुहम्मदाबाद स्थित लेवल वन के अस्पताल में रखकर इलाज किया जा रहा था लेकिन बाद में सभी को वाराणसी के दीनदयाल उपाध्याय मंडलीय अस्पताल में भेज दिया गया। इलाज के बाद वाराणसी से ठीक होकर लौटे पांचों कोरोना के मरीजों को पहले तो हमीद सेतु स्थित शम्मे हुसैनी अस्पताल लेकिन बाद में उन्हें छावनी लाइन स्थित एक स्कूल में बनाए गए अस्थाई जेल में रख दिया गया। इसी बीच इन जमातियों के ही संपर्क में आई शहर की एक महिला भी कोरोना से संक्रमित हो गई। इसकी खोज अप्रैल माह के दूसरे सप्ताह में हुई। इस मरीज को सीधे वाराणसी भेज दिया गया। वह भी हाल ही में ठीक होकर आ गई। उसे रेलवे प्रशिक्षण केंद्र में क्वारंटीन किया गया है। इसी बीच शनिवार को फिर एक नया मरीज मिल गया, जिससे प्रशासन फिर हलाकान है।