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Ghazipur News: मुख्तार के गैंगस्टर मामले में बहस पूरी, 15 को फैसला
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अपर सत्र न्यायाधीश / एमपीएमएलए कोर्ट दुर्गेश की अदालत ने 1996 के गैंगस्टर के मुकदमे में मुख्तार अंसारी और भीम सिंह के मामले में सोमवार को आरोपियों के तरफ से बहस पूरी हो गई। न्यायालय ने फैसले के लिए 15 दिसंबर की तिथि नियत की है।
मालूम हो कि तीन अगस्त 1991 दोपहर एक बजे अजय राय अपने भाई अवधेश राय के साथ वाराणसी स्थित मकान के गेट पर खड़े थे। इतने में एक सफेद रंग की मारुति वैन आई, जिसमे मुख्तार अंसारी सहित कुछ लोग मौजूद थे। वे वाहन से उतरे और ताबड़तोड़ अवधेश राय पर फायर कर दिए। सभी के हाथ में असलहे थे।
सभी लोगों ने मारुति वैन से भागने का प्रयास किया। अजय राय ने भी अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायर किया। इसके बाद सभी लोग वाहन छोड़कर भाग गए। अजय राय घायल भाई अवधेश राय को कबीर चौरा अस्पताल ले गए, जहां पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। इसी मामलों को लेकर मुख्तार अंसारी और भीम सिंह के विरुद्ध थाना कोतवाली में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। इस मामले का विचारण अदालत में चल रहा है।
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गवाह नहीं हुए हाजिर, 19 की तिथि नियत
गाजीपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शरद कुमार चौधरी की अदालत में सोमवार को 21 साल पुराने विधिविरुद्ध जमाव एवं तोड़फोड़ के मामले में सांसद अफजाल अंसारी और अन्य के मामले में सोमवार को अभियोजन की तरफ से कोई गवाह नहीं हाजिर हुआ। शेष गवाही के लिए 19 दिसंबर की तिथि नियत की गई हैं।
मालूम हो कि नौ अगस्त 2001 को सपा के प्रदेश बंद कार्यक्रम के संबंध में तत्कालीन विधायक अफजाल अंसारी मंडी समिति से चार हजार लोगों के साथ जुलूस लेकर तहसील पहुंचे। वहां मुहम्मदाबाद एसडीएम के कार्यालय में पहुंचे। सूचना पर तत्कालीन सीओ समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन लोगों को रोकने प्रयास किया गया।
इसके बावजूद भी घुस गए और दरवाजा खिड़की के शीशा, बेंच आदि तोड़ने लगे। उनको गिरफ्तार करने का प्रयास किया तो भीड़ में शामिल होकर सभा करने लगे। इस घटना के बाद पुलिस ने कोतवाली में अफजाल अंसारी सहित कुल नौ आरोपियों के खिलाफ विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया और विवेचना उपरांत आरोप पत्र प्रेषित किया।
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मालूम हो कि तीन अगस्त 1991 दोपहर एक बजे अजय राय अपने भाई अवधेश राय के साथ वाराणसी स्थित मकान के गेट पर खड़े थे। इतने में एक सफेद रंग की मारुति वैन आई, जिसमे मुख्तार अंसारी सहित कुछ लोग मौजूद थे। वे वाहन से उतरे और ताबड़तोड़ अवधेश राय पर फायर कर दिए। सभी के हाथ में असलहे थे।
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सभी लोगों ने मारुति वैन से भागने का प्रयास किया। अजय राय ने भी अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायर किया। इसके बाद सभी लोग वाहन छोड़कर भाग गए। अजय राय घायल भाई अवधेश राय को कबीर चौरा अस्पताल ले गए, जहां पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। इसी मामलों को लेकर मुख्तार अंसारी और भीम सिंह के विरुद्ध थाना कोतवाली में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। इस मामले का विचारण अदालत में चल रहा है।
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गवाह नहीं हुए हाजिर, 19 की तिथि नियत
गाजीपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शरद कुमार चौधरी की अदालत में सोमवार को 21 साल पुराने विधिविरुद्ध जमाव एवं तोड़फोड़ के मामले में सांसद अफजाल अंसारी और अन्य के मामले में सोमवार को अभियोजन की तरफ से कोई गवाह नहीं हाजिर हुआ। शेष गवाही के लिए 19 दिसंबर की तिथि नियत की गई हैं।
मालूम हो कि नौ अगस्त 2001 को सपा के प्रदेश बंद कार्यक्रम के संबंध में तत्कालीन विधायक अफजाल अंसारी मंडी समिति से चार हजार लोगों के साथ जुलूस लेकर तहसील पहुंचे। वहां मुहम्मदाबाद एसडीएम के कार्यालय में पहुंचे। सूचना पर तत्कालीन सीओ समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन लोगों को रोकने प्रयास किया गया।
इसके बावजूद भी घुस गए और दरवाजा खिड़की के शीशा, बेंच आदि तोड़ने लगे। उनको गिरफ्तार करने का प्रयास किया तो भीड़ में शामिल होकर सभा करने लगे। इस घटना के बाद पुलिस ने कोतवाली में अफजाल अंसारी सहित कुल नौ आरोपियों के खिलाफ विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया और विवेचना उपरांत आरोप पत्र प्रेषित किया।