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राजकीय मेडिकल कालेज के असिस्टेंट प्रोफेसरों ने ग्रहण किया पदभार
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गाजीपुर। राजकीय मेडिकल कालेज का भवन पूर्ण होने में भले ही एक माह से अधिक समय लग जाए, लेकिन प्रोफेसरों एवं डॉक्टरों की तैनाती का कार्य तेजी से चल रहा है। माइक्रो बायोलॉजी, पैथोलॉजी, मेडिसिन एवं एनाटमी विभाग के संचालन के लिए चार सहायक असिस्टेंट प्रोफेसरों ने पदभार ग्रहण कर लिया। वहीं 23 और एमबीबीएस की तैनाती होने से वर्तमान समय में जिला अस्पताल की चिकित्सकीय सुविधाएं सुदृढ़ होगी।
लंबे समय से डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे जिले को अब राहत मिलती दिख रही है। वहीं उपचार के लिए गैर जिलों एवं निजी अस्पतालों में महंगे उपचार के साथ चक्कर काटने वाले लोगों को छुटकारा मिल जाएगा। राजकीय मेडिकल कालेज का भवन अभी पूर्ण होने में करीब एक से दो माह लग सकता है। कोरोना संक्रमण काल के चलते पात्रता परीक्षा न होने से फिलहाल मेडिकल कालेज में कक्षाएं संचालित होने में देरी है। ऐसे में मेडिकल कालेज के छात्राओं की उपस्थिति, पढ़ाई के दौरान सहयोग करने और भर्ती मरीजों की देखभाल के लिए तैनात एमबीबीएस (नान पीजी रेजिडेंट) डॉक्टरों के आने से जिला अस्पताल में इलाज के लिए मरीजों को दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। वहीं असिस्टेंट प्रोफेसरों द्वारा उपचार को लेकर डॉक्टरों के साथ जहां रणनीति तैयार की जाएगी। वहीं इन विशेषज्ञ डॉक्टरों से मरीज परामर्श भी ले सकते हैं।
राजकीय मेडिकल कालेज के चार असिस्टेंट प्रोफेसरों एवं 23 एमबीबीएस ने जिला अस्पताल में पदभार ग्रहण कर लिया है। इससे चिकित्सकीय सुविधाएं काफी बेहतर हो जाएगी। - डा. राजेश सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल।
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लंबे समय से डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे जिले को अब राहत मिलती दिख रही है। वहीं उपचार के लिए गैर जिलों एवं निजी अस्पतालों में महंगे उपचार के साथ चक्कर काटने वाले लोगों को छुटकारा मिल जाएगा। राजकीय मेडिकल कालेज का भवन अभी पूर्ण होने में करीब एक से दो माह लग सकता है। कोरोना संक्रमण काल के चलते पात्रता परीक्षा न होने से फिलहाल मेडिकल कालेज में कक्षाएं संचालित होने में देरी है। ऐसे में मेडिकल कालेज के छात्राओं की उपस्थिति, पढ़ाई के दौरान सहयोग करने और भर्ती मरीजों की देखभाल के लिए तैनात एमबीबीएस (नान पीजी रेजिडेंट) डॉक्टरों के आने से जिला अस्पताल में इलाज के लिए मरीजों को दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। वहीं असिस्टेंट प्रोफेसरों द्वारा उपचार को लेकर डॉक्टरों के साथ जहां रणनीति तैयार की जाएगी। वहीं इन विशेषज्ञ डॉक्टरों से मरीज परामर्श भी ले सकते हैं।
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राजकीय मेडिकल कालेज के चार असिस्टेंट प्रोफेसरों एवं 23 एमबीबीएस ने जिला अस्पताल में पदभार ग्रहण कर लिया है। इससे चिकित्सकीय सुविधाएं काफी बेहतर हो जाएगी। - डा. राजेश सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल।
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