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Ghazipur News: कोडीन सिरप के आरोपी का प्रार्थनापत्र खारिज
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कोडिन कफ सिरप मामले के आरोपी अंकित श्रीवास्तव की ओर से आरोप मुक्त किए जाने के लिए प्रस्तुत उन्मोचन प्रार्थना पत्र को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम शक्ति सिंह की अदालत ने बुधवार को खारिज कर दिया। साथ ही आरोप तय करने के लिए 13 अक्तूबर की तिथि तय की है।
न्यायालय ने बताया कि आरोपी अंकित श्रीवास्तव की ओर से प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया गया कि आवेदक शुभम फर्म खानपुर बाजार तहसील सैदपुर जिला-गाजीपुर का प्रोपराइटर है। विवेचक द्वारा दौरान विवेचना संकलित साक्ष्यों से यह प्रमाणित है कि आरोपी की उपस्थिति में आवेदक के शुभम फर्म खानपुर का निरीक्षण नहीं किया गया था और न तो वहां से कोई अनियमितता ही पाई गई। यहीं नहीं, वहां कोडिन कफ सिरप अथवा नारकोटिक्स ड्रग्स का भंडारण भी नहीं पाया गया।
विवेचक द्वारा बिना साक्ष्य संकलित किए हुए आवेदक आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र प्रेषित कर दिया गया है। आवेदक की फर्म अथवा आवेदक के कब्जे से किसी भी प्रकार के सामान की बरामदगी नहीं हुई है। इस परिस्थिति में भी एनडीपीएस की धाराएं, जिसके तहत आरोप पत्र प्रेषित किया गया है, लागू नहीं होते हैं। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों से धाराओं के तहत आरोप विरचित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य या उचित आधार नहीं है। ऐसे में आरोप मुक्त किया जाए।
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अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम शक्ति सिंह द्वारा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का विश्लेषण करते हुए यह पाया गया कि विधि विरुद्ध तरीके से नशे के रूप में प्रयोगार्थ कोडीन कफ सिरप को विक्रय किए जाने का पर्याप्त साक्ष्य केस डायरी पर आरोप के विरचन के लिए उपलब्ध है और एनडीपीएस एक्ट के प्रावधान लागू होते हैं। न्यायालय ने आरोपी अंकित श्रीवास्तव की ओर से प्रस्तुत प्रार्थना पत्र-निरस्त करते हुए 13 अक्तूबर की तिथि आरोप तय करने के लिए तय की है।
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न्यायालय ने बताया कि आरोपी अंकित श्रीवास्तव की ओर से प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया गया कि आवेदक शुभम फर्म खानपुर बाजार तहसील सैदपुर जिला-गाजीपुर का प्रोपराइटर है। विवेचक द्वारा दौरान विवेचना संकलित साक्ष्यों से यह प्रमाणित है कि आरोपी की उपस्थिति में आवेदक के शुभम फर्म खानपुर का निरीक्षण नहीं किया गया था और न तो वहां से कोई अनियमितता ही पाई गई। यहीं नहीं, वहां कोडिन कफ सिरप अथवा नारकोटिक्स ड्रग्स का भंडारण भी नहीं पाया गया।
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विवेचक द्वारा बिना साक्ष्य संकलित किए हुए आवेदक आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र प्रेषित कर दिया गया है। आवेदक की फर्म अथवा आवेदक के कब्जे से किसी भी प्रकार के सामान की बरामदगी नहीं हुई है। इस परिस्थिति में भी एनडीपीएस की धाराएं, जिसके तहत आरोप पत्र प्रेषित किया गया है, लागू नहीं होते हैं। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों से धाराओं के तहत आरोप विरचित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य या उचित आधार नहीं है। ऐसे में आरोप मुक्त किया जाए।
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अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम शक्ति सिंह द्वारा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का विश्लेषण करते हुए यह पाया गया कि विधि विरुद्ध तरीके से नशे के रूप में प्रयोगार्थ कोडीन कफ सिरप को विक्रय किए जाने का पर्याप्त साक्ष्य केस डायरी पर आरोप के विरचन के लिए उपलब्ध है और एनडीपीएस एक्ट के प्रावधान लागू होते हैं। न्यायालय ने आरोपी अंकित श्रीवास्तव की ओर से प्रस्तुत प्रार्थना पत्र-निरस्त करते हुए 13 अक्तूबर की तिथि आरोप तय करने के लिए तय की है।